हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले में गुरुवार सुबह आर्थिक अपराध इकाई (EOW) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। हाजीपुर नगर परिषद में तैनात अकाउंटेंट मनीष कुमार के दो ठिकानों पर EOW की टीम ने छापेमारी की। यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर की विशेष निगरानी अदालत से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर की गई, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
आय से अधिक संपत्ति का है मामला
आर्थिक अपराध इकाई के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मनीष कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की गोपनीय शिकायतें मिली थीं। शुरुआती जांच में पाया गया कि मनीष कुमार के पास उनकी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति है। एजेंसी का आरोप है कि आरोपी ने अपनी आय से लगभग 2 करोड़ 2 लाख 31 हजार 500 रुपए से अधिक की संपत्ति बनाई है। यह अवैध संपत्ति उनकी वास्तविक आय से करीब 208.57% अधिक बताई जा रही है।
छापेमारी की विस्तृत प्रक्रिया
गुरुवार सुबह करीब 8 बजे EOW की टीम हाजीपुर के बागमली मोहल्ला स्थित मनीष कुमार के आवास पर पहुंची। इस दौरान स्थानीय थाना पुलिस भी सुरक्षा के लिए तैनात रही। छापेमारी के दौरान टीम ने घर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। अधिकारियों ने घर में रखे बैंक खातों, जमीन-जायदाद के कागजात, विभिन्न निवेशों के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर उनकी बारीकी से जांच शुरू की है।
अधिकारियों का बयान
छापेमारी के दौरान घर के बाहर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, कई घंटों तक चली इस लंबी कार्रवाई के बाद भी EOW के अधिकारियों ने अभी तक बरामदगी के संबंध में कोई भी आधिकारिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि तलाशी प्रक्रिया पूरी होने और जब्त दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही नकदी, संपत्ति और अन्य बरामदगी के बारे में विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
नगर परिषद में मचा हड़कंप
अकाउंटेंट मनीष कुमार पर हुई इस कार्रवाई के बाद से हाजीपुर नगर परिषद के अन्य कर्मचारियों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस छापेमारी ने सरकारी सेवा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को नई गति दी है। फिलहाल, EOW की टीम जब्त किए गए दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है, जिसके आधार पर मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और गिरफ्तारी का निर्णय लिया जाएगा। यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है।

