Business Desk – FD Loan vs FD Break : फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। लेकिन मेडिकल इमरजेंसी, एक्सीडेंट, बच्चों की पढ़ाई, घर की मरम्मत या किसी अन्य अचानक आए खर्च के समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि एफडी मैच्योर होने से पहले तोड़ दी जाए या उसके बदले लोन लिया जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पैसों की जरूरत कम समय के लिए है, तो एफडी तोड़ने के बजाय उस पर लोन लेना अधिक फायदेमंद हो सकता है। इससे आपकी एफडी भी सुरक्षित रहती है और ब्याज का नुकसान भी नहीं होता।

सही फैसला कैसे लें?

अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आपको रकम कितनी जल्दी चाहिए, एफडी तोड़ने पर कितना ब्याज और पेनल्टी का नुकसान होगा, आपकी लोन चुकाने की क्षमता कैसी है और पैसों की जरूरत शॉर्ट टर्म है या लॉन्ग टर्म।

अगर जरूरत कुछ महीनों की है और आप समय पर पैसा लौटा सकते हैं, तो एफडी पर लोन लेना बेहतर विकल्प माना जाता है।

FD तोड़ने पर कितना नुकसान होता है?

ज्यादातर बैंक एफडी समय से पहले तोड़ने पर 0.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक की पेनल्टी वसूलते हैं। इसके अलावा आपको उतने समय के हिसाब से ही ब्याज मिलता है, जितने समय तक एफडी बैंक में रही। इससे आपकी कुल कमाई कम हो जाती है।

उदाहरण के तौर पर, यदि आपने 1 लाख रुपए की एफडी एक साल के लिए 6 प्रतिशत ब्याज दर पर कराई, लेकिन उसे 6 महीने बाद ही तोड़ दिया, तो बैंक आपको 6 प्रतिशत नहीं बल्कि 5 प्रतिशत की दर से ब्याज देगा। इसके साथ प्री-मैच्योर विड्रॉल की पेनल्टी भी देनी पड़ सकती है।

FD पर कितना लोन मिलता है?

बैंक आमतौर पर एफडी की कुल वैल्यू का 90 प्रतिशत तक लोन देते हैं। यानी यदि आपकी एफडी 1 लाख रुपए की है, तो आपको लगभग 90 हजार रुपए तक का लोन मिल सकता है।

एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर से करीब 1 से 2 प्रतिशत अधिक ब्याज पर यह लोन मिलता है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी एफडी पर 4 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है, तो उसी एफडी के बदले आपको लगभग 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन मिल सकता है।

Loan नहीं चुका पाए तो क्या होगा?

यदि आपने एफडी के बदले लोन लिया है और समय पर उसे नहीं चुका पाते हैं, तो एफडी मैच्योर होने पर बैंक आपकी जमा राशि में से बकाया लोन और ब्याज की रकम काट लेगा। इसके बाद जो राशि बचती है, वह आपको वापस कर दी जाएगी।

कब कौन-सा विकल्प बेहतर है?

अगर पैसों की जरूरत कम समय के लिए है और आप लोन समय पर चुका सकते हैं, तो एफडी पर लोन लेना बेहतर विकल्प है। इससे आपकी एफडी जारी रहती है, पूरा ब्याज मिलता रहता है और प्री-मैच्योर तोड़ने से होने वाला नुकसान भी नहीं उठाना पड़ता। वहीं, यदि लंबे समय तक पैसों की जरूरत है और लोन चुकाने की संभावना कम है, तो परिस्थितियों के अनुसार एफडी तोड़ने पर भी विचार किया जा सकता है।