दुर्ग। शहर के निस्तारी तालाबों के चारों ओर अतिक्रमण की भरमार है। इसे हटाने निगम प्रशासन द्वारा बीच-बीच में कार्रवाई की जाती है। कुछ दिनों बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत तकिया पारा वार्ड 8 स्थित हरना बांधा तालाब के चारों ओर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। इसे गंभीरता से लेते हुए रविवार को महापौर अलका बाघमार ने वार्ड पार्षद, एमआईसी सदस्यों एवं निगम अधिकारियों के साथ तालाब क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने तालाब के किनारे किए गए पुराने एवं नए अतिक्रमण का जायजा लिया। इस दौरान वार्ड के नागरिकों एवं शिकायतकर्ताओं ने महापौर को बताया कि कुछ लोगों द्वारा तालाब की सीमा की ओर बढ़कर अवैध रूप से कब्जा किया गया है तथा घर एवं अन्य निर्माण किए गए हैं। महापौर अलका बाघमार ने मौके पर मौजूद निगम अधिकारियों को अतिक्रमण किए गए स्थानों का निरीक्षण कर नियमानुसार अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हरना बांधा तालाब के चारों ओर लंबे समय से हो रहे अवैध कब्जे एवं लगातार बढ़ते अतिक्रमण की शिकायतों को महापौर अलका बाघमार ने गंभीरता से लेते हुए स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर तालाब के चारों ओर की स्थिति का जायजा लिया तथा स्थानीय लोगों से अतिक्रमण को लेकर जानकारी ली।
महापौर ने अधिकारियों से कहा कि तालाब की वास्तविक सीमा एवं शासकीय भूमि का चिन्हांकन करते हुए अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट की जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जलस्रोतों का संरक्षण केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। तालाबों को अतिक्रमण एवं गंदगी से मुक्त रखने के लिए नागरिक निगम प्रशासन का सहयोग करें और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी निगम को दें।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाब क्षेत्र में नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने कहा कि शहर के जलस्रोतों को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जाएंगे। इस दौरान लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, एमआईसी सदस्य शेखर चन्द्राकर एवं ज्ञानेश्वर ताम्रकार, पार्षद खालिक रिजवी शेरू एवं आशीष चन्द्राकर, जितेंद्र जीतू ताम्रकर, एल्डरमैन अनूप सोनी, उप अभियंता विनोद मांझी, करण यादव सहित जाकिर खोकर, वसीम कुरैशी एवं बड़ी संख्या में वार्ड के नागरिकगण उपस्थित रहे।
अतिक्रमण से मुक्त रखना निगम की प्राथमिकता महापौर अलका बाघमार ने कहा कि हरना बांधा तालाब शहर की महत्वपूर्ण जल संरचनाओं में शामिल है। तालाबों और उनके आसपास की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखना नगर निगम की प्राथमिकता है। तालाब के किनारे जिन लोगों ने अवैध रूप से निर्माण अथवा कब्जा किया है, वे स्वयं अपना अतिक्रमण हटा लें। यदि स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो निगम प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा।
उचित मूल्य दुकान के राशन में कमी, आरोपी पर अपराध दर्ज
दुर्ग। शासकीय उचित मूल्य दुकान में कुल मात्रा से चावल, शक्कर एवं नमक की कमी पाई जाने पर दुकान संचालक पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है। खाद्य अधिकारी टेकेश्वर की शिकायत पर मोहन नगर पुलिस ने संचालक मोहम्मद यासीन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 व 7 के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।
