Contact Information

Four Corners Multimedia Private Limited Mossnet 40, Sector 1, Shankar Nagar, Raipur, Chhattisgarh - 492007

पवन दुर्गम,बीजापुर. बासागुड़ा सीआरपीएफ कैम्प में गोलीकांड मामले में एक नया मोड़ आ गया है. लगातार अपने पर लगे आरोपों को बेबुनियाद और बदनीयती से साजिस में फंसाने के आरोप लगाने वाले संतराम यादव का ए​क वीडियों वायरल हुआ है. जो लल्लूराम डॉट कॉम के हाथ लगा है. जिसमें गोलीकांड का मास्टर माइंड संतराम ने अपना गुनाह कुबूल किया है. हांलाकि लल्लूराम डॉट कॉम इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.

इस वीडियों के सामने आने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है. आईये आपको सुनाते है कि संतराम ने पहले वीडियों में क्या कहा था…

https://www.youtube.com/watch?v=8S8Wf-EDfno

और अब जो वीडियों लल्लूराम डॉट कॉम के हाथ में लगा है उसमें क्या कहते नजर आ रहा है…

https://www.youtube.com/watch?v=WumyTZyEG1o

ये पूरा वीडियो है घटना के बाद बीजापुर में संतराम को पेश करने के पहले का बताया जा रहा है. जहां गाड़ी में सवार पुलिस के जवानों को संतराम पूरे गोलीकांड की घटना की सच्चई बता रहा है. कैसे उसने जवानों को दौड़ा दौड़ाकर मारा है.

संतराम वीडियों में एक जवान शंकर राव जिसके बारे में बताता है कि वो बच सकता था, लेकिन फायरिंग के समय वो आ गया था. गुस्सा तो इस पर भी था छोटी छोटी बातें सीईओ को बताता था. इसीलिए इसे भी ठोक दिया.

यहां संतराम ने यह भी बताया कि लगातार फायरिंग के बाद कैसे इसने मंदिर में माथा टेका और अपने हथियार सीआरपीएफ के अधिकारियों को सुपुर्द करते हुए कहा कि मेरा काम हो गया है.

वीडियों में संतराम इस पूरी घटना को अंजाम देने की वजह का जिक्र करते हुए यह कहते नजर आ रहे है कि उनका का स्वास्थ्य खराब था. कान में काफी दर्द था, लेकिन उसे उपचार के लिए नहीं ले जाया जा रहा था. उसे कैंप के बाहर भी नहीं निकलने नहीं दिया जाता था, जिसके चलते उसमें काफी गुस्सा था.

पूर्व में गोलिकांड को अंजाम देने वाले आरोपी संतराम ने मीडिया के माध्यम सीआरपीएफ के क्रियाकलापों और मुठभेड़ों को लेकर कई आरोप लगाये थे.संतराम का कहना था कि उसने गोलियां नहीं चलाई है. उसे फंसाया जा रहा है. वह घटना के समय बैरक में था. संतराम ने पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा था कि बस्तर में ग्रामीणों को नक्सली बताकर मार दिया जाता है. कभी ग्रामीणों को नक्सली का मुखबिर बताकर प्रताड़ित किया जाता है.

आपको बता दे कि 9 दिसंबर को बासागुड़ा सीआरपीएफ के गल्फ कैम्प में एक जवान के द्वारा अपने ही साथी जवानों को एके47 से 95 राउंड गोलियां दाग दी. जिसमें सब इंस्पेक्टर विक्की शर्मा (सांबा, जम्मू-कश्मीर), एसआइ मेघ सिंह (अहमदाबाद, गुजरात), राजवीर सिंह (झुंझनू, राजस्थान) और शंकर राव (विजयनगर, आंध्रप्रदेश) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी. एएसआई गजानन गंभीर रूप से घायल हो गए थे, हरियाणा के रेवाड़ी के रहने वाले जवान गजानन की पसली में गोली लगी थी, जिन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया था.