भिलाईनगर। बीएसपी के 1032 रिटायर्ड कार्मिकों ने अपने सेल मेडिक्लेम स्कीम का रिनीवल नहीं कराया है जिनमें 169 रिटायर्ड अफसर भी शामिल हैं। यह बहुत बड़ा आँकड़ा है। अब तक रिनीवल की तारीख दो बार बढ़ाई जा चुकी है। अब 31 अगस्त के बाद यह तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी।

यह भी पढ़ें : पॉवर सेंटर : चाबुक… लेकिन… कतार में… ओहदा… असंतोष… – आशीष तिवारी

बीएसपी के रिटायर्ड कार्मिकों के लिए सेल मेडिक्लेम स्कीम एक बड़ी सुविधा है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस बार 1032 रिटायर्ड कार्मिकों ने अब तक अपनी स्कीम का रिनीवल नहीं कराया है। इस आँकड़े ने बीएसपी मैनेजमेंट और इंश्योरेंस करने वाली पार्टी को भी चौंकाया है।

तारीख इस तरह बढ़ती गई : सबसे पहले सेल मेडिक्लेम के लिए सेल मैनेजमेंट की ओर से जारी परिपत्र में स्कीम का रिनीवल कराने की तारीख 10 जुलाई से 10 अगस्त तक रखी गई। एक माह का समय देने के बावजूद इसकी तारीख को बढ़ाते हुए 20 अगस्त कर दिया गया। इसके बाद फिर अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 31 अगस्त कर किया गया। अब इसकी तारीख बढ़ाने की संभावना नहीं है।

कार्मिकों को प्रीमियम बढ़ने का भी अंदेशा यदि सेल मेडिक्लेम स्कीम का रिनीवल नहीं कराने वाले रिटायर्ड कार्मिकों का आँकड़ा आगे इसी तरह बढ़ता रहा तो इंश्योरेंस एजेंसी को प्रीमियम बढ़ाने का बहाना मिल जाएगा। ज्यादा संख्या में रिनीवल कराने पर एजेंसी को ज्यादा फायदा है। हालांकि यह मैनेजमेंट के लिए भी मंथन करने का मुद्दा है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में रिटायर्ड कार्मिकों ने रिनीवल क्यों नहीं कराया है।

26000 रिटायर्ड कार्मिक सुविधा का लाभ ले रहे

वर्तमान में इस वर्ष सेल मेडिक्लेम स्कीम का लाभ लेने वालों का आँकड़ा 26000 तक पहुँच गया है। लेकिन 1032 रिटायर्ड कार्मिकों के सेल मेडिक्लेम स्कीम को लेकर अरुचि क्यों है इसने मैनेजमेंट को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है। हर वर्ष कुछ कार्मिक इस स्कीम का रिनीवल नहीं कराते लेकिन इस वर्ष यह आँकड़ा इतना बड़ा है कि इसने मैनेजमेंट और इंश्योरेंस करने वाली एजेंसी को नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।

8 लाख रु. तक कवरेज की सुविधा

वर्तमान में सेल मेडिक्लेम स्कीम के तहत रिटायर्ड कार्मिकों को पति पत्नी मिलाकर 8 लाख रु. तक कवरेज की सुविधा मिलती है। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि रिटायर्ड कार्मिकों को लिस्टेड हास्पिटल में से अपनी पसंद का हास्पिटल चुनने की सुविधा मिलती है। इस लिस्ट में हास्पिटल की संख्या अच्छी खासी है। इनमें भिलाई के भी हास्पिटल शामिल हैं।

भिलाई के क्रिकेटरों के लिए सुनहरा मौका, अंडर – 19, अंडर-23 और सीनियर टीम के चयन की तैयारी

भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की अंतर जिला क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भिलाई क्रिकेट एसोसिएशन की टीमें भी मैदान में उतरेंगी। इसके लिए एसोसिएशन ने अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर वर्ग की टीमों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। युवा एवं प्रतिभावान क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के लिए अलग-अलग तिथियों में पंजीयन और चयन स्पर्धा आयोजित की जाएगी।

