दुर्ग। जिले में कई ऐसे प्राथमिक शाला है, जहां प्रधान पाठक पदस्थ नहीं है। वहीं दुर्ग के कैलाश नगर स्थित प्राथमिक शाला में प्रधान पाठकों की बाढ़ है। यहां तीन प्रधान पाठक पदस्थ किए गए हैं। समस्या को देखते हुए प्रथम आओ प्रथम पाओ की नीति के तहत ज्वाइनिंग कराई गई। इससे अन्य 2 प्रधानपाठकों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य स्कूलों में ज्वाइनिंग दी गई है।

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ट्रांसफर व पोस्टिंग के खेल में शिक्षा विभाग स्कूलों में स्वीकृत सेटअप की अनदेखी कर रहा है। रिक्त पदों की जानकारी संबंधित जिले से नहीं मंगाई जा रही है। अंधाधुंध पोस्टिंग की जा रही है। यही वजह है कि एक ही स्कूल में तीन-तीन प्रधान पाठक भेजे गए हैं। जानकारी के मुताबिक श्रीमती आभा नामदेव (प्रधान पाठक) का स्थानांतरण शास. प्राथ. शाला कृतबांस, विकासखंड छुईखदान, जिला खैरागढ़ छुईखदान गंडई से प्राथमिक शाला कैलाश नगर दुर्ग किया गया है।

इसी तरह प्रशांत देवांगन ( प्रधान पाठक) शास. प्राथ. शाला गाड़ाघाट, विकास खंड धमधा का भी स्थानांतरण कैलाश नगर दुर्ग में हुआ है। एक अन्य प्रधान पाठक भी इसी स्कूल में स्थानांतरित किए गए हैं। इनमें से पहले ज्वाइनिंग करने वाले ही लाटरी खुल गई। अन्य 2 को अलग-अलग स्कूलों में विकल्प के तौर पर पदस्थ किया गया है।

खाद कारोबारी गिरफ्तार

भिलाईनगर। किसानों को यूरिया एवं अन्य उर्वरक शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर विक्रय किए जाने पर कुम्हारी स्थित ऋषभ राज फर्टिलाइजर के संचालक मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है.

शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया एवं अन्य उर्वरक विक्रय किए जाने के संबंध में शिकायत मिलने पर 13 जून को फर्टिलाइजर निरीक्षक सरिता साहू ने संबंधित प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान साक्ष्य प्राप्त हुए। जांच के आधार पर फर्टिलाइजर निरीक्षक ने थाना कुम्हारी में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया।

आवेदन के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर आरोपी मनीष गुप्ता (50 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 15 शंकर नगर कुम्हारी को गिरफ्तार किया है।

बोर्ड परीक्षा में बेहतर रिजल्ट वाले 4 स्कूलों में बनेंगे मैथ्स पार्क

दुर्ग। गणित नाम लेते ही बच्चों के मन में एक भय का वातावरण निर्मित हो जाता है। नौबत यहां तक पहुंच जाती है कि गणित समझ में नहीं आती तो बच्चे रट्टा मारने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इस प्रवृति को छोड़कर चीजों को छूकर और देखकर गणित के नियम सीखने के लिए गणित पार्क के निर्माण के लिए 4 विद्यालयों का चयन कर जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा ने आयुक्त, राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा, रायपुर को 17 अगस्त को प्रस्ताव भेजा है।

समग्र शिक्षा के लिए स्वीकृत वार्षिक कार्य योजना बजट 2026-27 में प्रत्येक जिले में एक गणित पार्क के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त है। जिले से 4 विद्यालयों (कक्षा 6वीं से 12वीं तक संचालित ) का चयन किया गया है जहां विद्यालयों में पर्याप्त स्थल उपलब्ध है। इसके अलावा इन विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट उत्कृष्ट रहा है।

इन स्कूलों में शासकीय उ.मा.वि. अंजोरा ढाबा (आरएमएसए), सेजस – दीपकनगर, सेजस – कुम्हारी तथा सेजस – जामगांव (एम.) शामिल है। भले ही इनमें से कुछ विद्यालयों में विषय विशेषज्ञों की कमी है। मसलन सेजस – दीपकनगर में गणित, बायोलाजी, सोशल, कॉमर्स के व्याख्याता नहीं है।

