भिलाईनगर। बीएसपी में प्रति वर्ष कार्मिकों को व्यक्तिगत तथा समूहों में उनके उत्कृष्ट योगदान तथा विशिष्ट निष्पादन के लिए नेहरू पुरस्कार योजना के अंतर्गत पुरस्कार से सम्मानित करने की परम्परा रही है। यह परम्परा पिछले वर्ष टूट गई। वर्ष 2025 में नेहरू एवार्ड नहीं दिया गया। अब वह पुरस्कार 27 व 29 जून को कला मंदिर में दिया जाएगा। पिछले वर्ष 28 अक्टूबर 2025 तक नेहरू पुरस्कार के लिए अनुशंसाओं की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन पुरस्कार नहीं दिए जाने पर बीएसपी कर्मी सवाल उठा रहे हैं।
ज्ञात हो कि नेहरू पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है। ई-7 ग्रेड तक के अफसरों को जवाहर पुरस्कार के अंतर्गत 8000 रु. दिया जाता है। यह पुरस्कार अधिकतम 25 अफसरों को दिए जाते हैं। गैर कार्यपालकों को नेहरू पुरस्कार के अंतर्गत 6000 रु. मिलते हैं। इसे अधिकतम 60 गैर कार्यपालकों को व्यक्तिगत पुरस्कार के रूप में दिए जाते हैं।

तीसरी श्रेणी में ई-7 ग्रेड तक के अफसरों व गैर कार्यपालकों को जवाहर लाल नेहरू पुरस्कार के अंतर्गत 10 हजार रु. प्रति समूह या 2000 रु. प्रति सदस्य जो अधिकतम हो दिए जाते हैं। यह पुरस्कार अधिकतम 50 समूह एवं प्रत्येक समूह में अधिकतम 08 सदस्यों को ही दिए जाते हैं।
भिलाई निगम ने टैक्स वसूली करने वाली रांची की कंपनी को काम से हटाया
भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम ने घर-घर जाकर संपत्ति कर, जल कर, पट्टा किराया, दुकान किराया, जुर्माना व दंड वसूली के लिए जेम पोर्टल पर नई निविदा जारी की गई है। रांची की मेसर्स पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स प्रा.लि. को अनियमितताओं के चलते 3 साल में ही बाहर कर दिया गया है।
निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि मेसर्स पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स प्रा.लि. (रांची) के प्रबंधक को कई बार बैठक में टैक्स वसूली में पारदर्शिता, राजस्व वृद्धि, स्टाफ बढ़ाने और फील्ड वर्क कर वसूली के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद कंपनी ने निर्देशों का पालन नहीं किया।
कंपनी ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को पिछले 5 माह से वेतन नहीं दिया है। साथ ही दिसंबर 2022 से ईपीएफ की राशि भी जमा नहीं की है। निगम की संपत्ति कर वसूली में भी नियमों का उल्लंघन किया गया।
फील्ड वर्क की जगह ऑफिस में बैठकर वसूली : रांची की एजेंसी घर-घर जाकर सर्वे और वसूली नहीं कर रही थी। वह केवल जोन कार्यालयों एवं मुख्यालय में निगम द्वारा दिए गए कार्यालय में बैठकर उन्हीं हितग्राहियों से वसूली कर रही थी जो खुद संपत्ति कर जमा करने आते थे। इसके बदले कंपनी 6.15% कमीशन वसूल रही थी।
2 साल बचा : कार्यकाल समाप्त उक्त कृत्यों से नाराज होकर आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने कंपनी का 2 साल बचा कार्यकाल समाप्त कर दिया है। अब संपत्ति कर वसूली के लिए जेम पोर्टल में नई निविदा जारी की गई है। भिलाई निगम ने घर- घर जाकर टैक्स वसूली के लिए 3 साल की अवधि के लिए जेम पोर्टल पर निविदा निकाली है।
जिले में खाद के 5 नमूने गुणवत्ता जांच में फेल
दुर्ग। हर साल किसान विभिन्न प्रकार के खाद की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करते हैं। खरीफ वर्ष 2026-27 में भी जिले में खाद का 5 नमूना गुणवत्ता जांच में फेल पाया गया है। जिस लाट से ये नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे इसमें 35 टन से अधिक खाद था। मामले में कृषि विभाग ने विक्रेता एवं निर्माता कंपनी दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जानकारी के अनुसार, अमानक पाए गए नमूनों में से 4 सहकारी संस्थाओ में भंडारित खाद से लिए गए थे वहीं एक नमूना निजी क्षेत्र की दुकान से लाया गया था। अमानक खाद के नमूनो में दो नमूना एसएसपी (जी) उर्वरक का है जो खाद संग्रहण केन्द्र हथखोज से लिया गया था। इसमें एक लाट में 12 एवं दूसरे में 1.4 टन खाद था।