अंडर-19 टीम के गठन के लिए 4 सितंबर को सुबह 9 बजे से कल्याण कॉलेज ग्राउंड में चयन स्पर्धा होगी। इसमें चयनित खिलाड़ी भिलाई क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित अंतर जिला प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व करेंगे।

एसोसिएशन ने योग्य खिलाड़ियों से निर्धारित समय पर मैदान में पहुंचने की अपील की है। वहीं अंडर-23 एवं सीनियर वर्ग में खेलने के इच्छुक खिलाड़ियों के लिए 31 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक पंजीयन किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन भिलाई क्रिकेट एसोसिएशन के बीएसपी मार्केट, रिसाली स्थित शॉप नंबर – 68, सेकंड फ्लोर में सुबह 10.15 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।

पंजीयन के लिए खिलाड़ियों को पिछले छह वर्षों की अंकसूची, जन्म प्रमाण पत्र (डिजिटल / मैन्युअल), आधार कार्ड की मूल प्रति एवं छायाप्रति तथा दो नवीनतम फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा। अंडर- 23 एवं सीनियर दोनों वर्गों की चयन स्पर्धा 6 सितंबर, रविवार को सुबह 9 बजे से कल्याण कॉलेज ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। भिलाई क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव भास्कर गोस्वामी ने सभी इच्छुक खिलाड़ियों से निर्धारित तिथियों में पंजीयन कराने तथा चयन स्पर्धा में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की।

सेक्टर-9 हास्पिटल की एडवांस बर्न यूनिट बनी गंभीर मरीजों के लिए उम्मीद की किरण

भिलाईनगर। भिलाई इस्पात संयंत्र के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के अंतर्गत संचालित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएन चिकित्सालय ) का एडवांस बर्न केयर विभाग मध्य भारत में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।

पिछले दिनों बालोद से 65 प्रतिशत तक गंभीर रूप से झुलसी एक महिला को उपचार के लिए एडवांस बर्न केयर विभाग में भर्ती किया गया। बर्न विभाग की टीम ने मरीज की संपूर्ण देखभाल, उपचार एवं आवश्यक शल्य चिकित्सा करते हुए उसे स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा विभागाध्यक्ष (बर्न यूनिट) डॉ. उदय कुमार ने बताया कि अमेरिकन बर्न संगठन के मानकों के अनुसार 40 प्रतिशत से अधिक जलने की स्थिति को अत्यंत गंभीर श्रेणी में माना जाता है और ऐसे मामलों में मरीज के जीवन पर गंभीर जोखिम बना रहता है।

उन्होंने बताया कि सेक्टर-9 अस्पताल की बर्न यूनिट को गहन चिकित्सा सुविधाओं, संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों तथा समुचित पोषण प्रबंधन के माध्यम से गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार में कई बार सफलता मिली है। सेक्टर-9 अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन एवं स्किन बैंक प्रभारी डॉ. अनिरुद्ध मेने ने बताया कि मरीज के उपचार में स्किन बैंक से प्राप्त त्वचा का उपयोग किया गया।

बी टेक तीसरे सेमेस्टर के छात्रों के लिए अतिरिक्त विषयों का रास्ता भी साफ

भिलाईनगर। बीटेक के तीसरे सेमेस्टर में ब्रांच बदलने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने अलग-अलग ब्रांच के अनुसार ब्रांच- स्पेसिफिक विषयों की सूची जारी की है। नेप-2020 कोर्स के तहत तैयार इस व्यवस्था में यह स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थी जिस नई ब्रांच में प्रवेश लेगा, उसके पहले और दूसरे सेमेस्टर में पढ़ाए गए आवश्यक ब्रांच- स्पेसिफिक विषयों की भरपाई किस विषय से होगी। इससे ब्रांच बदलने वाले विद्यार्थियों को अपने नए पाठ्यक्रम की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सुविधा होगी।

