अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। एक सरकारी स्कूल के स्मार्ट क्लास में अनुशासन की सारी हदें पार कर दी गईं। ढेडगांव स्थित जगदयाल सिंह प्लस टू उच्च विद्यालय के स्मार्ट क्लास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूली छात्र भोजपुरी के जातिसूचक गानों पर जमकर डांस करते नजर आ रहे हैं। इस गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामले में प्रशासन ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।

​14 छात्रों पर गिरी गाज, स्कूल से निष्कासन

​वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए रोहतास के जिलाधिकारी (DM) दीपक कुमार मिश्रा ने पूरे मामले की तुरंत जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान वीडियो में लिप्त पाए गए अनुशासनहीनता करने वाले कुल 14 छात्रों की पहचान कर ली गई है। इन सभी चिन्हित छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें विद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है। प्रशासन का यह कदम अन्य छात्रों के बीच एक कड़ा संदेश देने के लिए उठाया गया है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो।

​प्रधानाध्यापक और दोषी शिक्षकों को नोटिस

​जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस बात की गहराई से जांच की जा रही है कि आखिर किस परिस्थिति में और किसकी अनुमति से स्कूल परिसर और विशेषकर स्मार्ट क्लास जैसे डिजिटल शिक्षण कक्ष में इस तरह के आपत्तिजनक गाने बजाए गए।

  • ​प्रशासन की रडार पर शिक्षक: इस पूरी घटना के लिए केवल छात्र ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि विद्यालय प्रबंधन की भी बड़ी चूक सामने आई है।
  • ​नोटिस जारी: लापरवाही बरतने के आरोप में विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य दोषी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
  • ​आगे की कार्रवाई: नोटिस के जवाब और जांच रिपोर्ट के आधार पर संलिप्त शिक्षकों पर भी विभागीय और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

​स्मार्ट क्लास के दुरुपयोग पर उठे बड़े सवाल

​सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन के स्तर को सुधारने और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है। ऐसे उच्च तकनीकी और शैक्षणिक कक्ष में इस प्रकार की अश्लील या जातिसूचक गतिविधियों का संचालन होना शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भी इस घटना को लेकर काफी नाराजगी है। बहरहाल, जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से शिक्षा विभाग के लापरवाह कर्मियों में हड़कंप मच गया है और यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।