० ट्राई और ईडी अधिकारी बनकर किया वीडियो कॉल, कार्रवाई का डर दिखाकर खाते में डलवाए लाखों रुपये

यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जगाधरी के एक सेवानिवृत्त डॉक्टर को साइबर अपराधियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 15 दिनों तक अपने जाल में फंसाए रखा और उनसे करीब 1.42 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।

जानकारी के अनुसार, ठगों ने डॉक्टर को वीडियो कॉल कर खुद को ट्राई (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का अधिकारी बताया। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टर के बैंक खाते का इस्तेमाल अवैध लेनदेन में किया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। यह सुनकर डॉक्टर घबरा गए।

इसके बाद साइबर ठग कभी ईडी अधिकारी तो कभी अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर लगातार वीडियो कॉल करते रहे। उन्होंने डॉक्टर से कहा कि मामले से बचने के लिए उन्हें जांच और सत्यापन के नाम पर रकम जमा करनी होगी।

अलग -अलग बैंक खातों में करवाए रकम ट्रांसफर
ठगों ने डॉक्टर को यह भी निर्देश दिया कि वह अपना मोबाइल फोन हर समय चालू रखें, किसी अन्य व्यक्ति की कॉल रिसीव न करें और किसी से संपर्क न करें। खुद को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में मान बैठे डॉक्टर 15 दिनों तक पूरी तरह ठगों के नियंत्रण में रहे।
इस दौरान साइबर अपराधी अलग-अलग बैंक खातों में उनसे रकम ट्रांसफर करवाते रहे। धीरे-धीरे डॉक्टर ने कुल 1 करोड़ 42 लाख रुपये ठगों के खातों में भेज दिए। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान उन्होंने परिवार, मित्रों या परिचितों से भी कोई संपर्क नहीं किया।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली पुलिस ने यमुनानगर साइबर क्राइम थाना पुलिस को संदिग्ध लेनदेन की सूचना दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने डॉक्टर से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी सामने आई।पुलिस अब ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है और साइबर अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है।