भिलाईनगर। सेल मैनेजमेंट ने बीएसपी सहित सभी यूनिटों के लिए हाउसिंग स्कीम का नया डीपीआर बनाकर इस्पात मंत्रालय को भेज दिया है। सरकार की मॉनिटाइजेशन पॉलिसी के चलते इसमें रिटायर्ड कार्मिकों के लिए आवास का कोई प्रावधान नहीं है। कम्पनी के नए डीपीआर से रिटेंशन स्कीम की फाइल हमेशा के लिए क्लोज हो गई है। रिटेंशनधारी कम्पनी आवासों को नहीं छोड़ते हैं, तो उन्हें 24 रु. प्रति वर्गफीट की दर से किराया पटाते रहना होगा।

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बीएसपी के रिटेंशनधारियों के लिए यह बुरी खबर हो सकती है। दरअसल, सरकार की मॉनिटाइजेशन पॉलिसी के चलते अब कम्पनी की यूनिटों के टाउनशिप की जमीनों से अधिक से अधिक रेवेन्यू जनरेट करने पर जोर है। सरकार ने इसके लिए नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कार्पोरेशन (एनएलएमसी) की स्थापना 03 जून 2022 को ही कर दी है।

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इसका मुख्य उद्देश्य केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य सरकारी एजेंसियों की अतिरिक्त या अनुपयोगी पड़ी भूमि और भवनों का मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) करके राजस्व जुटाना है। यह अन्य सरकारी संस्थाओं को भूमि मुद्रीकरण के लिए तकनीकी और पेशेवर सलाह भी देता है।

सेल के पास इस समय सभी यूनिटों को मिलाकर करीब कई करोड़ एकड़ जमीन है। भिलाई में ही टाउनशिप का एरिया करीब 6 हजार एकड़ का है। सरकार का दबाव है कि इन जमीनों का व्यावसायिक उपयोग कर उससे राजस्व जनरेट किया जाए। इसी का नतीजा है कि सेल मैनेजमेंट ने इस्पात मंत्रालय को अपनी यूनिटों के लिए हाउसिंग स्कीम का नया डीपीआर इस्पात मंत्रालय को भेजा है।

इसमें कम्पनी से रिटायर होने वाले कार्मिकों के लिए आवास संबंधी कोई प्रावधान नहीं है। अब कम्पनी में सेवारत कार्मिकों के लिए भी सीमित संख्या में ही आवास रखे जाएंगे। थर्ड पार्टी यानी तृतीय पक्ष के लिए भी आवासों की संख्या सीमित की जा रही है। केन्द्रीय और राज्य सरकार के कुछ कर्मचारियों सहित कुछ अन्य लोगों के लिए भी जिन्हें आवास सुविधा देना कम्पनी अपरिहार्य मानती है केवल उन्हें ही आवास मिलेगा।

किराया नहीं देने पर क्या होगा ? : सितंबर 2025 तक रिटेंशन स्कीम के तहत रहने वालों से एनक्यू 1 से एनक्यू 3 तक के आवासों के लिए 8 लाख रु., एनक्यू 4 व एनक्यू 5 के लिए 9 लाख रु. और एक्जीक्यूटिव आवासों के लिए 10 लाख रु. सेक्युरिटी डिपाजिट जमा कराया जाता था । किराया नहीं पटाने पर रिटेंशनधारियों से उनकी जमा राशि से कटौती की जाएगी।

अब रिटेंशनधारियों के लिए क्या होगी पॉलिसी : कम्पनी के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो नए डीपीआर से रिटेंशन स्कीम को फिर से लागू करने की संभावना खत्म हो गई है। 24 रु. प्रति वर्गफीट की वर्तमान दर में कोई रियायत नहीं मिलने वाली है। मैनेजमेंट के रुख से यह संकेत भी मिला है कि रिटेंशनधारियों को जबरिया आवास खाली नहीं कराया जाएगा। लेकिन 24 रु. प्रति वर्गफीट की दर से किराया देते रहने होगा। इस दर में भविष्य में 5 प्रतिशत की दर से और बढ़ोतरी का प्रस्ताव बताया जाता है।

पुराने आवासों को डिसमेंटल किया जाएगा : सरकार की मुद्रीकरण पालिसी के चलते अब सेल ने सभी यूनिटों के टाउनशिप के पुराने आवासों को डिसमेंटल कराने का निर्णय ले लिया है। इसके बाद खाली जमीनों का व्यावसायिक उपयोग कर राजस्व जनरेट किया जाएगा। इसके लिए नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कार्पोरेशन सलाह देगा। डिसमेंटल करने के बाद सीमित संख्या में नए आवास बनाना भी प्रस्तावित है।

