खगड़िया। जिले के महेशखूंट थाना क्षेत्र के राजधाम में बुधवार देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर शराब तस्करों की धरपकड़ के लिए पहुंची उत्पाद विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीणों के बीच भयंकर झड़प हो गई। इस हिंसक झड़प में उत्पाद विभाग की एक महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) और दूसरे पक्ष की एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।

​गुप्त सूचना पर पहुंची थी उत्पाद विभाग की टीम

​उत्पाद विभाग की महिला एसआई विष्णु प्रिया ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को पुख्ता सूचना मिली थी कि राजधाम इलाके में अवैध शराब की खरीद-फरोख्त की जा रही है। इसी सूचना के आधार पर उनकी टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी की योजना बनाई। टीम जब मौके पर पहुंची, तो उन्होंने घर के बाहर कुछ संदिग्ध लोगों को देखा और उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट कराने का प्रयास किया।
​एसआई के मुताबिक, पुलिस बल को देखते ही कुछ संदिग्ध लोग वहां से भाग खड़े हुए, जबकि एक व्यक्ति तेजी से पास के एक घर के अंदर घुस गया। टीम ने घर के अंदर जाकर उस व्यक्ति की तलाशी लेने और ब्रेथ टेस्ट करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई।

​स्थानीय लोगों का तीखा विरोध और हिंसक झड़प

​उत्पाद विभाग की एसआई ने आरोप लगाया कि घर की तलाशी और ब्रेथ टेस्ट की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने उग्र विरोध किया। विरोध देखते ही देखते हिंसक झड़पों में बदल गया। एसआई विष्णु प्रिया का दावा है कि उग्र भीड़ ने उनके साथ अभद्र गाली-गलौज की और बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उन्हें दांत से काटा गया, थप्पड़ मारे गए और लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनकी गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

​दूसरे पक्ष ने लगाए गंभीर और उल्टे आरोप

​वहीं, दूसरी ओर स्थानीय निवासी उषा देवी ने उत्पाद विभाग की टीम पर ही गंभीर और मनमाने आरोप लगाए हैं। उषा देवी का कहना है कि उत्पाद विभाग के कर्मियों ने उनके घर में जबरन घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। उन्होंने सफाई दी कि उनके पति पेशे से एक साधारण राजमिस्त्री हैं और वे किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते हैं।
​उषा देवी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम उनके पति को जबरन शराब पीने के झूठे आरोप में गिरफ्तार कर साथ ले जाना चाहती थी। जब उनकी बेटी मुस्कान कुमारी ने इसका विरोध किया, तो विवाद काफी बढ़ गया। उषा देवी का आरोप है कि इसके बाद विभाग के महिला और पुरुष कर्मियों ने मिलकर उनके परिवार के साथ हाथापाई की, जिसमें उनकी बेटी मुस्कान के सिर, गर्दन और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी उत्पाद विभाग की टीम कई बार उनके घर आ चुकी है, लेकिन कभी भी कुछ बरामद नहीं हुआ और हर बार उनके परिवार को प्रताड़ित किया गया।

​पुलिस ने संभाला मोर्चा, जांच जारी

​घटना की सूचना मिलते ही महेशखूंट थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों घायलों को तुरंत गोगरी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर विजय कुमार ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज कर रही है और घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मारपीट की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई थी।