पुलिस ने बताया कि प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच करने पर कुल मात्रा से दुकान में 994.12 क्विंटल चावल 2.05 क्विंटल शक्कर एवं 13.70 क्विंटल नमक कम पाया गया है। दुकान संचालक में अनियमितता पाए जाने पर जिला खाद्य कार्यालय दुर्ग में प्रकरण पंजीबद्ध कर भौतिक सत्यापन किया गया। शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नाबालिग मां के बच्चे के पिता का डीएनए टेस्ट में खुलेगा राज
भिलाईनगर। धमधा थाना अंतर्गत एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। किशोरी ने आरोप लगाया है कि एक नाबालिग युवक ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए थे। अब बच्चे के जन्म के बाद युवक नवजात को अपना मानने से इनकार कर रहा है। शिकायत के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है। वहीं पुलिस अब नवजात शिशु और आरोपी नाबालिग युवक का डीएनए परीक्षण कराने की तैयारी में है। डीएनए जांच के बाद बच्चे के जैविक पिता से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
धमधा थाना प्रभारी महेश धुरव ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले इंटरनेट के जरिए किशोरी की पहचान एक नाबालिग युवक से हुई थी। युवक का उसके गांव में रहने वाले एक पड़ोसी के घर आना जाना था। इसी वजह से दोनों की मुलाकात होने लगी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।
किशोरी का आरोप है कि युवक ने उससे शादी करने का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद वह गर्भवती हो गई। गर्भावस्था की जानकारी युवक को देने पर उसने शादी के लिए सहमति जताई थी। किशोरी के अनुसार बाद में युवक ने अपने परिजनों के दबाव का हवाला देते हुए उससे शादी करने से मना कर दिया। किशोरी के माता- पिता अलग-अलग रहते हैं इसलिए वह अपनी नानी के साथ रह रही थी।
कुछ दिन पहले किशोरी ने नवजात बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म की जानकारी कथित प्रेमी तक पहुंचने के बाद उसने नवजात को अपना बच्चा मानने से इनकार कर दिया। वहीं युवक ने बच्चे की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करने के बाद किशोरी ने धमधा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस मामला दर्ज कर विवेचना कर रही है।
नकली जेवर गिरवी रख लाखों रुपए की धोखाधड़ी, तीन आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। नकली सोने के जेवरात गिरवी रखकर 8.25 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से नकली जेवरात एवं चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस ने बताया कि 30 सितंबर को नकली सोने के जेवरात गिरवी रखकर 8,25,000 रुपए प्राप्त करने वाले मामले में सिटी कोतवाली पुलिस एवं एसीसीयू टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 4 अक्टूबर को प्रार्थी पवन कुमार जैन निवासी भोई पारा द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि एक महिला एवं एक पुरुष नकली सोने के जेवरात कुल वजन 84.880 ग्राम गिरवी रखकर कल 8,25,000 रुपए नगद प्राप्त कर लिए हैं और उनके साथ धोखाधड़ी की है।
