चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंचकूला के पूर्व सैनिक विनोद कुमार को दिव्यांगता पेंशन के मामले में राहत दी है। अदालत ने केंद्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के पेंशन बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी गई थी। सरकार ने बकाया भुगतान को पिछले तीन साल तक सीमित रखने की मांग भी की थी, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया।

विनोद कुमार 21 साल से ज्यादा समय तक सेना में सेवा देने के बाद 30 नवंबर 2010 को रिटायर हुए थे। आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल, चंडीगढ़ ने 11 मार्च 2026 को उनकी दिव्यांगता पेंशन को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत के स्तर पर निर्धारित करने का आदेश दिया था। केंद्र सरकार ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
पेंशन को सरकारी कृपा नहीं, सैनिक का अधिकार बताया
हाई कोर्ट ने कहा कि पेंशन कोई सरकारी कृपा या अनुग्रह राशि नहीं है, बल्कि सैनिक का अधिकार है। इसे मनमाने तरीके से तीन साल तक सीमित नहीं किया जा सकता।
केंद्र सरकार ने अदालत से मांग की थी कि पूर्व सैनिक को बकाया भुगतान केवल पिछले तीन वर्षों के लिए दिया जाए। हाई कोर्ट ने सरकार की याचिका खारिज करते हुए यह मांग भी ठुकरा दी।
इस फैसले के बाद विनोद कुमार को दिव्यांगता पेंशन और पूरा बकाया पाने का हक मिल गया है।
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