व्यवहारिक तरीके से सीखेंगे गणित

मैथ्स पार्क एक ऐसी जगह जहां बच्चों को खेल-खेल में और व्यवहारिक तरीके से गणित सीख सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से गणित का डर दूर करना और इस विषय को आसान व मजेदार बनाना है। खेल-खेल में सीख, विषय वस्तु का प्रैक्टिकल ज्ञान मैथ्स पार्क की विशेषताओं में से एक है। यहां छात्र झूले, खेल और पहेलियों के जरिए कोण, क्षेत्रफल और आकृतियों को समझेंगे। इसमें संख्याओं, ज्यामिति, त्रिकोणमिति और मापन के लिए अलग-अलग क्षेत्र होंगे।

भिलाई निगम अधिकारियों का प्रभार बदला गया

भिलाईनगर। भिलाई निगम के अधिकारियों के कार्यों में बदलाव किया गया है। अपर आयुक्त राजेन्द्र कुमार दोहरे, अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन और सहायक अभियंता अजय सिंह गौर को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अपर आयुक्त राजेन्द्र कुमार दोहरे को निगम की आय बढ़ाने की कमान सौंपी गई है। उन्हें कर वसूली और वित्तीय स्वास्थ्य के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही संपत्ति कर व जलकर वसूली में वृद्धि, निगम सचिव का प्रभार, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रथम अपीलीय अधिकारी, श्री रामलला तीथर्यात्रा दर्शन योजना और राजस्व – आपदा प्रबंधन के नोडल, सीएम हेल्पलाइन, पीएमओ व कलेक्टर जनदर्शन की शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण जैसे 13 महत्वपूर्ण दायित्व दिए गए हैं।

अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, प्रभारी मुख्य अभियंता, 2 करोड़ से अधिक के विकास कार्य, जोन 04-05, प्रधान मंत्री आवास योजना, ग्रीन भिलाई क्लीन भिलाई और एक पेड़ माँ के नामण अभियान के नोडल, वाहन शाखा में मितव्ययिता। कार्यपालन अभियंता सुनील जैन को 77 एमएलडी जलकार्य व जन स्वास्थ्य विभाग, जलकर वसूली में सहायक नोडल, कैच द रेन व जलशक्ति अभियान, प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना।

सहायक अभियंता अजय सिंह गौर को भवन अनुज्ञा शाखा, जलकार्य, जलशक्ति व एनर्जी ऑडिट के सहायक नोडल, विधानसभा / संसद प्रश्नों के उत्तर देने, लेखाधिकारी चन्द्रभूषण साहू को लेखा शाखा, राज्य वित्त आयोग, निगम की आय में वृद्धि हेतु नोडल, वेतन भुगतान व अंकेक्षण को जिम्मेदारी दी गई है।

लीना कोसम होंगी दुर्ग निगम आयुक्त

दुर्ग। नगर निगम दुर्ग में आयुक्त पद पर राज्य शासन द्वारा नियुक्ति कर दी गई है। 2020 बैच के आईएएस अधिकारी लीना कोसम को आयुक्त नियुक्त किया गया है। लीना कोसम वर्तमान में लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक के पद पर पदस्थ थीं।

भिलाई नगर निगम के 5 जोनों में 224.35 लाख का बजट आवंटित

भिलाईनगर। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत पार्षद निधि की शेष 50 प्रतिशत राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संचालनालय के उप संचालक द्वारा नगर निगम भिलाई के आयुक्त को 7 दिन के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र सहित विवरण भेजने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2024-25 में पार्षदों की अनुशंसा पर विकास कार्यों के लिए पहले ही 50 प्रतिशत राशि का आवंटन किया जा चुका है। अब शेष 50% राशि के लिए कराए गए कार्यों का विवरण निर्धारित प्रारूप और प्रमाण-पत्र सहित संभागीय कार्यालय के माध्यम से 7 दिन में उपलब्ध कराना होगा। समय-सीमा के बाद प्राप्त दावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