शिकायत के बाद पुलिस अपने आरोपियों के खिलाफ धारा 318 (4), 3 (5) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच में जुटी हुई थी। पुलिस ने पतासाजी करते हुए रमेश कुमार निवासी शिवानंद नगर अग्रवाल किराना स्टोर के पास रायपुर एवं मीनाक्षी बाघ निवासी कादंबरी नगर मीनाक्षी विला दुर्ग को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपियों से पूछताछ के बाद नकली सोने के जेवरात उपलब्ध कराने वाले राजेश अग्रवाल निवासी कबीर नगर रायपुर की पतासाजी कर पुलिस ने उसे भी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। संलिप्तता पाए जाने पर उसे भी विधिवत गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा नकली सोने के जेवरात को वास्तविक सोने के जेवरात के रूप में प्रस्तुत कर जेवर गिरवी रखे गए थे और इसके बदले राशि प्राप्त कर धोखाधड़ी की गई थी।
शिक्षकों का सम्मान देने में उदासीनता, समारोह की तिथि अब तक तय नहीं
दुर्ग। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों को चयन किया जा चुका है। शिक्षा विभाग की उदासीनता का आलम ये है कि एक माह बीत जाने के बाद भी इन शिक्षकों को अब तक पुरस्कृत नहीं किया जा सका है। सम्मान की तिथि अब तक निर्धारित नहीं की जा सकी है।
दरअसल, मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत प्रति वर्ष शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों को पुरस्कृत किए जाने का प्रावधान रहा है। विकासखंड स्तर पर शिक्षादूत, जिला स्तर पर ज्ञानदीप तथा संभाग स्तर पर शिक्षाश्री पुरस्कार से शिक्षकों को नवाजा जाता है। विकासखंड स्तर पर शिक्षादूत पुरस्कार के लिए 9 सहायक शिक्षक, ज्ञानदीप के लिए पूर्व माध्यमिक शाला के 3 शिक्षक तथा संभाग स्तर पर 3 व्याख्याता को शिक्षाश्री सम्मान दिया जाना है। इसके लिए उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन भी हो चुका है।
सम्मान समारोह में शिक्षादूत पुरस्कार के लिए प्रत्येक शिक्षकों को 5000 रूपये, ज्ञानदीप पर 7000 रुपए तथा शिक्षाश्री पुरस्कार के लिए 10000 रुपए एवं प्रशस्ति पत्र, शील्ड प्रदान किया जाएगा। शिक्षादूत पुरस्कार के लिए दुर्ग ब्लॉक से रजनीकांत भारद्वाज करहीडीह, टोमन लाल साहू बोरसीभाठा तथा चित्रा इंगले बिरेझरभाठा, पाटन ब्लॉक से टिकेश्वरी वर्मा अमेरी दिलीप कुमार शुक्ला कुगदा तथा कमल सिंह साहू मोरिद, धमधा ब्लॉक से चदूलाल साहू नवीन सेमरिया, रापना दुबे रामपुर तथा कुंवर सिंह खिलौरा का चयन किया गया है।
इसी तरह ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए स्वाती प्रसाद शिक्षक (एल.बी) शास.पू.मा.शा टेमरी दुर्ग, राकेश हरमुख शिक्षक (ई) शास. पू. मा.शा तुमाकला धमधा तथा मुकेश कुमार वर्मा शिक्षक (एल.बी) शास.पू.मा.शा.अमेरी पाटन के नामों की घोषणा की गई है।
आवास अनापत्ति के नाम पर ग्रेच्युटी रोकने पर जताई आपत्ति
भिलाई। हाउस लीज संयुक्त संघर्ष समिति की साप्ताहिक बैठक भिलाई सेक्टर 02 के शक्ति सदन में हुई। वक्ताओं ने बीएसपी प्रबंधन के द्वारा आवास एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र के नाम पर रोकी गई कर्मचारियों की ग्रेच्युटी, लीव एन्कैशमेंट एवं सेवा की राशि को लेकर वक्ताओं ने किया भिलाई इस्पात संयंत्र रोष जताया गया।
बीएसपी के सेवानिवृत्त कमर्चारियों की ग्रेच्युटी, लीव एन्कैशमेंट एवं सेवा की राशि को अनापत्ति प्रमाण पत्र के नाम पर रोककर रखना विधिसम्मत नहीं है । यह राशि कर्मचारियों की वर्षों की मेहनत की कमाई एवं सेवा से अर्जित स्वत्व है, जो उनके एवं उनके परिवार के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा है । यदि अंतिम भुगतान में किसी कारणवश विलंब होता है, तो रोकी गई राशि को विधिवत ऐसे ब्याजयुक्त खाते में सुरक्षित रखा जाना चाहिए, जिस पर ब्याज देय हो, न कि ऐसे खाते में जहाँ कमर्चारी की अंतिम भुगतान राशि पर कोई ब्याज प्राप्त न हो।
