दुर्ग। नगर निगम दुर्ग के निर्माण कार्य में लगातार गड़बड़ी मिल रही है। इस गड़बड़ी को उजागर करने में महापौर अलका बाघमार की भूमिका महत्वपूर्ण है। वे लगातार निर्माण कार्यों पर निगरानी रख रही है। ताजा मामले में दुर्ग सीमा अंतर्गत गया नगर वार्ड 5 महर्षि स्कूल लाइन में चल रहे सीमेंटीकरण सड़क निर्माण कार्य का बुधवार को महापौर अलका बाघमार ने औचक निरीक्षण किया।

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क्षेत्रवासियों से प्राप्त शिकायत को महापौर ने गंभीरता से लेते हुए निर्माण स्थल पर पहुंचकर सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मोटाई एवं निर्माण की प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया। महापौर ने निर्माणाधीन सीमेंटीकरण सड़क की मोटाई की जांच कराई। जांच में सामने आया कि सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंड के अनुसार 6 इंच मोटाई में किया जाना है, जबकि मौके पर लगभग 2.50 से 3 इंच तक ही निर्माण किए जाने की स्थिति सामने आई।

महापौर अलका बाघमार ने यह भी देखा कि सड़क निर्माण के दौरान दोनों ओर निर्धारित चैनल का भी समुचित निर्माण नहीं किया जा रहा था । निर्माण कार्य में इस प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर महापौर ने मौके पर ही नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य निर्धारित मापदंड, तकनीकी स्वीकृति एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ ही कराया जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का लाभ लंबे समय तक आम नागरिकों को मिलना चाहिए, इसलिए कार्य केवल पूरा करना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि गुणवत्ता भी बेहतर होनी चाहिए।

8 म्यूल बैंक खाताधारकों पर की कार्रवाई

भिलाईनगर। साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम के लेनदेन में सहयोग करने वाले 08 आरोपियों के विरुद्ध थाना नेवई, पुरानी भिलाई, पाटन, भिलाई नगर एवं छावनी पुलिस तथा एसीसीयू की संयुक्त टीम कार्रवाई की है।

ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि साइबर ठगी की घटनाओं में ठगी की रकम को सीधे अपराधियों के खातों में रखने के बजाय अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित कर छिपाने के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया जाता है। इसी क्रम में दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराधों से संबंधित बैंक खातों एवं उनके लेनदेन का विश्लेषण किया।

जांच के दौरान पाया कि कुछ खाताधारकों ने आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं मोबाइल सिम अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए थे। संबंधित व्यक्तियों ने इन खातों का उपयोग साइबर ठगी प्राप्त धनराशि के लेनदेन एवं अंतरण के लिए किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ खाताधारकों को दो हजार से 15 हजार रुपए तक कमीशन / प्रतिफल दिया गया, जबकि एजेन्टों ने खाताधारकों से बैंक खाता संबंधी दस्तावेज एवं साधन प्राप्त कर आगे उपलब्ध कराने के बदले 15,000 से 20,000 रुपए तक कमीशन प्राप्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।

संबंधित बैंक खातों में साइबर ठगी से जुड़ी लाखों रुपये से अधिक राशि के लेनदेन पाए गए हैं। इस आधार पर थाना नेवई, थाना पुरानी भिलाई, थाना पाटन, थाना भिलाई नगर, थाना छावनी एवं एसीसीयू की टीमों ने संबंधित आरोपियों पर कार्रवाई की है।

दुर्ग को मिलेगी साइंस सिटी की सौगात, निखरेंगी वैज्ञानिक प्रतिभाएं

दुर्ग। दुर्ग में शिक्षा के नए नए आयामों को लगातार अंजाम दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की विशेष पहल से अब साइंस सिटी विकसित होने जा रही है। पद्मनाभपुर स्थित शासकीय नवीन स्कूल में साइंस सिटी निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिला शिक्षा विभाग प्रस्तावित बजट में साइंस सिटी पर 1 करोड़ 70 लाख के खर्च का आंकलन किया गया है।