5 जोनों में 224.35 लाख का आवंटन

भिलाई नगर निगम के 5 जोनों के लिए 2024-25 में पार्षद निधि से स्वीकृत और आवंटित राशि का ब्योरा भी सामने आया है: जोन-1 में 21 कार्य, स्वीकृत 42 लाख, आवंटित 50.96 लाख, प्रमुख कार्य खम्हरिया में नाली – सीमेंटीकरण 3 लाख, मॉडल टाउन में नाली 3 लाख, कोसानगर में नाली निर्माण 3 लाख, लक्ष्मीनगर में भवन में बेंच – कुर्सी 4 लाख जोन-2 में 24 कार्य, स्वीकृत 42 लाख, आवंटित 50.23 लाख,

प्रमुख कार्य चंद्रनगर में सीमेंटीकरण 4 लाख, रामनगर में 5 बोर खनन 6 लाख, शास्त्री नगर में बोर – पाइप लाइन 6 लाख, जोन-3 में 18 कार्य, स्वीकृत 33 लाख, आवंटित 36.31 लाख, अंबेडकर नगर में बोर खनन 4.38 लाख, श्याम नगर में 3 बोर- पाइप लाइन 4 लाख, सेक्टर 1 में पब्लिक चेयर 3 लाख, जोन-4 में 17 कार्य, स्वीकृत 36.00 लाख, आवंटित 56.50 लाख,

राजीव नगर में चबूतरा 4 लाख, गौतम नगर में पाइप लाइन 4.50 लाख, शर्मा आश्रम में पाइप लाइन 6 लाख, साहू आटा चक्की में पाइप लाइन 6 लाख, जोन-5 में 20 कार्य, स्वीकृत 33 लाख, आवंटित 30.35 लाख, सेक्टर 10 में बस स्टॉप निर्माण 6 लाख, जोनल मार्केट में सीमेंटीकरण 4 लाख, सेक्टर 8 में फिसलपट्टी 3 लाख रुपए है। आवंटित राशि 224.35 लाख रुपये है।

पूर्व ब्रांच मैनेजर ने फर्म को लगाई लाखों की चपत

राजनांदगांव। ट्रैक्टर डीलरशिप में भरोसे की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व ब्रांच मैनेजर पर ही फर्म को लाखों रुपए की चपत लगाने का आरोप लगा है। ट्रैक्टर बिक्री से ग्राहकों से मिली 14 लाख 91 हजार 393 रुपए की रकम फर्म के खाते में जमा करने के बजाय गबन करने और हिसाब छिपाने के लिए लेजर में छेड़छाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। फर्म की आंतरिक जांच में गड़बड़ी उजागर होने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने पूर्व मैनेजर कुमुद उपाध्याय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फर्म अरुण एग्रीकल्चर के संचालक संतोष अग्रवाल की ओर से रिटेल मैनेजर नरिंदर साहनी को राजनांदगांव शाखा में हुए वित्तीय गड़बड़ी की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच के दौरान पूर्व ब्रांच मैनेजर के कार्यकाल के लेजर, ट्रैक्टर बिक्री और जमा रकम का मिलान किया गया। इसमें 14.91 लाख रुपए की राशि फर्म में जमा नहीं होने की बात सामने आई। शिकायत के अनुसार कुमुद उपाध्याय की जिम्मेदारी ट्रैक्टर और कृषि उपकरण बेचने के साथ ग्राहकों से प्राप्त राशि फर्म के खाते में जमा कराने की थी।

आरोप है कि बिक्री की रकम जमा नहीं करने के साथ 31 मार्च 2025 के लेजर में व्हाइटनर लगाकर रकम में छेड़छाड़ की गई, ताकि वास्तविक हिसाब सामने न आ सके। जांच के दौरान पूछताछ संबंध में में कुमुद उपाध्याय द्वारा रकम के स्वीकारोक्ति किए जाने तथा इकरारनामा और शपथ पत्र दिए जाने का भी शिकायत में उल्लेख है। फर्म के अनुसार अब तक 3.83 लाख रुपए जमा किए जा चुके हैं, जबकि 11.07 लाख रुपए अब भी बकाया हैं।

हालांकि शिकायत में जमा की गई रकम को लेकर 3.3 लाख और 3.83 लाख रुपए के अलग-अलग आंकड़े दर्ज हैं। पुलिस दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर वास्तविक बकाया राशि की पुष्टि करेगी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर लेजर, और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू बिक्री रजिस्टर, भुगतान संबंधी दस्तावेज कर दी है। मामले में पूर्व मैनेजर की भूमिका और फर्म को हुई वास्तविक आर्थिक क्षति की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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