कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में महिला सुरक्षा को लेकर अपनाई गई नई रणनीति का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। डीजीपी अजय सिंघल के नेतृत्व में महिला सुरक्षा के लिए तय किए गए ‘4 कोर एरिया प्लान’ ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर काफी हद तक लगाम लगाने में सफलता हासिल की है। प्रदेश में दुष्कर्म, अपहरण और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 में प्रदेश में दुष्कर्म के 1716 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 1033 रह गए हैं। इसी तरह महिलाओं के अपहरण के मामले 2958 से घटकर 1249 तक पहुंच गए, जबकि घरेलू हिंसा के मामलों में भी कमी दर्ज की गई है और यह आंकड़ा 5755 से घटकर 4562 हो गया है।
पुलिस विभाग के अनुसार, डीजीपी अजय सिंघल के नेतृत्व में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 4 कोर एरिया पर विशेष फोकस किया गया। इसमें अपराधों की त्वरित जांच, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशील पुलिसिंग, तकनीकी निगरानी और जागरूकता अभियानों को मजबूत किया गया। इसी रणनीति का असर अपराध के ग्राफ में गिरावट के रूप में सामने आया है।
हरियाणा पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा को लेकर भविष्य में भी इसी तरह सख्त और प्रभावी कदम जारी रहेंगे, ताकि प्रदेश की महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके और अपराधियों में कानून का डर बना रहे।

