दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट (Delhi High Court) में ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ (Delhi Lakshmi Yojana) के तहत लाभ लेने के लिए सांसद या विधायक की सिफारिश की शर्त का बचाव किया है। सरकार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सिफारिश की यह शर्त पूरी तरह वैध है और इसे योजना का हिस्सा बनाना नीतिगत निर्णय है। सरकार (Delhi Government) ने अपने जवाब में कहा कि योजना के तहत अब तक 7.32 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उसके मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलना इस बात का संकेत है कि महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की व्यापक परेशानी नहीं हो रही है।
सिफारिशों वाले 7.32 लाख आवेदन मिले
दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट में ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत इलाके के सांसद या विधायक की सिफारिश की अनिवार्य शर्त का बचाव किया है। सरकार ने बताया कि इस शर्त के तहत अब तक करीब 7.32 लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अदालत में कहा कि सांसद या विधायक की सिफारिश की शर्त को चुनौती देने वाली याचिका प्रेरित है। विभाग के मुताबिक, याचिका में कोई वास्तविक जनहित का पहलू नहीं है।
याचिकाकर्ता के मुकदमा करने के अधिकार पर उठाया सवाल
दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने हाई कोर्ट से याचिका खारिज करने की मांग करते हुए याचिकाकर्ता के मुकदमा दायर करने के अधिकार पर भी सवाल उठाया। विभाग ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप स्वीकार करने योग्य नहीं हैं। सरकार ने इस दावे को भी खारिज किया कि आर्थिक रूप से कमजोर और हाशिए पर रहने वाली महिलाओं को योजना के तहत जरूरी मंजूरी लेने के लिए सांसदों और विधायकों के कार्यालयों या आवासों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
नीतिगत फैसले की समीक्षा का अधिकार सीमित
दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि अब तक स्थानीय सांसदों और विधायकों की मंजूरी वाले 7,32,814 फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। सरकार के मुताबिक, यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना में रखी गई इस शर्त से लाभार्थियों को कोई व्यापक परेशानी नहीं हो रही है। सरकार ने यह भी कहा कि अदालतों द्वारा नीतिगत फैसलों की समीक्षा का दायरा सीमित होता है। उसके अनुसार, याचिकाकर्ता यह साबित करने में नाकाम रहा है कि सांसद या विधायक की मंजूरी अनिवार्य करने वाली शर्त में कोई कानूनी खामी है।
इन योजनाओं का दिया हवाला
दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट में दलील दी कि यह याचिका जनहित के दायरे में नहीं आती है। सरकार के मुताबिक, इलाके के सांसद या विधायक की सिफारिश की शर्त को कैबिनेट से मंजूर दिशा-निर्देशों के तहत योजना में शामिल किया गया है। सरकार ने अपनी दलील के समर्थन में ऐसी कई सरकारी योजनाओं का भी हवाला दिया, जिनमें सांसद या विधायक की सिफारिश की जरूरत होती है। इनमें NDMC पेंशन योजना, आंध्र प्रदेश की भोजन और आश्रय से जुड़ी कश्यप योजना, ओडिशा मुख्यमंत्री राहत कोष और डॉ. अंबेडकर योजना शामिल हैं।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