इसी प्रकार खाद संग्रहण केन्द्र सेलूद में एसएसपी (पी) का एक नमूना अमानक पाया गया, जहां नमूना लेते समय यह खाद 2.5 टन उपलब्ध था। खाद संग्रहण केन्द्र धमधा में भी जेडएन एसएसपी (पी) खाद नमूना अमानक मिला है जिस लाट में 5 टन खाद की मात्रा थी। वहीं निजी क्षेत्र के दुकान ताम्रकार फर्टिलाइजर्स धमधा में जेडएन एसएसपी (जी) 14.250 टन का नमूना गुणवत्ता जांच में फेल पाया गया।
रसमड़ा में प्रदूषण से मचा हाहाकार
दुर्ग। ग्राम रसमड़ा स्थित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली धूल को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट्स से उड़ने वाली औद्योगिक डस्ट के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य और आवागमन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, प्लांट से निकलने वाली धूल नेशनल हाईवे तक फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धूल के कारण हाईवे पर विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट का उपयोग करना पड़ता है। ग्रामीणों ने रात्रि के समय प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
वहीं प्लांट के पीछे की सार्वजनिक सड़क को लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि वहां फ्लाई ऐश और कोल डस्ट की परत जमी रहती है। राहगीरों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरने पर आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और त्वचा पर खुजली की समस्या हो रही है। बच्चों और मजदूरों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि घरों, बर्तनों और पीने के पानी में भी धूल की परत जम रही है। उनका कहना है कि पिछले कुछ सालों में गांव में श्वसन और चर्म रोग से संबंधित शिकायतें बढ़ी हैं। पर्यावरण संरक्षण मंडल ( सीईसीबी) के नियमानुसार किसी भी प्लांट की बाउंड्री से फ्यूजिटिव एमिशन यानी अनियंत्रित धूल का बाहर जाना प्रतिबंधित है। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर दुर्ग और सदस्य सचिव, छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल रायपुर से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
‘भीम का मैंगो’ आइस कैंडी के विक्रय पर लगा प्रतिबंध
दुर्ग। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ‘भीम का मैंगो (पैक्ड) ग्रीन कलर (मैंगो आईस कैंडी)’ के विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देश पर की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त उत्पाद का नमूना मानकता जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया था।
खाद्य विश्लेषक द्वारा जारी जांच प्रतिवेदन में संबंधित उत्पाद को असुरक्षित घोषित किया गया है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा विनियम 2011 के तहत उक्त खाद्य पदार्थ/पेय पदार्थ के उक्त बैच नम्बर के विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी कैंडी विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे उक्त उत्पाद का विक्रय न करें। निरीक्षण के दौरान प्रतिबंधित उत्पाद की बिक्री करते पाए जाने पर संबंधित विक्रेता अथवा फर्म के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बार-बार बिजली गुल से परेशान लोगों ने आधी रात किया चक्काजाम
राजनांदगांव। कैलाश नगर डिवीजन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजनांदगांव शहरी क्षेत्र में लगातार बिजली गुल होने से वार्डवासियों की परेशानियां बढ़ चुकी है। एक दिन पहले बसंतपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में कई घंटों तक बिजली गुल होने के कारण वार्ड वासियों में जमकर नाराजगी जताई थी और चक्काजाम कर दिया था।
चक्काजाम करने के बाद भी बिजली व्यवस्थापन में सुधार नहीं आ पा रहा है। बार-बार बिजली गुल होने से लोगों में काफी नाराजगी भी देखने को मिल रही है। एक दिन पहले तेज आंधी तूफान के बीच शाम 5 बजे से रात्रि के 7 बजे के मध्य मूसलाधार बारिश हुई थी।
आंधी तूफान के चलते जिला मुख्यालय स्थित 132 सब केव्ही सब स्टेशन से जुड़े 33 केव्ही सब स्टेशन में खराबी आ जाने के कारण बसंतपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में शाम 6 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक बिजली सप्लाई बाधित रही।
