फरीदाबाद। सीवर सफाई के दौरान कर्मचारी की दर्दनाक मौत के मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग के सदस्य करम सिंह ने नगर निगम अधिकारियों की बैठक लेकर साफ कहा कि लापरवाही के कारण हुई मौत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, सेक्टर-19 में सीवर की सफाई के दौरान नगर निगम के सफाई कर्मचारी जोगिंदर पहलवान की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई थी। घटना के बाद राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य करम सिंह फरीदाबाद पहुंचे और नगर निगम मुख्यालय में अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में नगर निगम आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, डीपी उषा कुंडू, एसडीएम हनी बंसल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। आयोग ने घटना को गंभीर लापरवाही का मामला मानते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
बिना सुरक्षा उपकरण काम नहीं
करम सिंह ने कहा कि जांच में सामने आया है कि मौके पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे। न तो सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था थी और न ही कार्य की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई थी। उन्होंने निर्देश दिए कि अब किसी भी कर्मचारी को बिना सुरक्षा किट के सीवर या अन्य जोखिमपूर्ण कार्य में नहीं लगाया जाएगा।
अधिकारी की मौजूदगी में होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
आयोग ने निर्देश दिया कि सीवर सफाई जैसे कार्य संबंधित अधिकारी की निगरानी में कराए जाएं और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जा सके।
परिवार को 50 लाख की सहायता, बेटे को नौकरी की सिफारिश
करम सिंह ने बताया कि मृतक कर्मचारी के परिवार को सरकार की ओर से करीब 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, मृतक के शिक्षित बेटे को एलडीसी (लोअर डिवीजन क्लर्क) पद पर नियुक्ति देने के लिए नगर निगम को अनुशंसा भेजी गई है।
आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