तकनीकी विश्वविद्यालय की उपलब्ध पाठ्यक्रम जानकारी में भी 2026-27 से नेप-2020 के तहत बीटेक की विभिन्न ब्रांचों के लिए योजनाएं और सिलेबस सूचीबद्ध है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक ही ग्रुप के भीतर ब्रांच बदलने वाले छात्रों को अतिरिक्त ब्रांच- स्पेसिफिक विषय नहीं लेना होगा। वहीं, यदि विद्यार्थी एक ग्रुप से दूसरे ग्रुप में ब्रांच बदलता है तो उसे संबंधित नई ब्रांच का एक अतिरिक्त ब्रांच – स्पेसिफिक विषय लेना होगा। यह व्यवस्था पहले और दूसरे दोनों सेमेस्टर के लिए दी गई है।

पहले सेमेस्टर के विषयों की सूची

पहले सेमेस्टर के लिए ब्रांच के अनुसार विषय निर्धारित किए गए हैं। बायोटेक्नोलॉजी में क्यूए, क्यूसी और सीएमपी ऑफ मेडिकल डेविस, केमिकल इंजीनियरिंग में इन आर्गनिक प्रोसेस टेक्नालाजी, जबकि सिविल और माइनिंग इंजीनियरिंग के लिए बेसिक सिविल इंजीनियरिंग रखा गया है।

इसी तरह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए फंडामेटल ऑफ इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग- 1, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के लिए फंडामेटल्स ऑफ इलेक्ट्रीकल एंड इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग – 1, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी ब्रांचों के लिए इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग निर्धारित किया गया है।

इसी तरह मैकेनिकल समूह की ब्रांचों में फंडामेटल्स ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग और प्लास्टिक इंजीनियरिंग में बेसिक मेनुफेक्चरिंग इंजीनियरिंग शामिल है। वहीं दूसरे सेमेस्टर में भी अलग-अलग विषय तय किए गए हैं।

ब्रांच बदलने वालों के लिए अहम है यह व्यवस्था

ब्रांच बदलने के बाद विद्यार्थी नई ब्रांच के दूसरे विद्यार्थियों के साथ आगे की पढ़ाई करता है। ऐसे में पहले से पढ़ाए जा चुके ब्रांच – विशिष्ट विषयों में अंतर होने की स्थिति में यह व्यवस्था उस शैक्षणिक गैप को पूरा करने में मदद करेगी। दूसरे संस्थानों की ब्रांच चेंज व्यवस्थाओं में भी नई ब्रांच के पहले वर्ष के ब्रांच- स्पेसिफिक विषयों को पूरा कराने का प्रावधान देखा जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि ब्रांच बदलना केवल सीट या विषय बदलना नहीं होगा, बल्कि नई ब्रांच की आवश्यक अकादमिक पढ़ाई भी पूरी करनी होगी।

सीटीईटी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, एक मौका और, 1 सितंबर तक भर सकेंगे आवेदन

भिलाईनगर। केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी ) सितंबर 2026 में शामिल होने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। आवेदन करने से चूक गए उम्मीद्वारों को सीबीएसई ने एक और मौका देते हुए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 1 सितंबर कर दी है।

तारीख बढ़ने से भिलाई-दुर्ग के उन अभ्यर्थियों को भी राहत मिली है, जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे। सीबीएसई की ओर से सीटीईटी सितंबर के ऑनलाइन आवेदन की समय सीमा में विस्तार किया गया है। अब पात्र अभ्यर्थी 1 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि सीटीईटी शिक्षक पात्रता से जुड़ी प्रमुख परीक्षाओं में शामिल है। यह परीक्षा विशेष रूप से कक्षा 1 से 8 तक अध्यापन के लिए आवश्यक पात्रता से जुड़ी है। शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। वहीं परीक्षा में सफल होने के बाद अभ्यर्थियों के लिए विभिन्न शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में पात्रता का रास्ता खुलता है।

अंतिम दिन के भरोसे न रहें अभ्यर्थी

हालांकि, आवेदन के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है, लेकिन अभ्यर्थियों के लिए बेहतर होगा कि वे अंतिम दिन का इंतजार न करें। आखिरी समय में वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक होने से तकनीकी परेशानी या भुगतान संबंधी दिक्कत सामने आ सकती है। ऐसे में अभ्यर्थी जल्द से जल्द आवेदन कर प्रक्रिया पूरी कर लें।

