सतीश सिंह, इटावा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इटावा में 604 करोड़ की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला. उन्होंने कहा कि एक समय मुलायम सिंह यादव ने जमीन से जुड़े समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया था, लेकिन बाद में “सैफई सिंडिकेट” ने उसे परिवारवाद और वंशवाद की विषबेल में जकड़ दिया.

सीएम योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में नौकरियों पर “सिंडिकेट” हावी रहता था और युवा केवल देखते रह जाते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश संगठित अपराध, माफियाओं, दंगों, कर्फ्यू और अराजकता की पहचान बन चुका था. किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता था और युवाओं के सामने पहचान का संकट था. उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश का किसान, नौजवान और आम नागरिक उस संकट से बाहर निकल चुका है, जबकि संकट अब उन लोगों के सामने खड़ा है जिन्होंने यह स्थिति पैदा की थी.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले “समाजवादी ब्रांड” को लोगों की आस्था की चिंता नहीं थी. कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी शोभायात्रा और दुर्गापूजा जैसे धार्मिक आयोजनों में बाधाएं खड़ी की जाती थीं. उन्होंने दावा किया कि पिछले सवा नौ वर्षों में प्रदेश में न दंगे हुए और न ही अराजकता का माहौल बना। साथ ही उन्होंने कहा कि पहले व्यापारी और बेटियां असुरक्षित थीं, जबकि अब बेटियां सुरक्षित वातावरण में स्कूल और कॉलेज जा रही हैं.

योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने सैफई में ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान की परिकल्पना की थी, लेकिन बाद की सरकार उसे आगे नहीं बढ़ा सकी. उनकी सरकार ने 490 करोड़ की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनवाकर इस परियोजना को पूरा किया.

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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया और दलित महापुरुषों का भी सम्मान नहीं किया. उन्होंने कहा कि संत रविदास नगर का नाम बदला गया और कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम हटा दिया गया था. उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर कर दिया. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के साथ कानून-व्यवस्था, धार्मिक आस्था, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक न्याय के मुद्दों को जोड़ते हुए विपक्ष पर कई राजनीतिक आरोप लगाए और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं.