दुर्ग। चुनाव से जुड़ी बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने स्थानीय निर्वाचन कार्यालय के गोदाम से 10 मतपेटियां चोरी करने वाले आरोपी और चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ी को गिरफ्तार किया है।
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18 अक्टूबर को चुनाव ड्यूटी में लगे राजू सारथी (48) निवासी संतराबाड़ी दुर्ग ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि सुबह करीब 11 बजे ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कार्यालय के चौकीदार ने उन्हें आकर बताया था कि एक व्यक्ति पेटी उठाकर ले जा रहा है। बाहर आकर देखा तो व्यक्ति फरार हो चुका था । गोदाम में जाकर जांच की तो 10 मतपेटियां, कीमत 10,000 रुपये गायब मिलीं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी के पत्र के आधार पर कोतवाली पुलिस ने धारा 331 (2), 305 (इ) के तहत मामला दर्ज किया था।

विवेचना में पुलिस को पता चला कि चोरी युशु यादव (22) निवासी मिल पारा दुर्ग ने की है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने चोरी कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने चोरी के लिए अपना ई-रिक्शा सीजी 07 सी आर 0648 (कीमत 70 हजार) का इस्तेमाल किया था। आरोपी ने बताया कि चोरी की गई मतपेटियां उसने गया नगर निवासी देवानंद सोनी (65) की कबाड़ी दुकान में बेच दीं।
पुलिस ने देवानंद को पकड़ा तो उसने 6 मतपेटियां खरीदना स्वीकार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 6 नग मतपेटियां कीमत 6,000 रुपये, घटना में प्रयुक्त ई- रिक्शा कीमत 70,000 रुपये और 200 रुपये नकद कुल 76,200 रुपये का मशरूका जब्त किया है। शेष 4 मतपेटियों की तलाश जारी है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर को दुर्ग पुलिस ने किया डिपोर्ट
भिलाईनगर। जिले में अवैध रूप से निवासरत विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस की एसटीएफ टीम ने पश्चिम बंगाल में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सहयोग से 23 अक्टूबर को रीना अख्तर को नियमानुसार भारत से डिपोर्ट किया।
दुर्ग पुलिस के अनुसार, जिले में विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान रीना अख्तर के भारत में अवैध रूप से निवासरत होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मामले में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई और दुर्ग पुलिस की एसटीएफ टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया। वहां केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार रीना अख्तर द्वारा आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित अन्य भारतीय दस्तावेज प्राप्त किए जाने के संबंध में भी कार्रवाई की जा रही है। इन दस्तावेजों के सत्यापन और नियमानुसार निरस्तीकरण के लिए संबंधित विभागों के समक्ष प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस का उद्देश्य कथित तौर पर अवैध रूप से प्राप्त दस्तावेजों के दुरुपयोग को रोकना और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति की आशंका को कम करना है।
मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर 9 लाख रुपए की धोखाधड़ी
भिलाईनगर। युवती को रायपुर मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर उससे 9 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रिपोर्ट पर पुलिस मामले में धारा 318 (4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना कर रही है।
सुपेला पुलिस ने बताया कि निरंजना निवासी गायत्री मंदिर के पास टाटा लाइन कोहका ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि नौकरी लगाने के नाम पर राहुल वर्मा उर्फ बुधराम जंघेल पिता गिरवर राम वर्मा निवासी जैकब हाउस प्लाट 2/4 राधिका नगर सुपेला को नौ लाख रुपए दी है। इसमें 4,20,000 रुपए यूपीआई ट्रांजेक्शन से शेष नगद दी थी। यह राशि प्रार्थिया ने 8-9 माह पहले दी है। अब वह व्यक्ति अपने बताये गये पते पर नहीं रहता और जो मोबाइल नंबर में पैसा दी है। अब वह नंबर स्विच आफ बताता है। जिसका गाडी नंबर सीजी 24 पी. 2303 है। उस गाड़ी में प्रार्थिया को बैठाकर मंत्रालय भी ले गया था ।
रिपोर्ट के अनुसार, वह व्यक्ति बाये पैर से दिव्यांग है तथा अपने आपको वह तहसीलदार सारंगढ बताया है, तथा अपना ट्रांसफर सूरजपुर होना बताया है। उसने प्रार्थिया को आश्वासन दिया है कि आपको रायपुर मंत्रालय में नौकरी लगा दूंगा। इस प्रकार से झांसा देकर उसने नौकरी लगाने के नाम से धोखाधड़ी किया है।
चेन स्नैचिंग गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार
