हेमंत शर्मा, इंदौर। इंदौर  हाई कोर्ट में सोमवार को धार भोजशाला मामले की अहम सुनवाई हुई। करीब चार साल से चल रही इस बहुचर्चित सुनवाई अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। कोर्ट ने 11 मई 2026 को मामले की अगली और अंतिम सुनवाई तय की है, जिसके बाद फैसला सुरक्षित रखा जा सकता है। 

दरअसल, 11 मई 2022 से इंदौर हाई कोर्ट में भोजशाला विवाद को लेकर लगातार सुनवाई चल रही है। इस मामले में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दलीलें कोर्ट के सामने रखी जा चुकी हैं। सोमवार को हुई सुनवाई में मुस्लिम पक्ष की ओर से अपना पक्ष विस्तार से रखा गया। मुस्लिम पक्ष ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सर्वे रिपोर्ट को चुनौती देते हुए कई सवाल खड़े किए। कोर्ट में रीजॉइंडर भोजशाला पेश किए गए । साथ ही ASI की रिपोर्ट में जिन मूर्तियों और अन्य अवशेषों के मिलने का दावा किया गया है, उस पर भी आपत्ति जताई गई। 

मुस्लिम पक्ष के वकीलों ने दलील देते हुए कहा कि जिन मूर्तियों के मिलने की बात कही जा रही है, उन्हें केमिकल से साफ किया गया बताया गया है। वहीं सर्वे के दौरान सिगरेट और पानी की दारू की बोतल गुटका पाउच जैसी मिली है । जो की 11वीं शताब्दी में नहीं बनी थी।  अब 11 मई को होने वाली अगली सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी दिन बहस पूरी होने के बाद हाई कोर्ट अपना फैसला सुरक्षित रख सकता है। धार भोजशाला मामला लंबे समय से प्रदेश की राजनीति और धार्मिक संगठनों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हाई कोर्ट के फैसले पर दोनों पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।

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