दरअसल, साइंस सिटी एक ऐसा बड़ा विज्ञान केंद्र या परिसर होता है, जहां मनोरंजन के साथ-साथ विज्ञान और तकनीक की शिक्षा दी जाती है। यहां लोग, विशेषकर बच्चे, विज्ञान के नियमों को खेल-खेल में और प्रयोगों के जरिए आसानी से समझ सकते हैं। गजेंद्र यादव की इस पहल से साइंस के बच्चों को एक नई दिशा मिलेगी। भारत में कोलकाता स्थित साइंस सिटी सबसे बड़ा और पहला प्रमुख विज्ञान केंद्र है, इसलिए कोलकाता को ‘भारत का साइंस सिटी’ भी कहा जाता है।

इसके अलावा अहमदाबाद (गुजरात) और कपूरथला (पंजाब) में भी प्रसिद्ध साइंस सिटी बने हुए हैं। रायपुर में भी साइंस सेंटर विकसित की गई है इनकी मुख्य विशेषताओं में मनोरंजन और ज्ञान यह सिर्फ एक शांत संग्रहालय नहीं होता, बल्कि यहां थ्रीडी थिएटर, स्पेस शो और चलती-फिरती प्रदर्शनियां होती हैं। इंटरएक्टिव मॉडल के तहत यहां आगंतुकों को विज्ञान से जुड़े मॉडलों को खुद छूने और इस्तेमाल करने का मौका मिलता है। जाहिर है दुर्ग में साइंस सिटी के विकसित होने से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक अभिरुचि बढ़ेगी।

बीएसपी ने दिया 15 दिन में आवास खाली करने का नोटिस

भिलाईनगर। बीएसपी के संपदा न्यायालय ने हास्पिटल सेक्टर के ट्रिपल स्टोरी ब्लाक के जर्जर आवासों में रहने वालों को 15 दिन के अंदर आवास खाली करने नोटिस जारी कर दिया है। इसके अलावा उनसे किराये के रूप में 3 लाख रु. जमा करने कहा है।

असल में हास्पिटल सेक्टर के ट्रिपल स्टोरी ब्लाक बहुत पहले से ही जर्जर हो गए हैं। इनमें दुर्घटना की आशंका को देखते हुए इसे बहुत पहले ही खाली कराने के लिए अभियान चलाया गया। बाद में इसे राजनीतिक दबाव चलते रोक दिया गया। अब बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने ट्रिपल स्टोरी ब्लाक की जर्जर हालत को देखते हुए इन्हें डिस्मेंटल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत यहां के रहवासियों को संपदा न्यायालय ने 15 दिन के अंदर आवास खाली करने और अब तक का किराया करीब 3 लाख रु. जमा करने कहा है ।’

प्रस्तावित बायो- सीएनजी प्लांट के विरोध में 8 गांवों की महापंचायत

ओखरा। ग्राम पंचायत खेरधा के सम्मिलित चारागाह में प्रस्तावित बायो- सीएनजी गैस प्लांट के विरोध में ग्राम मोहंदी में महापंचायत का आयोजन किया गया।

महापंचायत में खेरधा, मोहंदी, नारधा, रिंगनी, मुड़पार, ओखरा, चेटुआ, खेदामारा सहित आस-पास के 8 गांवों के 5 हजार से अधिक ग्रामीण उपस्थित रहे। एक स्वर में प्लांट स्थापना का विरोध किया। महापंचायत में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को संविधान के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रामीणों की मांग नहीं सुनी गई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारी, सेनानी, आस-पास के सरपंच, उपसरपंच, पंचगण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ग्रामीणों का आरोप है कि 5 जून 2026 को दावा-आपत्ति की तिथि अहिवारा तहसील में नियत थी। उसी दिन अहिवारा तहसीलदार, एसडीएम भिलाई – 3 एवं भूमि आवंटन अधिकारी द्वारा प्लांट के लिए अनुशंसा कर दी गई और उसी दिन शाम 5 बजे कलेक्टर द्वारा जिला समिति की बैठक कर रात में ही आनन-फानन में आदेश जारी कर दिया। नियमों का खुला उल्लंघन है। साथ ही शासन द्वारा उसी चारागाह की 33 एकड़ भूमि पर कचरा डंप यार्ड बनाने का एक अन्य प्रकरण न्यायालय में लंबित है।

