कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान देश और राज्य के कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वैचारिक इतिहास, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान और राज्य में जमीन से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। मंत्री के इन बयानों से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को किया गया सार्थक: दिलीप जायसवाल
कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम पूरी तरह से ऐतिहासिक और दूरदर्शी था। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को सर्वोपरि रखा है।
मंत्री ने आगे कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की अखंडता और एकता के लिए अपना बलिदान दिया था। केंद्र सरकार ने कश्मीर से धारा 370 को हटाकर उनके उस महान बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया, बल्कि उनके सपनों को जमीन पर उतारा। आज वर्तमान समय की परिस्थितियों को देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश हित में वह फैसला कितना अधिक महत्वपूर्ण और जरूरी था।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में शिकायतों में आई भारी कमी
बिहार के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कामकाज को लेकर मंत्री दिलीप जायसवाल ने सकारात्मक आंकड़े सामने रखे। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि विभाग के प्रति लोगों की शिकायतों में अब काफी कमी दर्ज की गई है। सरकार के सुधारात्मक कदमों की बदौलत आम जनता के भूमि से जुड़े काम अब सुगमता से पूरे हो रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि विभाग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं।
अंचल और राजस्व अधिकारियों की बैठक
जमीन से जुड़े विवादों और मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मंत्री ने जानकारी दी कि उनके द्वारा सभी अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों (RO) की एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समय पर निवारण करना है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जमीन संबंधी जो भी मामले लंबित हैं, उनका सरकार गति से समाधान करने का काम कर रही है। राज्य के नागरिकों को अब घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार उनकी हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह तत्पर और प्रतिबद्ध है।


