जमशेदपुर। टाटा स्टील प्लांट में किसी कर्मचारी के साथ गंभीर दुर्घटना होने पर इलाज में देरी न हो, इसके लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को और प्रभावी बनाया जा रहा है। गैस रिसाव, आग से झुलसने, ऊंचाई से गिरने या हार्ट अटैक जैसी स्थिति में कर्मचारी को तत्काल टीएमएच पहुंचाने के लिए प्लांट से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा।
बुधवार शाम कंपनी परिसर के स्टीलेनियम सभागार में ‘सेविंग लाइफ इन इंडस्ट्रियल ट्रॉमा’ विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में टीएमएच के पेडियाट्रिक सर्जन डॉ. शिशिर कुमार ने औद्योगिक दुर्घटनाओं में शुरुआती समय की अहमियत और त्वरित चिकित्सा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि हादसा होने के बाद प्लांट के चीफ सुपरवाइजर सीधे टीएमएच के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) को सूचना देंगे। इसके बाद आरएमओ टाटा स्टील और टीएमएच के सिक्योरिटी व एडमिन अधिकारियों को अलर्ट करेंगे। सूचना मिलते ही अस्पताल तक पहुंचने वाले मार्ग को ग्रीन कॉरिडोर में तब्दील कर दिया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया को सिंगल प्वाइंट कम्युनिकेशन सिस्टम से जोड़ा गया है। यानी एक जगह सूचना मिलते ही संबंधित सभी विभाग एक साथ सक्रिय हो जाएंगे। कर्मचारी को ट्रैफिक बाधाओं से मुक्त रास्ते के जरिए करीब 10 मिनट के भीतर टीएमएच पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि गोल्डन आवर्स में उपचार शुरू किया जा सके।