इनको होगा बड़ा नुकसान : नगर सेवाएं विभाग ने 01 दिसम्बर 2025 से पुरानी रिटेंशन स्कीम को रद्द कर दिया। रिटायर होने के बाद दो माह नार्मल रेंट, अगले चार माह तक 8 रु. प्रति वर्गफीट फिर छह माह बाद 24 रु. प्रति वर्गफीट की दर लागू कर दिया। लेकिन सितंबर 2025 के बाद रिटायर होने और आवास नहीं छोड़ने वालों की ग्रेच्युटी और लीव इन्कैशमेंट की राशि को रोका जा रहा है। ब्याज भी नहीं मिल रहा। ऐसे में 24 रु. प्रति वर्गफीट की दर से रेंट देना और ग्रेच्युटी व लीव इन्कैशमेंट की राशि नहीं मिलना रिटायर्ड कार्मिकों के लिए बड़ा आर्थिक नुकसान है।

ऑनलाइन ठगी मामले में भिलाई का साइबर ठग गिरफ्तार

भिलाईनगर। खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई (केसीजी) पुलिस ने 8.65 करोड़ से अधिक की ऑनलाइन साइबर ठगी के मामले में भिलाई के एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राकेश कुमार साहू उर्फ राहुल साहू (30 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक- 12, रामनगर मुक्तिधाम, थाना वैशाली नगर जिला दुर्ग के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना खैरागढ़ में विविभन्न धाराओं 317(2), 317(4), 318 (4), 61 (2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने 9 जुलाई को आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल, सिम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए।

पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से ऑनलाइन माध्यम से साइबर ठगी कर करीब 8,65, 16,376 की राशि विभिन्न बैंक खातों में जमा कराई थी। इस मामले में पहले भी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि शेष आरोपियों की तलाश और मामले की विवेचना जारी है।

अब बेटी के जन्म पर 21 हजार की एफडी

भिलाईनगर। विधायक रिकेश सेन ने भारतीय जनता पार्टी के वैशाली नगर विधानसभा के रहवासी कार्यकर्ताओं के सामाजिक और पारिवारिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की है। स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी आठ विशेष योजनाओं की घोषणा के बाद अब उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए कन्या भविष्य सुरक्षा योजना का ऐलान किया है, जो 10 अगस्त 2026 से लागू होगी।

विधायक सेन ने बताया कि 10 अगस्त 2026 के बाद वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के घर यदि कन्या का जन्म होता है, तो उस नवजात बेटी के नाम पर 21,000 की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) कराई जाएगी। यह राशि 18 वर्ष की अवधि पूरी होने पर परिपक्व होगी और तब बेटी को करीब 1 लाख रूपये की राशि प्राप्त होगी।

खुर्सीपार फाटक 14 से 24 जुलाई तक रहेगा बंद

भिलाईनगर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में भिलाई- भिलाई नगर के मध्य खुर्सीपार फाटक रेलवे समपार किमी. 855 /08-10 में मिडिल लाईन / का अति आवश्यक मरम्मत कार्य के लिए 14 जुलाई की सुबह 8 बजे से 24 जुलाई की रात 8 बजे तक सड़क यातायात बंद रहेगा।

भिलाई नगर निगम में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर

भिलाईनगर। भिलाई निगम में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर किया गया है। शरद दुबे डाटा एंट्री ऑपरेटर नगर पालिका निगम जगदलपुर से पुनः भिलाई नगर निगम व संजय अग्रवाल कायर्पालन अभियंता भिलाई नगर निगम को नगर पालिका निगम जगदलपुर तबादला किया है।

शंकर सुमन मरकाम उप अभियंता नगर निगम भिलाई को नगर निगम बिलासपुर, चंदन कुमार निर्मल उप अभियंता नगर पालिका निगम भिलाई को नगर पालिका निगम रिसाली में तबादला हुआ है। शशांक शेखर सिंह भदोरिया सहायक राजस्व निरीक्षक नगर पालिका निगम बिरगांव से भिलाई नगर निगम भेजा गया है।

