शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के बासमती चावल को GI टैग देने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए आंदोलन की चेतावनी भी दी है। साथ ही दो दिग्गज नेताओं को इसका जिम्मेदार बताया है।
दिग्विजय सिंह ने किसानों के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हमारे चावल को जीआई टैग नहीं मिला तो अनशन करूंगा। इसके लिए जिम्मेदार कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पीयूष गोयल रहेंगे। APEDA एमपी के बासमती को जीआई टैग नहीं दे रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि 27 लाख मैट्रिक टन बासमती की एमपी में पैदावार है। विदेशों में बासमती चावल के अच्छे दाम मिलते हैं। इंटरनेशनल मार्केट में हमारा मुकाबला पाकिस्तान से है, उन्हें इससे ज्यादा मौका मिला रहा है। प्रधानमंत्री को इसे लेकर 2025 में पत्र लिख चुका हूं, 7 मार्च को फिर लिखा था और राज्यसभा में भी शून्यकाल में इस विषय को बुलाया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार जाने पर GI टैग वापस ले लिया गया। UPA सरकार के दौरान GI टैग दिया गया था। बीजेपी की सरकार ने एमपी के GI टैग को निरस्त कर दिया। दिग्विजय ने कहा कि केंद्र सरकार के पास इतना समय नहीं है की प्रदेश के किसानों के बारे में सोच सके। उन्होंने प्रदेश के 14 जिलों के बासमती चावल को तुरंत GI टैग देने की मांग की।

