फरीदाबाद के बीके अस्पताल में वाहन की कमी के चलते परिजनों को शव ठेले पर ले जाना पड़ा। अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सांस की तकलीफ से पीड़ित एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों को शव घर ले जाने के लिए अस्पताल से कोई वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। मजबूरी ऐसी बनी कि परिजनों को मृतक का शव सब्जी वाले ठेले पर रखकर घर ले जाना पड़ा। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं और संवेदनशीलता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार राहुल कॉलोनी निवासी फिरोज पिछले कई दिनों से सांस संबंधी बीमारी से परेशान थे। मंगलवार रात अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उल्टियां शुरू होने पर परिजन उन्हें तुरंत बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन अस्पताल पहुंचने के कुछ समय बाद ही फिरोज ने दम तोड़ दिया। आरोप है कि मौत के बाद परिजनों ने शव वाहन के लिए अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन काफी देर इंतजार के बावजूद कोई व्यवस्था नहीं हो सकी।

आखिरकार मजबूर परिजनों ने सब्जी वाले ठेले का सहारा लिया और उसी पर शव रखकर घर के लिए रवाना हो गए। अस्पताल परिसर से ठेले पर शव ले जाए जाने की तस्वीरों ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में भी टीबी (Tuberculosis (क्षय रोग)) से पीड़ित एक महिला की मौत के बाद शव वाहन नहीं मिलने का मामला सामने आया था।

मामले पर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने कहा कि आपातकालीन विभाग के बाहर शव वाहन की उपलब्धता संबंधी सूचना बोर्ड लगाया गया है, जिस पर चालक का मोबाइल नंबर भी अंकित है। नर्सिंग अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरतमंद परिजनों को शव वाहन उपलब्ध कराया जाए। हालांकि घटना के बाद एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाएं कटघरे में नजर आ रही हैं।