एक मौका और दी अभ्यर्थियों को राहत

आवेदन की तारीख बढ़ाए जाने से उन उम्मीद्वारों को सबसे अधिक फायदा होगा, जो तकनीकी समस्या, व्यस्तता या अन्य कारणों से समय रहते आवेदन नहीं कर पाए थे। अंतिम तिथि बढ़ने के बाद अभ्यर्थियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ध्यानपूर्वक भरकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिल गया है।

दिसंबर में होंगे क्लास टेस्ट – 2 और प्रैक्टिकल, जनवरी में थ्योरी परीक्षा

भिलाईनगर। बीटेक प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के लिए सितंबर से ही लगातार असाइनमेंट, टेस्ट और मूल्यांकन का दौर शुरू हो जाएगा। दिसंबर में जहां क्लास टेस्ट-2 और प्रैक्टिकल परीक्षा का दबाव रहेगा, वहीं जनवरी में थ्योरी परीक्षा छात्रों की असली तैयारी की परीक्षा लेगी।

छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई द्वारा जारी बीटेक प्रथम सेमेस्टर, सत्र जुलाई-दिसंबर 2026 के अकादमिक कैलेंडर में असाइनमेंट से लेकर क्लास टेस्ट, सिलेबस कवरेज, ऑनलाइन परीक्षा फार्म, इंटरनल असेसमेंट, प्रैक्टिकल और थ्योरी परीक्षा तक की पूरी समय-सारिणी तय कर दी गई है। खास बात यह है कि जनवरी 2027 में प्रथम सेमेस्टर की मुख्य थ्योरी परीक्षाएं शुरू होंगी, जबकि परिणाम 4 मार्च को घोषित किया जाएगा।

असाइनमेंट – एक 21 से 25 सितंबर के बीच दिया जाएगा। इसके बाद क्लास टेस्ट-1 की परीक्षा 12 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगी। जबकि विद्यार्थियों को सिलेबस कवरेज की जानकारी विश्वविद्यालय को 26 से 29 अक्टूबर के बीच भेजी जाएगी। क्लास टेस्ट-2 से पहले विद्यार्थियों को दूसरा असाइनमेंट भी पूरा करना होगा। इसके लिए 30 नवंबर से 3 दिसंबर के बीच असाइनमेंट 2 दिया जाएगा। वहीं दूसरे चरण के सिलेबस कवरेज की जानकारी विश्वविद्यालय को 7 से 11 दिसंबर तक भेजी जाएगी।

क्लास टेस्ट-2 की परीक्षा 14 से 21 दिसंबर तक निर्धारित है। 2 दिसंबर से परीक्षा फार्म की प्रक्रिया बीटेक प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के लिए ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया 2 दिसंबर से शुरू होगी। बिना विलंब शुल्क के फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 6 दिसंबर है। इसके बाद 30 रुपए विलंब शुल्क के साथ 10 दिसंबर, 120 रुपए विलंब शुल्क के साथ 14 दिसंबर और 200 रुपए विलंब शुल्क के साथ 18 दिसंबर तक फार्म जमा किया जा सकेगा। वहीं संस्थान द्वारा परीक्षा फार्म का अनुमोदन 19 दिसंबर तक किया जाना है।

23 दिसंबर से प्रैक्टिकल, जनवरी में बड़ी परीक्षा इंटरनल असेसमेंट 9 से 12 दिसंबर तक होगा। इसके बाद प्रैक्टिकल परीक्षा 23 से 28 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी। ऑनलाइन प्रैक्टिकल अंक 23 दिसंबर से 1 जनवरी 2027 तक जमा किए जाएंगे। विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए 29 दिसंबर से 12 जनवरी 2027 तक तैयारी अवकाश दिया गया है। इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होगा।

प्रथम सेमेस्टर रेगुलर और द्वितीय सेमेस्टर बैकलॉग की थ्योरी परीक्षाएं 13 से 27 जनवरी 2027 की जाएगी। वहीं तक आयोजित सेशनल अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि 13 से 31 जनवरी तक होगी। वहीं विद्यार्थियों को परिणाम के लिए ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना होगा। 4 मार्च को रिजल्ट आ जाएगा।