इसी तरह विजय मेहरा उप अभियंता को नगर पालिका परिषद बालोद से नगर पालिका निगम भिलाई , आयुषी सिंह उप अभियंता नगर निगम राजनांदगांव को नगर पालिका निगम भिलाई, आशीष भारती उप अभियंता नगर पंचायत उतई को नगर पालिका निगम भिलाई, पुष्पकर चंद्राकर उप अभियंता नगर पंचायत बलौदा को नगर निगम भिलाई लाया गया है।

दशरथ ध्रुव बने कार्यालय अधीक्षक : भिलाई नगर निगम के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जाते-जाते चार उप अभियंताओं का प्रमोशन कर दिया। दशरथ ध्रुव को कार्यालय अधीक्षक बना दिया तथा बर्खास्त नवीन साहू को बहाल करने का आदेश जारी किया है । दशरथ ध्रुव, सहायक कार्यालय अधीक्षक, सहायक ग्रेड-01 को कार्यालय अधीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया है। उप अभियंता पद से 4 अधिकारियों को सहायक अभियंता पद पर पदोन्नत किया गया है। जिज्ञासा जैन, नेहा पटेल, चन्द्रकांत साहू व रेवती रमन शर्मा है।

सीएसवीटीयू यूटीडी में प्रवेश के लिए कैंपस में होगी दस्तावेजों की जांच

भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) में सीजी डीटीई काउंसिलिंग के माध्यम से सीट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया का अंतिम चरण शुरू हो गया है।

केवल ऑनलाइन सीट आवंटन से प्रवेश पूर्ण नहीं माना जाएगा, विद्यार्थियों को संस्थान स्तर की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए स्वयं तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित होकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य है। विद्यार्थियों को विश्वेश्वरैया भवन यूटीडी-1 के बेसमेंट स्थित एडमिशन सेल में रिपोर्ट करना होगा। प्रवेश प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी।

वहीं विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए अवकाश के दिनों में भी प्रवेश सेल खुला रहेगा। वहीं विश्वविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय हॉस्टल उपलब्ध नहीं है, लेकिन बाहरी विद्यार्थियों की सुविधा के लिए निजी हास्टलों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए विद्यार्थी एडमिशन सेल के हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।

मोबाइल और ईमेल पर मिलेगा प्रवेश लिंक : सीएसवीटीयू द्वारा विद्यार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर प्रवेश संबंधी संदेश भेजा जा रहा है। विद्यार्थियों को संदेश में दिए गए लिंक के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद फॉर्म की प्रिंट कॉपी लेकर निर्धारित दस्तावेजों के साथ एडमिशन सेल में उपस्थित होना होगा।

एक दिन की देरी भी पड़ सकती है भारी : तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय- सीमा के भीतर रिपोर्ट नहीं करने, मूल दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कराने अथवा अधूरी दस्तावेजी प्रक्रिया होने की स्थिति में आवंटित सीट निरस्त की जा सकती है। इसलिए विद्यार्थियों को अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

बी टेक एआई एंड डेटा साइंस की फीस : तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई में बी.टेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस) के प्रथम सेमेस्टर की फीस 54,500 रुपए तथा द्वितीय सेमेस्टर की फीस 50,700 रुपए निर्धारित की गई है। पहले वर्ष की कुल फीस 1,05,200 रुपये होगी, जबकि चार वर्षीय पाठ्यक्रम की कुल अनुमानित फीस 4,09,400 रुपए है।

लकड़ी की कमी से छावनी बस्ती श्मशान घाट में लगा ताला’

भिलाईनगर। छावनी बस्ती के मुक्तिधाम में शव के अंतिम संस्कार के लिए जलाऊ लकड़ी नहीं होने के कारण आज ताला लगा दिया गया है। टेंडर नहीं होने के कारण गरीब परिवार को जलाने के लिए लकड़ी मुहैया नहीं हो पा रही है। सामान्य परिवार एवं गरीब परिवार इस 101 रुपए में जलाऊ लकड़ी योजना से वंचित है।

मुक्तिधाम में स्वयं परिवार जनों को 2100 की लकड़ी या कंडा छेना से, स्वयं के व्यय से अग्नि संस्कार करना पड़ रहा है। छावनी बस्ती श्मशान घाट की हालत बद से बदतर हो गई है। समय पर लकड़ी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इनकी वजह से आम जनता को अंतिम संस्कार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगर निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 40 छावनी बस्ती के साथ-साथ हथखोज और खुर्सीपार के लगभग 2 लाख की आबादी के लोग यहां पर शव का अंतिम संस्कार करने श्मशान घाट पहुंचते हैं। इस श्मशान घाट को नगर निगम के द्वारा ठेके में सुनीता स्व सहायता समूह को दिया गया है जो संचालित करती है। सालाना लकड़ी का टेंडर जेम पोर्टल के द्वारा निगम के द्वारा किया जाता है जो एक माह बीत जाने के बाद भी नहीं किया गया है।

