Business Desk – EPFO Vishwas 2026 : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO से जुड़े पुराने मामलों को लेकर परेशान कंपनियों के लिए राहत की खबर है। EPFO ने Vishwas 2026 Scheme के तहत लंबित EPF Damage Cases को कम दर पर सेटल करने का मौका दिया है। पात्र संस्थान इस योजना का फायदा उठाकर लंबे समय से चल रहे विवादों का निपटारा कर सकते हैं और कानूनी प्रक्रिया से बाहर निकल सकते हैं।

इस योजना के तहत आवेदन और सेटलमेंट के लिए संस्थानों के पास 29 दिसंबर 2026 तक का समय है। यानी पात्र कंपनियां तय समय सीमा के भीतर अपने पुराने मामलों को निपटाने की प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।
क्या है EPFO Vishwas 2026 Scheme?
Vishwas 2026 EPF से जुड़े लंबित Damage Cases के समाधान के लिए शुरू की गई योजना है। इसके तहत पात्र संस्थानों को आपसी समाधान के जरिए पुराने मामलों को निपटाने का मौका दिया जाता है।
यह सुविधा उन संस्थानों के लिए है, जिनके EPF Damage से जुड़े मामले Supreme Court, High Court या Central Government Industrial Tribunal यानी CGIT के सामने लंबित हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से चल रहे विवादों को कम करना और पात्र संस्थानों को कम दर पर Damages का Settlement करने का अवसर देना है।
कितनी कम दर पर होगा Settlement?
Vishwas 2026 के तहत Damages की दर इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित संस्थान का Default कितने समय तक रहा। नियम के अनुसार दर इस प्रकार है:
2 महीने से कम: 0.25% प्रति माह
2 महीने से 4 महीने से कम: 0.50% प्रति माह
4 महीने या उससे ज्यादा: 1% प्रति माह
इस तरह Default की अवधि के आधार पर संस्थान को तय दर से Damages का भुगतान कर मामले को Settlement के जरिए खत्म करने का मौका मिलेगा।
29 दिसंबर 2026 तक करना होगा आवेदन
इस योजना का लाभ लेने के लिए संस्थानों के पास 29 दिसंबर 2026 तक का समय है। यानी जिन कंपनियों के EPF Damage Cases योजना की Eligibility में आते हैं, उन्हें समय सीमा खत्म होने से पहले Settlement की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पुराने मामलों से जुड़े संस्थानों के लिए जरूरी है कि वे अपने Pending Cases की स्थिति और योजना की Eligibility को पहले जांच लें।
कंपनियों को क्यों मिल सकता है बड़ा फायदा?
EPF से जुड़े मामले लंबे समय तक अदालत या Tribunal में लंबित रहने पर कंपनियों के लिए Legal Cost और Financial Burden बढ़ सकता है। इसके अलावा कर्मचारियों और संस्थान से जुड़े EPF मामलों को लेकर लंबे समय तक अनिश्चितता बनी रहती है।
Vishwas 2026 के तहत कम दर पर Settlement का विकल्प मिलने से पात्र संस्थानों को पुराने विवादों को खत्म करने का रास्ता मिल सकता है। इससे उन्हें लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया और उससे जुड़े खर्च से राहत मिल सकती है।
किन संस्थानों को पहले जांचनी चाहिए अपनी Eligibility?
जिन कंपनियों या संस्थानों के EPF Damage Cases Supreme Court, High Court या CGIT में Pending हैं, उन्हें सबसे पहले यह जांचना चाहिए कि उनका मामला Vishwas 2026 Scheme की शर्तों के तहत आता है या नहीं।
इसके बाद Default की अवधि, लागू Damage Rate और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जुटाकर समय सीमा के भीतर Settlement के लिए आवेदन किया जा सकता है।


