जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने भिवानी में सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के शासन में किसान और युवा परेशान हैं। उन्होंने डीएपी खाद की भारी कमी और एसवाईएल पर सरकार की विफलता की कड़ी आलोचना की।
भिवानी। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने बुधवार को भिवानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में किसान, युवा और आम नागरिक पूरी तरह परेशान हैं, जबकि सरकार अपनी तथाकथित उपलब्धियों का जश्न मनाने में व्यस्त है। दिग्विजय ने कहा कि राज्य में मौजूदा स्थिति जंगलराज जैसी हो गई है, जहाँ सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ चुका है। उन्होंने प्रदेश में डीएपी खाद की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसान खाद के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। दादरी जैसे जिलों में पुलिस की निगरानी में खाद वितरण का हवाला देते हुए उन्होंने इसे किसानों का अपमान बताया।
खाद संकट और प्रशासनिक विफलता
दिग्विजय चौटाला ने विभिन्न जिलों के खाद उपलब्धता के आंकड़े साझा करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि भिवानी में 24 हजार मीट्रिक टन की मांग के मुकाबले मात्र 2600 मीट्रिक टन, हांसी में 12 हजार के मुकाबले 1480 और झज्जर में 11 हजार के मुकाबले केवल 3000 मीट्रिक टन डीएपी पहुंची है। इसी तरह कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, सिरसा, हिसार और जींद में भी स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कभी पेपर लीक तो कभी बायोमेट्रिक मिसमैच के कारण भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने रोहतक अग्निकांड के पीड़ितों के लिए 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग भी की।
एसवाईएल और जनहित के मुद्दे
एसवाईएल (SYL) नहर के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए दिग्विजय चौटाला ने कहा कि डबल इंजन सरकार होने के बावजूद मुख्यमंत्री हरियाणा के हितों और ‘पगड़ी की शान’ को बचाने में पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा नर्सिंग अधिकारियों पर की गई विवादास्पद टिप्पणी की भी कड़ी निंदा की और इसे महिलाओं के प्रति संकीर्ण सोच का परिचायक बताया। दिग्विजय ने बताया कि जेजेपी का ‘जन-जन अभियान’ प्रदेश के 150 से अधिक गांवों तक पहुंच चुका है और लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जनता इन सभी विफलताओं का जवाब देगी। सरकार की प्रशासनिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने व्यवस्था में सुधार की तत्काल आवश्यकता जताई।

