मैनपुरी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मैनपुरी में 682 करोड़ से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भ्रष्टाचार, अपराध और परिवारवाद के कारण उत्तर प्रदेश की पहचान पर संकट खड़ा हो गया था, जबकि आज बिना भेदभाव विकास और पारदर्शिता के आधार पर काम हो रहा है.

इसे भी पढ़ें- योगी जी… देखिए अपना जीरो टॉलरेंस! बुजुर्ग को गुंडों की तरह घर के बाहर से उठाते नजर आई पुलिस, कानून का राज चल रहा या ‘गुंडाराज’?

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों में योग्यता नहीं, बल्कि “चेहरा और पैसा” देखा जाता था. जो रिश्वत नहीं दे सकता था, उसे नौकरी नहीं मिलती थी. उन्होंने दावा किया कि अब भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और मैनपुरी और इटावा के युवाओं को भी समान अवसर मिल रहे हैं.

किसानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने फसल ऋण माफी योजना के तहत 86 लाख किसानों को लाभ पहुंचाया और इसमें किसी जाति या वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के माध्यम से भी कारीगरों और उद्यमियों को समान रूप से लाभ दिया गया.

इसे भी पढ़ें- Examination, Education के बाद EVM की बारी! सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बड़ा बयान, चुनावी घपलों का जिक्र कर दे डाली चेतावनी

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में व्यापारी और आम नागरिक भय के माहौल में जीते थे. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाकर अपराध और माफिया पर प्रभावी कार्रवाई की तथा इटावा-मैनपुरी क्षेत्र में संगठित अपराध की कमर तोड़ने का काम किया.

मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए विपक्षी नेतृत्व पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास विकास का विजन नहीं था और जो केवल परिवार का खजाना भरने में लगे थे, उनसे प्रदेश के विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती. मुख्यमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ लोग फिर से जाति और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करेंगे. जनता ऐसे लोगों के बहकावे में न आए और विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ते उत्तर प्रदेश का साथ दे.