केयरटेकर के पास रखे रजिस्टर के मुताबिक एक महीने में लगभग 46 शवों को सद्गति दी जाती है। वर्तमान स्थिति में जो आसपास के कंधा में लाने वाले शव को ही छावनी बस्ती श्मशान घाट में जलाने की अनुमति केयर टेकर के द्वारा दिया जा रहा है और लकड़ी नहीं होने के कारण जो गाड़ियों से आते हैं उनको रामनगर मुक्तिधाम भेजा जा रहा है।

सुनीता स्व सहायता समूह ‘के संचालक संजय ने बताया कि एक महीना से जलाऊ लकड़ी खत्म हो चुकी है। चार बार आयुक्त को पत्र दे चुका हूं जितनी शक्ति थी उतने दिन तक लकड़ी की पूर्ति किया। अब नहीं हो पा रही है, जो भी आ रहे हैं। स्वयं के व्यय से दाह संस्कार कर रहे हैं। 6 जून को ही टेंडर खत्म हो चुका है मौखिक रूप से आयुक्त के बोले जाने पर श्मशान घाट में सेवाएं दे रहा हूं। गरीब बस्ती होने के कारण लकड़ी के लिए रोज झगड़ा लड़ाई होता है।

करोड़ों का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हो गया जर्जर

पाटन। युवाओं को विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित पाटन का इंडोर स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स देख रेख के अभाव में जर्जर हो गया है।

नगर पंचायत पाटन के वार्ड-5 में शासकीय चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय के सामने बना यह भव्य खेल परिसर अब उपेक्षा का शिकार हो रहा है। रखरखाव के अभाव में भवन जर्जर हो रहा है, जिम के महंगे उपकरण चोरी हो चुके हैं और पूरा परिसर अंधेरे में है । मौके पर निरीक्षण के दौरान जिम कक्ष खाली मिला।

स्थानीय लोगों के अनुसार यहां रखे अधिकांश महंगे जिम उपकरण चोरी हो चुके हैं। परिसर में बिजली व्यवस्था भी ठप है, जिससे भवन के भीतर अंधेरा रहता है। भवन की चाबी रखने वाले व्यक्ति ने भी ऊपरी मंजिल पर जाने से मना किया। बताया गया कि भवन के कई हिस्से जर्जर हो चुके हैं और वहां जाना जोखिम भरा हो सकता है।

रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में चोरों ने भी सरकारी संपत्ति को निशाना बनाया। जिम के महंगे उपकरण, पंखे और अन्य सामग्री चोरी हो चुकी है। कई खिड़कियां और दरवाजे टूट चुके हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बना यह खेल परिसर धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।

1.43 करोड़ के विद्युतीकरण हुए ठप जानकारी के अनुसार केवल विद्युतीकरण कार्य के लिए लगभग 143.73 लाख रुपये (करीब 1.43 करोड़ रुपये) स्वीकृत किए गए थे। इसके बावजूद आज पूरा परिसर अंधेरे में है । स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी बिजली व्यवस्था क्यों नहीं दिखाई दे रही है।

बिना विवाद और बल प्रयोग के हटा चरागाह का अतिक्रमण

बाज़ार अतरिया। सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए जहां अक्सर प्रशासनिक कार्रवाई पुलिस बल और बुलडोजर की जरूरत पड़ती है वहीं खैरागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत चिंगली में ग्रामीणों ने सामाजिक और आपसी सहमति से अलग सहभागिता उदाहरण प्रस्तुत किया है। गांव की करीब 25 एकड़ शासकीय चारागाह भूमि जिस पर लंबे समय से अतिक्रमण था उसे ग्रामीणों की स्वैच्छिक पहल से अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है।

अभियान की खास बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रही है। किसी प्रकार का विरोध या तनाव सामने नहीं आया। सीमांकन के बाद संबंधित ग्रामीण स्वयं अपनी वास्तविक सीमा से बाहर किए गए कब्जे को हटाने में सहयोग कर रहे हैं। मौके पर राजस्व विभाग की टीम शासकीय अभिलेखों के आधार पर भूमि का सीमांकन और चिन्हांकन कर रही है।