भिलाईनगर। पुरानी भिलाई पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने रास्ता चलते लोगों से सोने की चेन छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 ग्राम 410 मिलीग्राम गलाया हुआ सोना और वारदात में इस्तेमाल की गई एक एक्टिवा तथा एक मोटरसाइकिल जब्त किया है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि 8 अक्टूबर को पदुम नगर भिलाई-3 में शिव मंदिर के पास 75 वर्षीय एस. मुरली मनोहर और उनकी पत्नी से रास्ता पूछने के बहाने आरोपियों ने सोने की चेन लूट ली थी। प्रार्थी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने सूरज बढ़ाईक निवासी बापू नगर खुर्सीपार, लक्ष्मण साहू निवासी अहिवारा, कुलदीप सिंह निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जामुल और दीप सिंह उर्फ दीपक निवासी कैवल्य धाम कुम्हारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने 13 जनवरी 2026 को इंदिरा नगर परमेश्वरी भवन भिलाई-3 क्षेत्र में भी एक बुजुर्ग महिला सावित्री देवी से चेन लूटने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपी अक्सर सुनसान रास्तों पर पता पूछने या बातचीत में उलझाने के बहाने महिलाओं को निशाना बनाते थे।
दुकान बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी, अजय चौहान का भाई गिरफ्तार
भिलाईनगर। थाना सुपेला पुलिस ने चौहान प्लाजा स्थित दुकानों की बिक्री के नाम पर 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी संजय चौहान (47 वर्ष) निवासी शास्त्री नगर भिलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि प्रार्थी साजिद खान ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराया थी कि आरोपी संजय चौहान ने चौहान प्लाजा स्थित दुकान क्रमांक 110 और 111 को बेचने के नाम पर उनसे नगद एवं बैंक माध्यम से कुल 28 लाख रुपये प्राप्त किए। बिक्री के लिए आरोपी के भाई अजय चौहान का अनापत्ति प्रमाण पत्र आवश्यक था।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने भाई के नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार कर उस पर कूटरचित हस्ताक्षर किए और फर्जी एनओसी के जरिए 23 अक्टूबर 2019 को दुकानों का सौदा कर लिया। पुलिस जांच में यह गंभीर तथ्य भी सामने आया कि उक्त दुकानों के क्रय-विक्रय पर 8 मार्च 2001 को ही उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा रोक लगाई जा चुकी थी शिकायत एवं दस्तावेजों के परीक्षण के बाद सुपेला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 एवं 468 के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया। वैधानिक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
दशहरे पर 12 घंटे में 1 करोड़ की शराब गटक गए केसीजी जिले के शराबी!
खैरागढ़। त्योहार खुशियां बांटने, परिवार के साथ समय बिताने और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने का अवसर होते हैं लेकिन जब उत्सवों के साथ शराब की खपत का बढ़ता आंकड़ा चर्चा में आने लगे तो समाज को आत्ममंथन की जरूरत महसूस होती है। केसीजी जिले में विजयादशमी के दिन महज 12 घंटे के भीतर एक करोड़ छह लाख रुपये से अधिक की शराब की बिक्री ने इसी सवाल को सामने ला दिया है कि क्या त्योहारों की खुशियां अब नशे से जुड़ती जा रही हैं?
गौर करें कि जिले की सीमित आबादी और भौगोलिक क्षेत्रफल को देखते हुए शराब बिक्री का यह आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है। शारदीय नवरात्रि के दौरान शराब दुकानों में अपेक्षाकृत कम भीड़ रही लेकिन दशहरे के दिन सुबह दुकानें खुलते ही खरीदारों की आवाजाही बढ़ गई। खैरागढ़, छुईखदान और गंडई के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों में भी ग्राहकों की भीड़ नजर आई। कुछ दुकानों पर चुनिंदा ब्रांड का स्टॉक कम पड़ने की स्थिति भी बनी रही।
शराब की बिक्री से शासन को आबकारी राजस्व मिलता है, लेकिन केवल कमाई के आंकड़े से इस प्रवृत्ति के सामाजिक प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अत्यधिक शराब सेवन परिवारों की आर्थिक स्थिति, घरेलू शांति, स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। त्योहारों के दौरान नशे में वाहन चलाने और विवाद की आशंका भी बढ़ जाती है।
हालांकि, बिक्री के आंकड़े से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इतनी शराब का सेवन उसी दिन हुआ या सभी खरीदारों ने इसका व्यक्तिगत रूप से उपभोग किया। फिर भी इतनी बड़ी बिक्री उत्सवों के दौरान शराब की मांग और उससे जुड़े सामाजिक पहलुओं पर चर्चा की जरूरत जरूर पैदा करती है। जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार दशहरे के दिन अवैध शराब बिक्री अथवा निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत सामने नहीं आई।