जिला जेल में क्षमता से दोगुना कैदी

राजनांदगांव। जिला जेल 178 कैदियों को रखने की क्षमता है। लेकिन यहां बैरक की कमी के चलते दुगुना यानि 418 कैदी रखे गए है। पिछले लंबे समय से यहां क्षमता से अधिक कैदियों को रखे जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, वही इस समस्या से जिला जेल प्रशासन को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

सीमित संसाधनों और उपलब्ध बैरकों में अधिक संख्या में बंदियों को रखने के कारण जेल प्रशासन के सामने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और व्यवस्थाओं को बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, क्षमता से अधिक बंदी रखे जाने की स्थिति बनी हुई है। राजनांदगांव जिला जेल में भी बढ़ती बंदी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बैरकों और जेल विस्तार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। जेलों में अत्यधिक भीड़ का असर केवल बंदियों के रहने की व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता और सुरक्षा प्रबंधन पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अधिक संख्या में बंदियों के रहने से जेल कर्मचारियों के लिए निगरानी और अनुशासन बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

विधानसभा में उठा था मामला

अफसरों ने बताया कि, जिला जेल में जेल की क्षमता बढ़ाने के लिए नए बैरकों के निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में प्रस्ताव तैयार किए जाने की प्रक्रिया लंबे समय से की जा रही है। जिसमें किचन, पेयजल व्यवस्था, प्रशासनिक भवन और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। हालांकि अभी धरातल पर यह उतर नही पाई हैं। अब सवाल यह है कि राजनांदगांव जिला जेल में बढ़ती कैदियों की संख्या के बीच क्षमता विस्तार की योजनाएं कब तक धरातल पर उतरेंगी और बंदियों को बेहतर व सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाएगा।

बिजली कनेक्शनों के लिए अब ई-केवाईसी

राजनांदगांव। ई-केवाईसी से होगी हर बिजली कनेक्शन की पहचान करने रीडर घर घर दस्तक देगें। आगामी एक सितंबर से यह अभियान जिलेभर में चलेगा, जहां छह लाख 83 हजार घरों तक रीडर पहुंचकर पड़ताल करेगें। इस दौरान फर्जी उपभोक्ताओं की पहचान भी की जाएगी, वही वैध उपभोक्ताओं के साथ मृत एवं अनधिकृत कनेक्शनों की भी होगी पहचान किया जाएगा।

कंपनी द्वारा इस दौरान कई घरों में अनावश्क दोहरे मीटर लगाए जाने की भी पहचान की जाएगी। क्योकि नियमतः एक ही घर में दो मीटर नहीं रखे जा सकते है। वही कई उपभोक्ता ऐसे हैं, जो मृत हो चुके है । इसके बाद भी उनके नाम पर मीटर संचालित हैं। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी कराया जाएगा।

राजनांदगांव, मोहला मानपुर- चौकी तथा खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई एवं कबीरधाम जिलों में कुल लगभग 6.83 लाख बिजली कनेक्शन हैं। इनमें राजनांदगांव जिले के 2,94,638, मोहला- मानपुर चौकी के 76,037, खैरागढ़- छुईखदान – गंडई जिले के 108733 तथा कबीरधाम जिले के 2,03,931 बिजली कनेक्शन शामिल हैं।

ऐसे विद्युत कनेक्शनों की भी पहचान करने में सहायता मिलेगी, जिनका उपयोग अनधिकृत अथवा अवैध रूप से किया जा रहा है या जिनमें उपभोक्ता की जानकारी लंबे समय से अद्यतन नहीं है। इससे विद्युत कंपनी को अनियमितताओं को चिन्हित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-केवाईसी के लिए तीन विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।

उपभोक्ता हलमोर बिजली मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में उपस्थित होकर अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से ई- केवाईसी कराया जा सकता है।

वैध उपभोक्ता की पहचान होगी सुनिश्चित

ई-केवाईसी के माध्यम से विद्युत कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि विद्युत कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, वह वास्तविक एवं वैध उपभोक्ता है तथा वर्तमान में कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है।

इस प्रक्रिया से वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी। विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई- केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क होगी। इसके लिए उपभोक्ता से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को राशि न दें।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m