Lifestyle Desk – पूड़ी, पकौड़े, पापड़ या अन्य तली-भुनी चीजें बनाने के बाद कड़ाही में अक्सर थोड़ा तेल बच जाता है. हालांकि, एक बार तेज आंच पर इस्तेमाल होने के बाद तेल का रंग, गंध और स्वाद बदल सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार गर्म किया गया या जला हुआ तेल खाने के लिए नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इसमें हानिकारक तत्व बनने लगते हैं. ऐसे में कई लोग इसे दोबारा खाने में इस्तेमाल नहीं करते, जबकि कुछ लोग पूरा तेल फेंक देते हैं. लेकिन हर बार तेल को फेंकना भी सही विकल्प नहीं है.

अगर तेल बहुत ज्यादा जला हुआ नहीं है और केवल तलने के बाद बचा है, तो इसे खाने के बजाय घर के कुछ अन्य कामों में उपयोग किया जा सकता है. इससे तेल की बर्बादी कम होगी और कुछ हद तक पैसे की बचत भी हो सकती है. आइए जानते है कैसे.

दरवाजों और खिड़कियों की चरमराहट दूर करें

घर के दरवाजे, खिड़कियां या लोहे के कुछ हिस्से समय के साथ आवाज करने लगते हैं. ऐसे में बचा हुआ तेल थोड़ी मात्रा में कपड़े या ब्रश की मदद से कब्जों (हिंज) पर लगाया जा सकता है. इससे घर्षण कम होता है और आवाज में राहत मिल सकती है.

बागवानी के उपकरणों की देखभाल

कैंची, कटर, खुरपी या अन्य गार्डनिंग टूल्स पर जंग लगने का खतरा रहता है. इन्हें साफ करने के बाद हल्की मात्रा में इस्तेमाल किया हुआ तेल लगाने से धातु की सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बन सकती है, जिससे जंग लगने की संभावना कम हो जाती है.

लकड़ी के सामान को चमकाने में मददगार

पुराने फर्नीचर, लकड़ी के हैंडल या कुछ घरेलू लकड़ी के सामान की चमक बनाए रखने के लिए तेल का सीमित उपयोग किया जा सकता है. हालांकि, इस्तेमाल से पहले किसी छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर होता है, ताकि दाग या बदरंग होने की समस्या न हो.

जिद्दी स्टिकर और चिपचिपे निशान हटाएं

कांच, प्लास्टिक या धातु की सतह पर लगे स्टिकर हटाने के बाद अक्सर चिपचिपा गोंद रह जाता है. ऐसे निशानों पर थोड़ा तेल लगाकर कुछ मिनट छोड़ दें और फिर कपड़े से साफ करें. इससे गोंद नरम होकर आसानी से निकल सकता है.

धातु के औजारों को सुरक्षित रखें

घर में रखे कुछ औजार लंबे समय तक उपयोग न होने पर खराब होने लगते हैं. उन्हें साफ करके हल्की तेल की परत लगाने से नमी का असर कम हो सकता है और उनकी उम्र बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

इन बातों का रखें ध्यान

गहरे रंग का, धुआं छोड़ने वाला या बहुत ज्यादा जला हुआ तेल दोबारा खाने में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. साथ ही, ऐसे तेल का उपयोग केवल गैर-खाद्य कार्यों तक सीमित रखना बेहतर है. तेल को किसी बंद डिब्बे में छानकर रखें और जरूरत के अनुसार उपयोग करें.

इस तरह कड़ाही में बचा हुआ तेल बिना बर्बाद किए कई घरेलू कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे न सिर्फ संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है, बल्कि अनावश्यक खर्च और वेस्टेज को भी कम करने में मदद मिलती है.