दो फीडर में भी ब्रेक आने के कारण बिजली गुल होने से लोग परेशान होते रहे। बार-बार ध्यान दिलाए जाने के बाद भी समय पर सुधार कार्य नहीं होने के कारण लोगों को अंधेरे में ही आंधी रात्रि काटनी पड़ी। नाराज वार्ड वासियों ने जोगी कांग्रेस के साथ महामाया चौक के पास चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम होने से लोगों के आने-जाने में भी काफी दिक्कतें हुई।
जानकारी लगते ही सुरक्षा व्यवस्था के साथ बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों पहुंचे। वार्ड वासियों को समझाइश देकर फीडर तथा सब स्टेशन का सुधार कार्य सुनिश्चित कराया गया। देर रात लाइट आने के बाद लोगों ने राहत के सांस ली। खास बात यह है कि इन दिनों शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बिजली गुल हो रही है इससे भी लोग परेशान हो रहे हैं। आज सुबह हुआ समस्या का समाधानआंधी तूफान से राजनांदगांव जिला मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों में फीडर सहित ट्रांसफार्मर और सब स्टेशन खराबी होने की शिकायत के बाद आज दिन भर सुधार कार्य किया गया तब जाकर लोगों को राहत मिली।
मानसून की पहली बारिश में खुली बोरतलाव ब्रिज में निर्माण गुणवत्ता की पोल
डोंगरगढ़। मानसून की पहली ही बारिश ने रेलवे विभाग के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ वर्ष पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित बोरतलाव ब्रिज में दो पिलर के बीच का हिस्सा गुणवत्ता विहीन होने के कारण क्षतिग्रस्त होकर सोमवार रात बाहर निकल गया, जिससे ब्रिज के बीचों-बीच एक लंबा गैप दिखाई देने लगा है।
बताया जा रहा है कि ब्रिज के ऊपरी हिस्से में बने इस गैप के कारण राहगीरों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। घटना के दौरान दो बाइक सवार इसकी चपेट में आकर बीती रात घायल गए ऐसी जानकारी मिली है। वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी स्थान से गुजर रहे दो बड़े वाहन भी बाल-बाल बच गए। समय रहते वाहन चालकों ने नियंत्रण नहीं संभाला होता तो रात करीब 9 बजे एक बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने रेलवे विभाग के जिम्मेदारों और ठेकेदार के कर्मचारियों को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके बाद स्थानीय पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने मिलकर बाहर निकले हिस्से को हटाकर मार्ग को सुरक्षित किया। निर्माण की जिम्मेदारी और मेंटेनेंस को लेकर उठे सवाल पर रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग के जिम्मेदार सब इंजीनियर संजीत जी ने बताया कि ब्रिज का निर्माण कार्य लगभग डेढ़ वर्ष पहले पूरा हो चुका है।
अब इसके मेंटेनेंस का कार्य डोंगरगढ़ आईओडब्ल्यू (इंस्पेक्टर ऑफ वर्क्स) के माध्यम से किया जाना है। जब ब्रिज निर्माण की कुल लागत के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया और बात को टाल दिया। वही इन सब के बिच स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए ब्रिज में इतनी कम अवधि में पिलरों के बीच का हिस्सा खराब होना गंभीर विषय है। यह घटना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
दिग्विजय महाविद्यालय की पहली कट ऑफ 75% के ऊपर
राजनांदगांव। जिले के एक मात्र स्वशासी दिग्विजय महाविद्यालय में विद्यार्थियों को स्नातक स्तर पर बीए, बीकॉम, बीएससी बायो और गणित विषय के प्रथम सेमेस्टर में दाखिला लिए देने के पहली सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। पहली सूची में बीए का कट ऑफ 73.2%, बीकॉम का कट ऑफ 76.5% बीएससी मैथ्स का कट ऑफ 78.4 और बीएससी बायो का कट ऑफ 80% रखा गया है। ऐसे में कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को अभी भी दाखिला लेने के लिए काफी इंतजार करना पड़ेगा।
महाविद्यालय प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक, स्वशासी दिग्विजय महाविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2026-27 में स्नातक स्तर की बायो और गणित विषय में दाखिला देने के बीए, बीकॉम, बीएससी लिए ऑनलाइन पद्धति से आवेदन फार्म लिए गए हैं। महाविद्यालय में ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के आधार पर आज सभी संकायों के प्रथम सेमेस्टर के लिए प्रवेश सूची का प्रकाशन कर दिया गया है।