ग्रामीणों ने बताया कि जब से प्लांट स्थापना की प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से वे लगातार विरोध-प्रदर्शन और ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन आज तक जिला कलेक्टर द्वारा न तो कोई प्रतिक्रिया दी गई है और न ही प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दिया गया है। महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मांग पूरी नहीं होने पर शासन के विरुद्ध संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

भाजपा जिला कार्यालय में बैठक के दौरान दो युवा नेताओं में हाथापाई

राजनांदगांव। जिला भाजपा कार्यालय में बुधवार 7 अक्टूबर को आयोजित जिला भाजपा की बैठक के दौरान दो युवा नेताओं के बीच विवाद होने और मामला हाथापाई तक पहुंचने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों नेता भाजपा के उत्तर मंडल से जुड़े हैं।

जानकारी के अनुसार, बैठक में संगठन की गतिविधियों को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों युवा नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद पार्टी के अन्य नेताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कराया। घटना के बाद भाजपा के भीतर इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और हाथापाई में कौन-कौन शामिल था, इसे लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के संबंध में भाजपा के कई नेताओं से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई भी नेता इस मामले में सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। बैठक के दौरान हुई इस घटना को लेकर पार्टी के भीतर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

अब नर्स भी आंदोलन में उतरीं

राजनांदगांव। पिछले दिनों इंटर्न डाक्टरों की हड़ताल से पहले ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है। वही एक बार फिर नर्सों ने आंदोलन छेड़ दिया है। जिससे फिर से स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर प्रभावित हो रही है। विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही नर्सों का कहना है कि दो सूत्रीय मांगों के लिए हड़ताल जारी है।

नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले अपनी 2 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। नर्सों ने बताया कि, ग्रेड पर बने प्रस्ताव को लागू करने, संविदा और दैनिक वेतनभोगी स्टाफ नर्सेज को वर्तमान कार्यरत अस्पतालों में नियमित करने की मांग पर मंगलवार से हड़ताल जारी है। मांगों पर आवाज बुलंद करते नर्सेज ने मेडिकल कॉलेज के सामने नारेबाजी की। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों की जांच, इलाज, देखभाल का काम प्रभावित रहा।

2018 से कर रहे मांग

नर्सिंग आफिसर्स एसोसिएशन के प्रातांध्यक्ष डां रीना राजपूत ने बताया कि, रायपुर में सांकेतिक हड़ताल कर नारेबाजी की थी। वहीं 28 से 33 के बीच कोरबा, अंबिकापुर, महासमुंद में प्रदर्शन किया लेकिन मांगे पूरी नहीं हो सकी। 7 अक्टूबर को काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया गया। 8 अक्टूबर को स्कूटी रैली निकाली जाएगी। दिवाली से पहले मांग पूरी करने की मांग की है। उनके द्वारा वर्ष 2018 से लगातार मांग की जा रही है।

अंडरब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया शुरू, उच्च स्तर से भी सक्रियता बढ़ी

राजनांदगांव। लगातार आंदोलन और विरोध के बाद आखिरकार रेल्वे स्टेशन और गौरीनगर अंडरब्रिज के अधूरे निर्माण को एक बार फिर से शुरू करने की प्रक्रिया चल रही हैं। मौके पर लगातार रेल्वे अफसरों का निरिक्षण शुरू हो गया है। बहरहाल अंडरब्रिज के अंदर बारिश के पानी को पंप से निकाला जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष एवं रेलवे के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ हुई बैठक के तत्काल बाद जिला प्रशासन द्वारा जनहित से जुड़े रेलवे कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। बैठक में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागों को सक्रिय करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में गौरीनगर अंडरपास में बारिश के बाद जमा पानी की निकासी का कार्य तत्काल तेज कर दिया गया है।

जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा संबंधित औद्योगिक संस्थानों के सहयोग से जल निकासी के लिए आवश्यक संसाधन और मशीनरी लगाई गई है। स्टेशन मास्टर आरके बर्मन का कहना है कि अंडरब्रिज के कार्यों को लेकर उच्च स्तर से मानिटरिंग शुरू हो गई है। लगातार जोन से कंट्रक्शन डिपोर्टमेंट नजर रखी हुई है।

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