रांची। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील बरनवाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन परिसर, झारखंड में केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की स्थिति की समीक्षा की गई।

14 अंकों की डिजिटल हेल्थ ID पर जोर

बैठक में डिजिटल हेल्थ ID को लेकर विशेष जोर दिया गया। 14 अंकों की डिजिटल हेल्थ ID के जरिए डॉक्टर की पर्ची और जांच रिपोर्ट जैसे स्वास्थ्य दस्तावेजों को ऑनलाइन सुरक्षित रखा जा सकता है। अधिकारियों को पात्र लोगों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने और कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के बनेंगे डिजिटल कार्ड

अधिकारियों से 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को चिन्हित कर उनके ‘वय वंदना’ डिजिटल कार्ड बनाने की प्रगति की जानकारी ली गई। पात्र बुजुर्गों की पहचान और कार्ड निर्माण में तेजी लाने को कहा गया, ताकि उन्हें स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

आशा, सहिया, सेविका-सहायिकाओं के भी बनेंगे कार्ड

बैठक में सभी जिलों में पात्र लाभुकों की पहचान के साथ आशा कार्यकर्ताओं, सहिया, सेविका और सहायिकाओं को भी डिजिटल आयुष्मान कार्ड से जोड़ने के निर्देश दिए गए। जिलास्तर पर इसकी निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया है।

31 अगस्त तक पूरा होगा डेटा एकीकरण

राज्य के अस्पतालों को HEM 2.0 के तहत पात्र निजी अस्पतालों का डेटा स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और सी-डैक की संयुक्त टीम को 31 अगस्त तक डेटा एकीकरण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

OTP नहीं आए तो फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प

डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में OTP नहीं मिलने की स्थिति में फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान सत्यापित करने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य डिजिटल प्रक्रियाओं में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को कम करना है।

दवा दुकानें भी आएंगी डिजिटल पंजीकरण के दायरे में

बैठक में सभी दवा दुकानों को स्वास्थ्य संस्थान पंजीकरण व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश दिए गए। इसके लिए राज्य फार्मेसी परिषद, औषधि निरीक्षक और औषधि निदेशालय को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

बैठक में राज्य के सभी 24 जिलों के सिविल सर्जन, जिला नोडल पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को भी जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए।