दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़ी साजिश मामले में आरोपी ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से जवाब तलब किया है। हाई कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह ताहिर हुसैन की उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करे, जिसमें उन्होंने कड़कड़डूमा कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में हुई 67 दिनों की देरी को माफ करने की मांग की है।

हाई कोर्ट ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई जुलाई में करेगा। अदालत ने यह सुनवाई 14 जुलाई की बजाय अब 16 जुलाई को निर्धारित की है। यह मामला UAPA के तहत दर्ज उस केस से जुड़ा है, जिसमें आरोपी ने निचली अदालत के 29 जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। हाई कोर्ट इससे पहले इस मामले में दिल्ली पुलिस से जवाब भी मांग चुका है, खासकर उस याचिका पर जिसमें अपील दाखिल करने में हुई 67 दिनों की देरी को माफ करने की मांग की गई है।

आरोप तय करने पर लगी रोक हटी

दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 के दंगों से जुड़े कथित “बड़ी साजिश” मामले में आरोप तय करने पर लगी अंतरिम रोक को हटा दिया है और ट्रायल कोर्ट को अंतिम आदेश पारित करने की अनुमति दे दी है। यह आदेश जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की अदालत ने आरोपी देवांगना कलिता की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पुलिस को मामले से जुड़े कुछ वीडियो और व्हाट्सएप चैट उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से यह भी आग्रह किया गया कि पुलिस को अतिरिक्त डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए, लेकिन अदालत ने इस मांग पर सहमति नहीं जताई। हालांकि, कोर्ट ने एक अन्य याचिका पर राहत देते हुए कलिता को UAPA के तहत मामले में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों का अध्ययन करने की अनुमति दे दी है, ताकि वह अपने बचाव की तैयारी कर सकें।

ताहिर समेत कई लोगों पर केस

देवांगना कलिता ने वर्ष 2023 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर यह दावा किया था कि दिल्ली पुलिस ने फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को रिकॉर्ड करने के लिए कुछ व्यक्तियों को नियुक्त किया था। उनका तर्क था कि निचली अदालत में आरोप तय करने पर बहस शुरू होने से पहले उन्हें संबंधित वीडियो फुटेज उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

इस मामले में छात्र कार्यकर्ता देवांगना कलिता के साथ-साथ नताशा नरवाल, जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी की सदस्य सफूरा जरगर, ताहिर हुसैन और कई अन्य लोगों के खिलाफ उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों से संबंधित अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह मामला 2020 दिल्ली दंगों से जुड़ा हुआ है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

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