कई वर्षों के लंबे इंतजार के बाद दिल्ली चिड़ियाघर के मॉडर्नाइजेशन का रास्ता साफ हो गया है। चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण से जुड़े निर्माण कार्य की शुरुआत अगले महीने से होने जा रही है। परियोजना के तहत मथुरा रोड से लेकर चिड़ियाघर परिसर के अंदर तक बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव किए जाएंगे। मॉडर्नाइजेशन का उद्देश्य चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए भी आधुनिक सुविधाएं विकसित करना है। परियोजना के पहले चरण की शुरुआत करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘एंट्रेंस प्लाजा’(World-class entry) से होगी।
विजिटर्स की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया डिजाइन
एंट्रेंस प्लाजा का डिजाइन मुख्य रूप से विजिटर्स की सुविधा और बेहतर आवाजाही को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। चिड़ियाघर में प्रवेश करने वाले लोगों को यहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। मॉडर्नाइजेशन के तहत प्रवेश व्यवस्था से लेकर परिसर के अंदर बुनियादी ढांचे को आधुनिक रूप दिया जाएगा। इससे चिड़ियाघर आने वाले लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ वन्यजीवों के लिए भी अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। परियोजना के तहत केवल चिड़ियाघर के अंदर ही बदलाव नहीं किए जाएंगे, बल्कि मथुरा रोड से चिड़ियाघर परिसर तक के बुनियादी ढांचे को भी बेहतर बनाने की योजना है। आने वाले समय में प्रवेश और आवागमन से जुड़ी सुविधाओं में सुधार के साथ परिसर का समग्र रूप भी बदला जाएगा।
एंट्रेंस प्लाजा में मिलेगी एंट्री-एग्जिट और पार्किंग की सुविधा
करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एंट्रेंस प्लाजा में विजिटर्स की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास के साथ पार्किंग समेत कई जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे चिड़ियाघर पहुंचने वाले लोगों को प्रवेश के दौरान बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी और वाहनों की पार्किंग की समस्या भी कम होने की उम्मीद है।
DTC बस से आने वालों को मथुरा रोड पर नहीं उतरना पड़ेगा
मॉडर्नाइजेशन योजना के तहत डीटीसी बस से चिड़ियाघर आने वाले लोगों के लिए भी सुविधा बढ़ाई जाएगी। उन्हें अब मथुरा रोड पर उतरकर चिड़ियाघर तक पैदल जाने की जरूरत नहीं होगी। एंट्रेंस प्लाजा को इस तरह विकसित किया जाएगा कि बस से आने वाले विजिटर्स को चिड़ियाघर के प्रवेश क्षेत्र तक बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
आठ एकड़ मुख्य गेट की जमीन होगी विकसित
योजना के तहत चिड़ियाघर के मुख्य गेट की करीब आठ एकड़ जमीन को विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही पुराने किले की करीब दो एकड़ जमीन को भी परियोजना में शामिल किया गया है। इन दोनों हिस्सों को विकसित कर चिड़ियाघर के प्रवेश क्षेत्र और आसपास के बुनियादी ढांचे को नया स्वरूप देने की तैयारी है।
यू-आकार की तीन लेन से व्यवस्थित होगा ट्रैफिक, DTC बसों के लिए अलग लेन
करीब 10 एकड़ क्षेत्र में फुटपाथ के साथ यू-आकार की तीन लेन विकसित की जाएंगी। इन लेन का एंट्री और एग्जिट मथुरा रोड की तरफ होगा। यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए तीनों लेन का इस्तेमाल अलग-अलग उद्देश्य के लिए किया जाएगा। पहली लेन में DTC बसों के लिए व्यवस्था होगी। दूसरी लेन में कार और थ्री-व्हीलर से आने वाले विजिटर्स के लिए पिक एंड ड्रॉप सुविधा विकसित की जाएगी। वहीं तीसरी लेन में सरफेस पार्किंग बनाई जाएगी। पार्किंग में निर्धारित समय से अधिक देर तक वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्किंग की सुविधा मिल सके।
मथुरा रोड की तरफ बनेगा बड़ा प्रवेश द्वार
मॉडर्नाइजेशन के तहत मथुरा रोड की तरफ चिड़ियाघर का बड़ा प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इसके अलावा मथुरा रोड को सुरक्षित तरीके से पार करने के लिए सुंदर नगर फ्लाईओवर का विस्तार कर एक लूप चिड़ियाघर परिसर तक बनाए जाने की योजना है। इससे चिड़ियाघर और पुराने किले की ओर जाने वाले लोगों को मथुरा रोड पार करने में सुविधा होगी और सड़क पर पैदल यात्रियों की आवाजाही भी अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
विजिटर सेंटर में मिलेगी जानवरों और रास्तों की जानकारी
एंट्रेंस प्लाजा में विजिटर सेंटर भी विकसित किया जाएगा। यहां स्क्रीन और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोग चिड़ियाघर के अलग-अलग बाड़ों में मौजूद जानवरों, उनके स्थान और वहां तक पहुंचने के रास्ते की जानकारी हासिल कर सकेंगे।विजिटर सेंटर में बैठने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा यहां ‘सॉविनियर शॉप’ बनाई जाएगी, जहां विजिटर्स चिड़ियाघर की याद के तौर पर टी-शर्ट, कैप, कॉफी मग, कैलेंडर और अन्य स्मृति चिह्न खरीद सकेंगे।
चिड़ियाघर के मॉडर्नाइजेशन के लिए केंद्र ने मंजूर किए 400 करोड़ रुपये
दिल्ली चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण की पूरी योजना के लिए केंद्र सरकार करीब 400 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है। इस राशि से चिड़ियाघर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के साथ विजिटर्स और वन्यजीवों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मॉडर्नाइजेशन के पहले चरण में बनने वाले एंट्रेंस प्लाजा का निर्माण 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद परियोजना के अन्य हिस्सों पर भी चरणबद्ध तरीके से काम आगे बढ़ाया जाएगा।
‘वन तारा’ की सिफारिशें भी योजना में शामिल
चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण की योजना तैयार करते समय रिलायंस के ग्रीन जू रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर, जिसे ‘वन तारा’ के नाम से भी जाना जाता है, की सिफारिशों को शामिल किया गया है। इस संबंध में संबंधित पक्षों के बीच एमओयू भी हो चुका है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