यदि बीएसपी प्रबंधन द्वारा ग्रेच्युटी की राशि को बिना ब्याज वाले खाते में रखा जाता है, तो प्रबंधन को उसका स्पष्ट एवं युक्तिसंगत कारण संबंधित कर्मचारी को उपलब्ध कराया जावे। साथ ही बीएसपी प्रबंधन द्वारा प्रत्येक संबंधित कमर्चारी को तत्काल लिखित रूप में जानकारी दी जाए कि उसकी रोकी गई। राशि किस खाते में रखी गई है अथवा कहाँ निवेश की गई है, उस पर कितनी ब्याज राशि अर्जित हुई है।
ग्रेच्युटी के भुगतान में वैधानिक विलंब होने पर उपादान भुगतान अधिनियम, 1972 की धारा 7 ( 3अ) के अधीन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 10 प्रतिशत ब्याज का भुगतान करना नियोक्ता का वैधानिक दायित्व है। बैठक में रमेश पाल, राजेंद्र शर्मा, तुलसी साहू, गौर, नागेश्वर राव, योगेश साहू, सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
स्टाफ और उपकरणों की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल
राजनांदगांव। बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल भवन का एक साल पहले करोड़ों रूपये खर्च कर रिनोवेशन किया गया है लेकिन हॉस्पिटल की चिकित्सा सुविधा में कोई सुधार नहीं हुआ है। यहां की मुख्य समस्या चिकित्सक, नर्स और अन्य अधिकारी / कर्मचारियों की कमी है।
आलम यह है कि चिकित्सा के साठ प्रतिशत पद रिक्त हैं। पिछले दो साल में 12 चिकित्सक पदस्थ हुए, लेकिन उनमें से 10 डाक्टर्स बिना सूचित किए अनुपस्थित हैं। इसी तरह द्वितीय श्रेणी के भी आधे से ज्यादा पद रिक्त हैं। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 34 पद रिक्त हैं। यही कमी उपकरणों को लेकर है। अधिकांश उपकरण पुराने और जर्जर हो चुके हैं। सीटी मशीन दो साल से बंद पड़ी है। डायलिसिस मशीन ही सुचारू रूप से चल रही है।
हॉस्पिटल प्रबंधन, शासन स्तर पर स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए पत्राचार करता है लेकिन इस दिशा में शासन द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है। स्थानीय जिला हॉस्पिटल का रिनोवेशन तो किया गया है, लेकिन आंतरिक चिकित्सा व्यवस्था दुर्दशा का आंसू बहा रही है। न तो यहां पर पर्याप्त स्टाफ है और न ही उपकरण सही कंडीशन में है।
यहां पर डाक्टर्स के 21 स्वीकृत हैं जिनमें से सिर्फ 10 कार्यरत हैं, शेष रिक्त हैं। बेहद आश्चर्यजनक पहलू यह है कि सर्जिकल निश्चेतना, नाक, कान, गला, अस्थि के एक भी नियमित डाक्टर नहीं है। इसके कारण मरीजों को भटकना पड़ता है।
बताया जाता है कि यहां पर पिछले दो साल में यहां पर 12 चिकित्सक पदस्थ हुए हैं, लेकिन उनमें से 10 बिना प्रबंधन को सूचित किए अनुपस्थित चल रहे हैं। यह भी देखा जाता है कि हॉस्पिटल, में ओपीडी का समय सुबह नौ बजे से एक बजे तक है लेकिन अधिकांश डाक्टर दस बजे के बाद आते हैं।
नेत्ररोग विभाग के डाक्टर तो साढ़े ग्यारह बजे आते हैं तब तक कुछ मरीज बिना जांच के लौट जाते हैं। इसी तरह द्वितीय श्रेणी के मेडिकल ऑफिसर के 16 पद स्वीकृत हैं, इनमें से 12 नियमित कार्यरत हैं, चार पद रिक्त हैं। द्वितीय श्रेणी के कुल 26 स्वीकृत पदों में मात्र 14 कार्यरत हैं, 12 रिक्त हैं।
