दिल्ली में अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम के मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने सख्त रुख अपनाया है। सराय काले खां, रिंग रोड पर ठेला लगाने की अनुमति मांगने वाले एक लाइसेंसधारी विक्रेता को अदालत से राहत नहीं मिली। याचिकाकर्ता ने अदालत में गुहार लगाई थी कि MCD ने उसका ठेला हटा लिया है और उसका सामान वापस दिलाने के साथ ही दोबारा उसी स्थान पर ठेला लगाने की अनुमति दी जाए।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सराय काले खां स्थित रिंग रोड पर लगातार लगने वाले जाम को गंभीर समस्या बताया। अदालत ने कहा कि इस इलाके में लंबे समय से ट्रैफिक बाधित हो रहा है, जिसके पीछे अवैध रूप से खड़े वाहनों और बड़ी संख्या में मोबाइल विक्रेताओं की भी भूमिका है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसे हालात में वहां दोबारा ठेला लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अदालत ने कहा कि इस इलाके में लगातार लगने वाला जाम गंभीर समस्या बन चुका है और इससे निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों को ठोस कदम उठाने होंगे। मामले की सुनवाई के दौरान MCD की ओर से पेश की गई तस्वीरों पर भी कोर्ट ने चिंता जताई। इन तस्वीरों में इलाके में भारी ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्था की स्थिति सामने आई। यह आदेश जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की पीठ ने एक दिव्यांग मोबाइल विक्रेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने संबंधित स्थान पर ठेला लगाने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान MCD ने अदालत को बताया कि यह इलाका बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशन के पास होने के कारण बेहद व्यस्त रहता है। एमसीडी के अनुसार, बड़ी संख्या में ठेले और अवैध रूप से खड़े वाहनों के कारण रिंग रोड पर रोजाना जाम की स्थिति बनती है, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। सुनवाई के दौरान निगम ने जो तस्वीरें पेश कीं, उनमें इलाके की अव्यवस्था, ठेलों की भीड़ और गंदगी साफ नजर आई। इन हालातों को देखते हुए अदालत ने ट्रैफिक प्रबंधन और अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
एमसीडी के अनुसार, यह इलाका बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशन के पास होने की वजह से हमेशा भीड़भाड़ वाला रहता है। यहां फैली गंदगी और ठेलों की अधिक संख्या के चलते यात्रियों को अपने सामान के साथ बस अड्डे या स्टेशन तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ता है। मामले में एक 50 फीसदी दिव्यांग व्यक्ति ने याचिका दायर कर कहा था कि MCD ने उसका लाइसेंसधारी ठेला हटा लिया है और उसका सामान वापस दिलाया जाए। साथ ही उसने उसी स्थान पर फिर से ठेला लगाने की अनुमति भी मांगी थी। अदालत ने संबंधित स्थान पर ठेला लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए MCD को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए और उसे आयुक्त से मिलने का अवसर दिया जाए।
शालीमार बाग में जाम खत्म करने की तैयारी
PWD ने रोड नंबर-320 को चौड़ा करने की योजना तैयार की है, जिस पर करीब 16.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह सड़क शालीमार बाग में रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) से मोहल्ला क्लीनिक तक फैली हुई है। करीब 1.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क को लगभग 10 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा, जिससे यातायात अधिक सुगम हो सकेगा। रेलवे अंडर ब्रिज के पास अक्सर भारी जाम लगता है, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। सड़क चौड़ी होने के बाद इस समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रैफिक जाम में कमी आएगी यात्रा समय घटेगा स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को सुविधा मिलेगी ।
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