दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में घरेलू सहायिका की निर्मम हत्या के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉक्टर मनीष गुप्ता (50) ने वर्षों से अपने घर में चाकू, तलवार और खुकरी जैसे धारदार हथियारों का बड़ा संग्रह बना रखा था। जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल की गई खुकरी भी इसी निजी संग्रह का हिस्सा थी।

क्रिकेट बैट से हमला, फिर खुकरी से रेता गला

पुलिस के मुताबिक, 19 जून को 45 वर्षीय मीना, जो पिछले 15 वर्षों से डॉक्टर के घर में काम कर रही थीं, रोज की तरह काम पर पहुंची थीं। कपड़े सुखाने के लिए जैसे ही वह छत पर गईं, डॉक्टर ने उन पर हमला कर दिया। पहले उन्होंने बेटे का क्रिकेट बैट लेकर मीना पर कई वार किए और फिर खुकरी से उनका गला रेत दिया। घटना के बाद मीना का शव छत पर पड़ा मिला।

मेडिकल चीरे जैसा था घाव

जांच अधिकारियों ने बताया कि मृतका की गर्दन पर मिला घाव किसी चिकित्सकीय चीरे (मेडिकल इन्सिजन) जैसा प्रतीत हुआ। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खुकरी बरामद कर ली है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि डॉक्टर विभिन्न राज्यों की यात्राओं के दौरान ऐसे हथियार स्मृति चिन्ह के रूप में इकट्ठा करते थे।

मानसिक बीमारी के एंगल की भी जांच

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. मनीष गुप्ता पिछले लगभग 10 वर्षों से डिप्रेशन और ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) का इलाज करा रहे थे। अब यह जांच की जा रही है कि कहीं उन्होंने अपनी दवाइयां लेना तो बंद नहीं कर दिया था। हालांकि परिवार का दावा है कि इससे पहले उन्होंने कभी हिंसक व्यवहार नहीं किया।

आरोपी गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत

घटना के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची तो डॉक्टर घर के भीतर मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर कहा, “मुझे फांसी दे दो।” पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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