कुंदन कुमार, पटना। बिहार में महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत उन महिलाओं और युवतियों को अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने का दूसरा मौका मिलेगा, जो किन्हीं कारणों से अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़ चुकी थीं। इस योजना के जरिए अब जीविका दीदियों को 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं से जोड़कर उन्हें शिक्षित करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
सहयोगी संस्थाओं की संयुक्त पहल
बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबोस), जीविका, एजुकेट गर्ल्स और प्रथम संस्था ने मिलकर इस अनूठी मुहिम की रूपरेखा तैयार की है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्यभर की जीविका दीदियों को प्रेरित करना है ताकि वे आगे आएं और इन बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होकर अपनी शैक्षणिक योग्यता को नया आयाम दे सकें। शिक्षा विभाग का मानना है कि शिक्षित महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनती हैं बल्कि पूरे परिवार और समाज के विकास में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
रोजगार और आजीविका से जुड़ाव
कार्यक्रम के दौरान मंत्री मिथलेश तिवारी ने बताया कि सरकार जीविका दीदियों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उनके शैक्षणिक विकास के लिए भी कई योजनाएं धरातल पर उतार रही है। वर्तमान में एक बड़ी योजना के तहत मॉडल स्कूलों के बच्चों की यूनिफॉर्म (पोशाक) सिलने का कार्य जीविका दीदियों द्वारा ही किया जा रहा है। इसी तर्ज पर उन्हें साक्षर और शिक्षित करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है ताकि वे शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकें।
सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प
बिहार के सरकारी विद्यालयों की सूरत बदलने को लेकर भी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। मंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा। इसके तहत स्कूलों की रंगाई-पुताई और ढांचागत सुधार कर उन्हें बिल्कुल नए और आकर्षक रूप में विकसित किया जाएगा ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
निजी और सरकारी स्कूलों के बीच समन्वय पर जोर
पटना के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे मंत्री ने विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निजी विद्यालयों के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने निजी विद्यालयों के शिक्षकों और प्रबंधकों से एक विशेष आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे अपने आसपास स्थित सरकारी स्कूलों पर भी विशेष ध्यान दें और अपने अनुभव साझा कर वहां के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने में सहयोग करें, जिससे समग्र शिक्षा प्रणाली को मजबूती मिल सके।



