वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के सोहसराय थाना क्षेत्र में आगामी दुर्गा पूजा त्यौहार को सौहार्दपूर्ण, शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों ने पूजा समितियों के प्रतिनिधियों, आयोजकों और गणमान्य लोगों के साथ एक शांति समिति की बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था, मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना, डांडिया उत्सवों के आयोजन तथा विसर्जन जुलूस को लेकर शासन द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों से सभी को अवगत कराना था।

​आयोजकों के लिए 14 कड़े नियम लागू

​बैठक को संबोधित करते हुए अंचलाधिकारी (सीओ) ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के सुचारू संचालन के लिए आयोजकों को 14 अनिवार्य शर्तों का पालन करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पूजा पंडाल में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरे, पेयजल की समुचित व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण तथा प्रशिक्षित वॉलंटियर्स की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, जिला प्रशासन के आदेशानुसार डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। रात के समय निर्धारित समयावधि के बाद लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​प्रतिमा स्थापना और विसर्जन के लिए लाइसेंस अनिवार्य

​सीओ ने बताया कि मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, विसर्जन जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए आयोजकों को पहले से ही रूट चार्ट प्रशासन को सौंपना होगा। डांडिया आयोजनों के संबंध में उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी डांडिया कार्यक्रम को प्रशासनिक लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।

​डांडिया में डीजे बैन की उठी मांग

​बैठक के दौरान स्थानीय नागरिक मोहम्मद सद्दाम ने डांडिया कार्यक्रमों में डीजे के उपयोग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि जब प्रतिमा विसर्जन में डीजे पर रोक है, तो डांडिया में भी इसका प्रयोग वर्जित होना चाहिए। यदि डांडिया में छूट दी गई तो विसर्जन के दिन भी लोग डीजे की मांग करेंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन डांडिया को लेकर क्या रुख अपनाता है। फिलहाल, सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।