कुंदन कुमार, पटना। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। पटना में मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान आज बुधवार (24, जून) को कहा कि, इस मामले में मुख्यमंत्री को जब-जब जो पता चला उसके अनुसार कारवाई किए हैं। पहले थानेदार और सिपाही सस्पेंड हुए। फिर डीएसपी को भी सस्पेंड किया गया है। न्यायिक जांच का भी आदेश दिया गया है। यह सबसे बड़ी जांच होती है।
फिर हंगामा करने से क्या फायदा?
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि, रिटायर्ड जज इस मामले (भरत तिवारी एनकाउंटर) में जांच करेंगे, जितनी कारवाई होनी चाहिए हो रहा है। फिर हंगामा करने से क्या फायदा है? उन्होंने कहा कि, इस मामले को लेकर आप समझ लीजिए पीड़ित परिवार को नाय मिलेगा। अगर कहीं गलत हुआ है, तो उसकी जांच हो रही है। जांच का रिपोर्ट आ जाय तो फिर दोषियों पर कारवाई करने में एक मिनट भी नहीं लगेगा।
उन्होंने कहा कि, सरकार पूरी तरह सतर्क है और सब कुछ हो रहा है। वहीं, बागेश्वर बाबा के बयान को लेकर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी कहा उनकी चिंता जायज है। लेकिन हम उनके नजदीकी आदमी के संपर्क में हैं, उन्हें सारी बातें बताई गई हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने की है निष्पक्ष जांच की मांग
बता दें कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी भरत तिवारी एनकाउंटर पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराधी भी है, तो उसे न्यायपालिका के माध्यम से सजा मिलनी चाहिए, न कि सरेंडर के बाद उसका वध कर दिया जाना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री ने भरत तिवारी को सनातन और हिंदू समाज के लिए समर्पित युवा बताते हुए कहा कि वह जल्द ही उसके परिजनों से मिलने उनके गांव बिलौटी जाएंगे। गौरतलब है कि भरत तिवारी ने 2023 में हिंदू राष्ट्र के संकल्प के साथ आरा से बागेश्वर धाम तक पैदल यात्रा की थी, जिस दौरान उनकी मुलाकात पंडित धीरेंद्र शास्त्री से हुई थी।
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