अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। डेहरी ईओ हत्याकांड के विरोध में आज गुरुवार (6 अगस्त) को राजद के कार्यकर्ताओं ने डेहरी में विरोध मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मामले में उचित जांच कर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। इसके साथ ही कार्यपालक पदाधिकारी की पत्नी द्वारा डेहरी के स्थानीय विधायक सोनू सिंह पर प्रताड़ना एवं पैसे मांगने को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों की भी जांच की मांग की।
सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग
राजद कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक से जुलूस निकाला तथा डेहरी के अनुमंडल कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इन लोगों का कहना है कि वर्तमान सरकार में अधिकारियों की हत्या हो रही है। बता दें कि इस विरोध मार्च में डेहरी डालमियानगर नगर परिषद के कई वार्ड पार्षद भी शामिल हुए। साथ ही डेहरी नगर निकाय के मुख्य पार्षद शशि कुमारी के जेठ तथा राजद के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के महासचिव गुड्डू चंद्रवंशी भी शामिल हुए और उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की जांच करने की मांग की।
लोजपा विधायक सोनू सिंह के भूमिका की हो जांच
गुड्डू चंद्रवंशी ने कहा कि मृतक अधिकारी की पत्नी के बयान को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय विधायक सोनू सिंह की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि, स्थानीय विधायक सोनू सिंह का मगध रेंज के आईजी से पुराना संबंध है। दोनों एक ही संस्था से जुड़े हैं। ऐसे में उनके द्वारा किए जा रहे जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। बता दें कि इस जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया तथा कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या के दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
ड्राइवर ने कबूल की हत्या की बात
उधर ईओ विमल कुमार हत्याकांड में पुलिस पूछताछ के दौरान उनके ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपी ने बताया कि छुट्टी न मिलने और लगातार प्रताड़ित किए जाने के तनाव में उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। इस पूरे मामले की जांच के लिए प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया है।
पत्नी ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
हालांकि दूसरी ओर मृतक की पत्नी ने स्थानीय विधायक सोनू सिंह पर रंगदारी मांगने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसे लेकर विपक्ष दल के नेता लगातार सरकार पर हमलावर हैं और सरकार पर विधायक को बचाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, आरोपी ड्राइवर की पत्नी का कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर उनपर दबाव डालकर गलत बयान दिलवाया है।
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