काठीकुंड। दुमका के काठीकुंड स्थित दानीनाथ मंदिर में चोरों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए दानपेटी को निशाना बनाया। शुक्रवार देर रात चोरों ने दानपेटी के तीन में से दो ताले तोड़ दिए और उसमें जमा चढ़ावे की रकम लेकर फरार हो गए। शनिवार सुबह मंदिर पहुंचे पंडा समाज के लोगों ने दानपेटी खुली देखी, तब घटना का पता चला।

एक साल से जमा हो रहा था श्रद्धालुओं का चढ़ावा

मंदिर कमेटी के अनुसार, घटना से पहले दानपेटी को दो बार खोला गया था। इसके बाद करीब एक साल से दानपेटी नहीं खोली गई थी। इस दौरान श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई रकम लगातार उसमें जमा होती रही।

यही वजह है कि दानपेटी में कितनी राशि जमा थी और चोर कितनी रकम ले गए, इसका फिलहाल स्पष्ट आकलन नहीं हो पाया है। मंदिर में बची रकम की गिनती कर चोरी की राशि का अनुमान लगाया जा रहा है।

सुबह खुली मिली दानपेटी, मचा हड़कंप

शनिवार सुबह पंडा समाज के लोग मंदिर पहुंचे तो दानपेटी खुली मिली। इसकी जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।सूचना मिलने के बाद एसआई केदारनाथ पूर्ति पुलिस टीम के साथ मंदिर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

CCTV में तलाशे जा रहे चोरों के सुराग

पुलिस ने मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात को कब और कितने लोगों ने अंजाम दिया। CCTV के अलावा मौके से मिले अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

डेढ़ साल पहले भी हुई थी चोरी

स्थानीय लोगों के मुताबिक दानीनाथ मंदिर की दानपेटी में करीब डेढ़ साल पहले भी चोरी हो चुकी है। उस मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद एक व्यक्ति के जेल जाने की बात सामने आई थी।

इसके बावजूद दोबारा दानपेटी को निशाना बनाए जाने से पंडा समाज और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। लोगों ने मंदिर में रात के समय निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।

बची रकम की गिनती, चोरी का हिसाब जुटा रहे लोग

घटना के बाद पंडा समाज के लोगों की मौजूदगी में दानपेटी में बची रकम की गिनती की जा रही है। पूर्व में निकाली गई रकम और वर्तमान में मौजूद राशि का हिसाब मिलाकर चोरी गई रकम का अनुमान लगाया जा रहा है।फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और चोरों की पहचान करने में जुटी है।