वीरेंद्र कुमार, नालंदा। बिहार के विश्व प्रसिद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल राजगीर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मंगलवार की शाम अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण राजगीर रोपवे के पहिए हवा में ही थम गए, जिससे वहां कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। केबिनों के हवा में अचानक रुक जाने के कारण उसमें सवार पर्यटकों की सांसे थम गईं और उनके बीच भारी घबराहट फैल गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते प्रबंधन की मुस्तैदी से सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
तेज आकाशीय बिजली गिरने से ठप हुआ सिस्टम
मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम तक रोपवे का संचालन बिल्कुल सामान्य तरीके से चल रहा था और बड़ी संख्या में पर्यटक इसका लुत्फ उठा रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम का मिजाज बदला और क्षेत्र में तेज आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) गिर गई। इस आसमानी बिजली के प्रभाव से रोपवे के मुख्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में तकनीकी खराबी आ गई। किसी भी बड़े खतरे से बचने के लिए एहतियात के तौर पर तुरंत रोपवे का संचालन रोक दिया गया।
फंसे हुए पर्यटकों को किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
घटना के बाद स्टेशन के पास रुके केबिनों में सवार पर्यटकों को सीढ़ी की मदद से सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। हालांकि, जो केबिन अधिक ऊंचाई पर फंसे हुए थे, उनमें मौजूद पर्यटकों को तकनीकी खराबी पूरी तरह ठीक होने तक केबिन के अंदर ही सुरक्षित इंतजार करना पड़ा। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो गया, जिसे देखकर लोगों की धड़कनें तेज हो गईं।
एक घंटे की मशक्कत के बाद दूर हुई तकनीकी खराबी
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने तुरंत तकनीकी टीम को एक्टिव किया। विशेषज्ञों की टीम ने युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य शुरू किया और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तकनीकी खराबी को सफलतापूर्वक दूर कर लिया गया। खराबी ठीक होने के बाद रोपवे का संचालन दोबारा शुरू किया गया, जिसकी मदद से अधिक ऊंचाई पर फंसे सभी पर्यटकों को सुरक्षित स्टेशन तक पहुंचा दिया गया।
सावन के महीने में उमड़ती है भारी भीड़
प्रबंधन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि इस पूरी घटना में किसी भी पर्यटक को हल्की सी भी खरोंच या चोट नहीं आई है। आपको बता दें कि पवित्र सावन के महीने में राजगीर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का तांता लगा रहता है। इन दिनों प्रतिदिन लगभग 2,500 से 3,000 पर्यटक इस प्रसिद्ध रोपवे का आनंद उठाने के लिए पहुंचते हैं।
बुधवार से सुचारू रूप से चल रहा है रोपवे
प्रशासन ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि बुधवार की सुबह से ही रोपवे का संचालन पूरी तरह सामान्य और सुचारू कर दिया गया है। पर्यटकों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि यहां आने वाले सभी पर्यटकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और रोपवे पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना के बाद अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।