सूची का प्रकाशन करने के बाद उसे सूचना पटल पर चश्मा कर दिया गया है प्रथम सूची में निर्धारित तिथि के आधार पर विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा इसके लिए आवश्यक दस्तावेज सहित आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी महाविद्यालय में सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा। इसके लिए भी व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। निर्धारित शुल्क के साथ विद्यार्थी महाविद्यालय में दाखिला ले सकेंगे। जिले की एकमात्र स्वशासी दिग्विजय महाविद्यालय में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों में काफी होड़ है। जारी की गई। पहली सूची में कट ऑफ की स्थिति निम्नांकित है।
बीए प्रथम वर्ष में कट ऑफ अनारक्षित वर्ग में 73.2 अन्य पिछड़ा वर्ग में 68.5, तथा अजा में 57, तथा अजजा में 55 प्रतिशत रखा गया है। बीकॉम प्रथम वर्ष में कट ऑफ अनारक्षित वर्ग में 76.4 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग में 72.8 प्रतिशत, अजा में 54.6% तक रखी गई है।
इसी प्रकार से बीएससी गणित प्रथम वर्ष में कट ऑफ अनारक्षित वर्ग में 78.4 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग में 76%, अजजा में 50.6%, अजा में 58.8 प्रतिशत तक रखा गई है। बीएससी बायो प्रथम वर्ष में कट ऑफ अनारक्षित वर्ग में 80% अन्य पिछड़ा वर्ग में 76.6%, अजा 69% तथा अजजा में 67.2 प्रतिशत तक रखी गई है। इसी प्रकार से बीसीए प्रथम वर्ष में कट ऑफ अनारक्षित वर्ग में 76.8 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग में 75 प्रतिशत, अजजा में 54.6 प्रतिशत अजा में 58% तक रखा गया है।
संविदा विद्युत कर्मचारियों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन आंदोलन
राजनांदगांव। लंबे समय से विद्युत विभाग में संविदा में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन की फिर से शुरुआत कर दी गई है। संविदा कर्मचारियों के आंदोलन में चले जाने से बिजली के मेंटेनेंस के कार्य से लेकर अन्य कार्यों पर ग्रहण लगने की संभावना बढ़ गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव सर्कल के अंतर्गत 200 से अधिक संविदा कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही है। कैलाश नगर डिवीजन में भी 6 कर्मचारी संविदा में है, जिनके माध्यम से विद्युत व्यवस्थापन और अन्य कार्य सुनिश्चित कराए जाते हैं। संविदा कर्मचारियों के आंदोलन में चले जाने से नियमित कर्मचारी और अधिकारियों की परेशानियां बढ़ गई है।
राजनांदगांव सर्कल के अंतर्गत राजनांदगांव डिवीजन से लेकर डोंगरगांव, डोंगरगढ़, मोहला मानपुर खैरागढ़ और कवर्धा क्षेत्र शामिल है। सभी डिवीजन में अधिक से अधिक संविदा कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही है। लंबे समय से विद्युत वितरण कंपनी के डिवीजन में काम करने संविदा कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण के साथ-साथ शासन की योजनाओं का लाभ कर्मचारियों को वाले अन्य देने की मांग शुरू कर दी गई है।
ध्यान दिलाए जाने के बाद भी उनकी मांगों बार-बार पर विचार नहीं किया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश संगठन के आह्वान पर राजनांदगांव सर्कल में भी लंबे समय से काम करने वाले संविदा कर्मचारियों द्वारा आंदोलन छेड़ दिया गया है । अनिश्चितकालीन आंदोलन किए जाने से विद्युत व्यवस्थापन के कार्यों पर पूरी तरह से भी विराम लग गया है।
डिवीजन के कर्मचारी भी हड़ताल में कैलाश नगर डिवीजन के अध्यक्ष दिनेश उर्वासा का कहना है कि संविदा कर्मचारी लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहेहैं। कर्मचारियों को शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नियमितीकरण की मांग को लेकर सभी संविदा कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं।
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