ग्रामीणों को उनकी वास्तविक भूमि सीमा की जानकारी दी जा रही है जिसके बाद वे स्वेच्छा से अतिरिक्त कब्जा हटाकर चारागाह भूमि खाली कर रहे हैं। फिलहाल पहले चरण का कार्य जारी है। और आगे अन्य शासकीय भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त कराने की योजना है। ग्रामीणों का कहना है कि चारागाह भूमि पूरे गांव की साझा संपत्ति है। इसका उपयोग पशुओं के चरने और अन्य सार्वजनिक जरूरतों के लिए होना चाहिए।

वर्षों से अतिक्रमण के कारण इसका दायरा लगातार सिमटता जा रहा था। अब भूमि मुक्त होने से इसका उपयोग जनहित में किया जा सकेगा। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समाज सामूहिक जिम्मेदारी निभाए और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता दे तो बिना किसी टकराव या प्रशासनिक दबाव के भी वर्षों पुराने अतिक्रमण हटाए जा सकते हैं। चिंगली की यह पहल जिले के साथ-साथ प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बनकर उभरी है।

बगैर अनुमति के संचालित आर्गेनिक फैक्ट्री में छापा

राजनांदगांव। डोंगरगढ़ के कातलवाही ग्राम में बगैर अनुमति के संचालित बायो प्रोम यूनिट को के दौरान किए गए जांच में इस की पुष्टि सील कर दिया गया हैं। छापामार कार्यवाही हुई हैं कि संचालक द्वारा बगैर अनुमति के उत्पाद बनाया जा रहा था। मौके पर उत्पादित खाद की बोरी को जप्त कर प्रकरण तैयार किया गया है।

जानकारी के अनुसार, कृषि राजनांदगाव की उपस्थिति में किसान मित्र स्वास्तिक आर्गेनिक प्रा.लि. कातलवाही में बायो प्रेम उत्पाद यूनिक का निरीक्षण किया गया। संबंधित यूनिट के संचालक जीवन लाल जंघेल पिता एवं माखन लाल जंघेल निवासी कातलवाही द्वारा बगैर प्रमाण पत्र के आधार पर व्यवसाय एवं निर्माण किया जा रहा था।

सहायक संचालक बीरेन्द्र कुमार अनंत ने बताया कि, बिना वैध प्रमाण पत्र के फैक्ट्री संचालित होना पाया गया अधिनियम- 1955 की धारा-3 के तहत उल्लंघन पाया गया। जिसके तहत स्वास्तिक आर्गेनिक फैक्ट्री से रिच आर्गेनिक मैन्यूर की 1512 बोरी, बायोचार 62 बोरी, प्रिज्म चैम्पियन- 375 बोरी, पीवीसीएस 4-5 की 35 बोरी, सुपर ग्रेड एफ-ट्यूमेर 98% -14 बोरी, ह्यूमिक एसिड 19 बोरी, कम्पोजर पाउडर व्हाइट (खुला) दो टन, रॉकफास्फेट ५० बोरी वायोमिपिक- 8 बोरी, कुवेर बायोप्रोम की ३५० बोटरी, कुल २५85 बोरी को जब्त कर परिसर को सील करने की कार्यवाही की गई। वही पाया गया कि, संचालक द्वारा पंजी संधारण नहीं किया गया है। वहीं उत्पाद निर्माण में सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही है।

किसानों के प्रदर्शन के बाद खेतान फर्टिलाइजर फैक्ट्री को कराया बंद

राजनांदगांव। सोमनी ग्राम स्थित खेतान फर्टिलाइजर फैक्ट्री को लेकर शनिवार को किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। आधा दर्जन गांव के किसान फैक्ट्री के सामने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।

किसानों का कहना था कि फैक्ट्री बायलर से निकलने वाले धुएं से फसल खराब हो रही है। फसल के पौधे में प्रदुषित धूल की मोटी परत जम गई है। किसानो का कहना था कि पिछले साल भी उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ा था। प्रदर्शन के दौरान मौके पर सोमनी पुलिस भी पहुंच गई थी।

किसानों के विरोध को बढ़ता देख इधर तहसीलदार राजनांदगांव प्यारेलाल नाग पहुंचे थे। उन्होने बताया कि अभी फसल लगे होने के कारण नुकसान को ध्यान में रखते हुए फैक्ट्री संचालक को निर्देश दिया गया। जिसके बाद फैक्ट्री बंद करा दिया गया है।

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