US-ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है. इस बढ़ते संघर्ष के बीच जॉर्डन में हुए हमले में 2 और अमेरिकी सैनिक मारे गए, जिससे कुल मौतों की संख्या 16 हो गई है. अमेरिका ने राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए हैं. शनिवार को अमेरिकी सेना ने बताया कि जॉर्डन में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला करते हुए उनके दो और सैनिक मारे गए हैं.
अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान पर नए हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. CENTCOM के अनुसार इन हमलों का मकसद हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और IRGC को जवाब देना है.
US सेंट्रल कमांड ने बताया है कि जॉर्डन में ईरानी सेना के मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है. इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के ऊपर हवाई हमलों से बमबारी शुरू कर दिया. CENTCOM ने बताया कि शनिवार शाम 6 बजे (ईस्टर्न टाइम) राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए.
इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है. CENTCOM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कल रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने वाले IRGC के बलों को तुरंत और कड़ा सबक सिखाना ही इस हमले का मुख्य उद्देश्य है.
अमेरिकी सेना ने बताया कि 17 जुलाई को जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, जबकि एक सैनिक लापता है. पश्चिम एशिया में ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच जॉर्डन में हुए हमले में 2 और अमेरिकी सैनिक मारे गए, जिससे कुल मौतों की संख्या 16 हो गई है.
सैनिकों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है. परिजनों को आधिकारिक सूचना देने के 24 घंटे बाद ही उनके नाम जारी किए जाएंगे. शांति वार्ता टूटने के बाद से पश्चिम एशिया के अलग-अलग देशों में तैनात अमेरिकी सैनिक लगातार ईरान और उसके सहयोगी गुटों के निशाने पर हैं.
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