सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने एक बड़े अंतरराज्यीय नकली दवा निर्माण और सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ किया है. मेरठ, बागपत और उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में की गई संयुक्त छापेमारी में नकली दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और करीब 6 लाख सॉफ्टजेल कैप्सूल बरामद किए गए हैं. मामले में चार लोगों के खिलाफ मेरठ के इंचोली थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है.
एफएसडीए को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मेरठ मंडल के सहायक आयुक्त (औषधि) के नेतृत्व में टीम ने मेरठ के खरदौनी शेखपुर में छापा मारा. यहां ब्लिस्टर पैकिंग मशीन, कंप्रेसर और अन्य उपकरण बरामद हुए. जांच में खुलासा हुआ कि रुद्रपुर स्थित आर.एस. ग्लोबल फार्मा, विकास चौहान और उसके सहयोगी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण कुंडा की मिलीभगत से फूड सप्लीमेंट श्रेणी के विटामिन-ई 10 एमजी सॉफ्टजेल कैप्सूल को प्रसिद्ध ब्रांड ‘Evion 400 mg Soft Gel Capsule’ के नाम से पैक कर दवा के रूप में बाजार में बेचा जा रहा था.
इसे भी पढ़ें : सैफई सिंडिकेट ने समाजवाद को परिवारवाद में बदल दिया, इटावा से सीएम योगी का सपा पर निशाना
इसके बाद जांच की कड़ियां जोड़ते हुए एफएसडीए की टीम ने रुद्रपुर स्थित आर.एस. ग्लोबल फार्मा और बागपत के खेकड़ा स्थित प्रेस्कॉट फार्मा जेल प्राइवेट लिमिटेड पर भी छापेमारी की. जांच में सामने आया कि प्रेस्कॉट फार्मा के पास केवल न्यूट्रास्युटिकल और फूड हेल्थ सप्लीमेंट बनाने का एफएसएसएआई लाइसेंस था, लेकिन उसने नियमों के विपरीत 6 लाख विटामिन-ई 10 एमजी कैप्सूल आर.एस. ग्लोबल फार्मा को बेचे। बाद में इन्हें अवैध रूप से प्रोसेस कर ‘Evion 400 mg’ के रूप में पैक कर दवा की तरह बाजार में सप्लाई किया जा रहा था.
एफएसडीए ने इसे एफएसएसएआई लाइसेंस के दुरुपयोग से संचालित एक संगठित अंतरराज्यीय नकली दवा निर्माण नेटवर्क बताया है. मामले में विकास चौहान, राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण कुंडा, आर.एस. ग्लोबल फार्मा के प्रोपराइटर रोहित कुमार और प्रेस्कॉट फार्मा जेल प्रा. लि. के निदेशक अमृत पटेल को नामजद किया गया है. विभाग ने कहा है कि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.


