दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के मामले में दिल्ली नगर निगम (MCD) ने गुरुवार को बिल्डिंग डिपार्टमेंट के 3 और अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इन अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। MCD के मुताबिक, निलंबित किए गए अधिकारियों में एक असिस्टेंट इंजीनियर (AE) और दो जूनियर इंजीनियर (JE) शामिल हैं। निगम ने यह कार्रवाई सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद अनधिकृत निर्माण और भवनों की निगरानी में कथित लापरवाही की जांच के बीच की है।

सोमवार को भी 5 अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई

MCD की ताजा कार्रवाई सोमवार को पांच अधिकारियों के निलंबन के बाद हुई है। इसके साथ ही सत्य निकेतन हादसे के बाद बिल्डिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों पर कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है। निगम की ओर से अनधिकृत निर्माण के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई में लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा रही है। सत्य निकेतन हादसे की जांच के बीच MCD के स्तर पर लगातार कार्रवाई किए जाने से साफ है कि निगम अब भवनों की निगरानी और अवैध निर्माण को लेकर जवाबदेही तय करने पर जोर दे रहा है।

MCD की ओर से गुरुवार को जारी आदेश के मुताबिक, साउथ वेस्ट जोन, जिसे पहले नजफगढ़ जोन के नाम से जाना जाता था, के बिल्डिंग डिपार्टमेंट में तैनात असिस्टेंट इंजीनियर (AE) रविंदर कुमार को लागू नियमों के तहत निलंबित किया गया है। इसी डिपार्टमेंट और जोन में जूनियर इंजीनियर (JE) के पद पर तैनात सुमन सौरभ और मोहित यादव को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

अब तक 41 इमारतें गिराई गईं

MCD ने बताया कि रविवार को हुए पीजी हादसे के बाद से अब तक 41 इमारतों को गिराया जा चुका है, जबकि अनधिकृत पाई गई 61 इमारतों को सील किया गया है। निगम के मुताबिक, इसके अलावा कई अन्य संपत्तियों की भी पहचान की गई है। इनके खिलाफ लागू कानूनों और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई का उद्देश्य राजधानी में अनधिकृत और नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माण पर रोक लगाना और भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

 ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी’

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत निर्माण से निपटने में अधिकारियों की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही या ड्यूटी में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगम ने फील्ड स्तर के अधिकारियों को सतर्क रहने और तय नियमों व प्रक्रियाओं के अनुसार भवन निर्माण में होने वाले उल्लंघनों के खिलाफ समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नगर निकाय ने कहा है कि सभी स्तरों पर सख्त जवाबदेही बनाए रखी जाएगी। जो अधिकारी अपनी ड्यूटी ठीक से निभाने में विफल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पूरी दिल्ली में बिल्डिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अनधिकृत निर्माण रोकने के लिए जरूरी प्रवर्तन और प्रशासनिक उपाय जारी रहेंगे।

PG भवनों का व्यापक फील्ड सर्वे जारी

MCD की ओर से पीजी आवासीय भवनों का व्यापक फील्ड सर्वेक्षण भी लगातार जारी है। इसका उद्देश्य ऐसे भवनों का विस्तृत डेटाबेस तैयार करने के साथ-साथ आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तय करना है। निगम के मुताबिक, अब तक के सर्वेक्षण में करीब 1,355 ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जहां पीजी सुविधाएं संचालित हो रही हैं। इन भवनों में 27 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं। सर्वेक्षण के आधार पर नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत निर्माण वाले भवनों पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले पांच अधिकारियों को किया था सस्पेंड

गौरतलब है कि MCD की यह कार्रवाई दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस में रविवार दोपहर लड़कों के लिए संचालित एक PG भवन के ढहने के बाद से जारी है। हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि सात अन्य घायल हुए थे। हादसे के एक दिन बाद MCD ने अपने पांच अधिकारियों को निलंबित किया था। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर (DC) राकेश कुमार और चार इंजीनियर शामिल थे। इन अधिकारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक निलंबित किया गया था।

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