विभाग के मुताबिक, बिक्री की प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। लेकिन त्योहारों के दौरान प्रशासन की जिम्मेदारी केवल अवैध बिक्री पर नियंत्रण तक सीमित नहीं होनी चाहिए। नशे में वाहन चलाने पर रोक, सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी और शराब के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता भी जरूरी है। त्योहारों का वास्तविक उद्देश्य खुशियां बांटना और सामाजिक एकता को मजबूत करना है। ऐसे में जरूरी है कि उत्सव का आनंद नशे पर निर्भर न हो। परिवार, समाज और प्रशासन की साझा पहल से ही त्योहारों को सुरक्षित, स्वस्थ और सार्थक बनाया जा सकता है।
गौरीनगर कांड के बाद अवैध रूप से मांस बेचने वालों पर चला निगम का डंडा
राजनांदगांव। शहर में अवैध रूप से मांस विक्रय करने और अतिक्रमण कर व्यवसाय संचालित करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। मांस विक्रय करने वाले होटल, ठेला और खोमचों में लाइसेंस, खाद्य सुरक्षा विभाग की अनुमति, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और साफ- सफाई की जांच के लिए शनिवार को नगर निगम, पुलिस तथा खाद्य एवं औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर दबिश दी।
कार्रवाई से पहले महापौर मधुसूदन यादव ने नगर निगम, पुलिस और खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर शहर में मांस विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच के निर्देश दिए। महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि कुछ दिन पहले गौरी नगर में अवैध रूप से मांस विक्रय किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी।
वहीं, नगर निगम ने अतिक्रमण से संबंधित कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को तोड़ा था, और ठेला जब्त किया था। इसी के मद्देनजर शहर के सभी मांस विक्रेताओं के लाइसेंस, खाद्य सुरक्षा विभाग की अनुमति तथा साफ-सफाई संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। नगर निगम द्वारा संबंधित व्यवसायियों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
बस स्टैंड से पोस्ट ऑफिस के बीच हुई कार्रवाई
महापौर के निर्देश पर शनिवार शाम नगर निगम, पुलिस तथा खाद्य एवं औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मांस विक्रय करने वाले होटल, ठेला और खोमचों की जांच की। टीम ने नया बस स्टैंड, टाउन हॉल के सामने, फ्लाईओवर के नीचे, पोस्ट ऑफिस के पास और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में पहुंचकर प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, खाद्य सामग्री, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी दस्तावेजों की में जांच की। इस दौरान कुछ प्रतिष्ठानों व्यावसायिक उपयोग के स्थान पर घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल पाया गया। टीम ने ऐसे मामलों में चार गैस सिलेंडर जब्त किए।
पीएचई ठेकेदारों को भुगतान की तैयारी बिल लगाने मची अफरा तफरी
राजनांदगांव। दीपावली से पहले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के ठेकेदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राजनांदगांव जिले में विभाग के नौ ठेकेदारों को करीब पांच करोड़ रुपये का भुगतान करने की तैयारी की जा रही है। जिसे लेकर वर्तमान में पीएचई विभाग में ठेकेदारों की हुजूम उमड़ने लगी है। बिल लगाने विभाग में दबाव बना हुआ है। ऐसी उम्मीद है कि पर्व के पहले ठेकेदारों को राहत मिलेगी। जानकारी के अनुसार, पीएचई विभाग के अंतर्गत कराए गए विभिन्न कार्यों के एवज में ठेकेदारों को करीब पांच करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है।
दीपावली के पहले भुगतान कराने की तैयारी है। ठेकेदारों ने बताया कि इस राशि के मिलने से ठेकेदारों को अपने कार्यों में लगी पूंजी की भरपाई करने में मदद मिलेगी। साथ ही मजदूरों का भुगतान करने और निर्माण सामग्री के बकाये का हिसाब चुकाने में भी सहूलियत हो सकती है। दीपावली के अवसर पर व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने के साथ ही ठेकेदारों को भी भुगतान की आवश्यकता रहती है।
सूत्रों ने बताया कि, पांच करोड़ रुपये के भुगतान की तैयारी है। हांलाकि विभिन्न प्रक्रिया पूरी करने के बाद सबसे पहले सिंगल विलेज योजना के तहत काम करने वाले ठेकेदारों को पहले प्राथमिकता दी जा रही है। अब यह देखना होगा कि, विभागीय प्रक्रिया पूरी कर दीपावली से पहले ठेकेदारों के खातों में राशि कब तक पहुंचती है।
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