स्टॉफ नर्स के कुल 81 स्वीकृत पदों में 75 कार्यरत हैं जबकि छह पद रिक्त हैं। जहां एक ओर ओटी टेक्नीशियन के सभी चार पद रिक्त हैं। आया के दस में से छह पद, वार्ड ब्वाय के 14 में से छह पद, ओटी अटेंडेंट के तीन पद रिक्त हैं, वहीं फार्मासिस्ट ग्रेड-२ के एक पद अतिशेष है, इसी तरह ए एन एस के दो, लैब टेक्नीशियन दो पद, नेत्र सहायक के एक पद अतिशेष है।
जिस तरह चिकित्सक और अन्य पद बड़ी संख्या में रिक्त हैं, उसी तरह मरीजों की जांच के लिए उपकरणों की भी कमी बनी हुई है। जो उपकरण हैं, वे पुराने और जर्जर हो चुके हैं। एक्सरे मशीन पुरानी जर्जर होने के कारण बार बार मरम्मत कर काम चलाया जा रहा है। इसी सीटी मशीन दो साल से बंद है। सोनोग्राफी मशीन की जांच रिपोर्ट के रूप में फिल्म भी मरीजों को उपलब्ध नहीं कराई जाती है। मरीजों को जांच कराने के लिए निजी क्लीनिकों की शरण लेनी पड़ती है जहां उनसे मनमाना फीस वसूल किया जाता है।
नवरात्र पर सजने लगे देवी मंदिर, नौ दिन होगी मां की सेवा
राजनांदगांव। आगामी 11 अक्टूबर को नवरात्र का पर्व है। जिसे लेकर पूरे नौ दिन शहर में भक्ति भाव का माहौल रहेगा। पर्व को लेकर शहर के शीतला मंदिर और पाताल भैरवी मंदिर सहित मां बम्लेश्वरी डोंगरगढ़ में तैयारी की जा रही है। जहां मंदिरों को रंग रोगन कर झालरों से सजाया जाएगा। कलश स्थापना के लिए कक्ष की तैयारी हो रही है। शहर के शीतला मंदिर में कलश ज्योति कक्ष की सफाई व मंदिर के रंग रोगन का काम किया जा रहा है। यहां भी हर साल कुंवार में सैकड़ों की संख्या में ज्योत जलाए जाते है। जहां पूरे नौ दिन भक्ति भाव का माहौल बना रहता है।
इसी तरह शहर के पाताल भैरवी मंदिर में भी ज्योति कलश की सजावट शुरू हो गई है। मंदिर के पदाधिकारी गणेश शर्मा ने बताया कि, हर साल की तरह इस बार भी मां के मंदिर का सजावट किया जा रहा है। पूरे दिन भंडारा और जसगीत का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा। उन्होने बताया कि हर साल बड़ी संख्या में यहां भक्त आते है। डोंगरगढ़ जाने वाले श्रध्दालु हर साल पाताल भैरवी का भी दर्शन करते है। दुर्ग अंजोरा बाईपास से लेकर राजनांदगांव हाईवे में लाइट लगाने का काम शुरू कर दिया है। हर साल की तरह इस साल भी गौरीनगर रेल क्रासिंग से पदयात्री मार्ग डायवर्ट कर नवागांव से डोंगरगढ़ तक मार्ग तैयार किया गया है।
बसंतपुर कृषि मंडी में राम लला मंदिर के होंगे दर्शन
बसंतपुर स्थित कृषि उपज मंडी में अयोध्या के राम मंदिर के दर्शन होगें। इस बार नवरात्र में इसी शीर्षक पर मंदिर तैयार किए जा रहे है। इस कारीगरी के लिए कलकत्ता से कलाकारो को बुलाया गया है। जहां झांकी लगभग पूरी तरह से तैयार हो गई है।
मंडी के सचिव पंचराम वर्मा ने बताया कि इस बार आयोध्या के राम मंदिर का दर्शन झांकी के माध्यम से होगा। इसके लिए पूरे नौ दिन भंडारे भी होंगे। आगामी 11 अक्टूबर से नवरात्र प्रारंभ होने के दिन से ही झांकी के दर्शन हो सकेगें। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण पर है। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी व्यापक तैयारियां की गई है।
झांकी के अंदर परिसर से लेकर बाहर तक लाइटों से मंडी को सजाया जाएगा। वही पार्किंग के लिए भी व्यवस्था की गई है। मंडी में पिछले कई वर्षो से झांकी बनाई जा रही है। जो आकर्षण का विषय बनता जा रहा है। हर साल यहां झांकी के दर्शन के लिए शहरवासी उमड़ते है।
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