अनिल मालवीय, इछावर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम वीरपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक बेबस और शोकग्रस्त महिला के घर में घुसकर फाइनेंस समूह के कर्मचारियों ने दबंगई और लूटपाट की सारी हदें पार कर दीं। कर्मचारी महिला के मृत पति के ‘नुक्ते’ यानि मृत्यु भोज के लिए रखे 2 लाख रुपए नकद जबरन छीनकर रफूचक्कर हो गए। विरोध करने पर पीड़ित परिवार के साथ जमकर गाली-गलौज और झूमाझटकी भी की गई। न्याय की गुहार लेकर अब पूरा पीड़ित परिवार थाने पहुंचा है।
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4,100 की किस्त के लिए पहुंचे थे 8-10 कर्मचारी
पीड़ित महिला संतु बाई ने थाने में रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। संतु बाई ने बताया कि उन्होंने एक फाइनेंस कंपनी से 75 हजार रुपए का लोन लिया था। इस लोन की लगभग पूरी राशि वे ईमानदारी से समय पर चुका चुकी थीं और केवल आखिरी किस्त के महज 4,100 रुपए देना बाकी थे। लेकिन इस मामूली सी रकम को वसूलने के लिए कंपनी के 8 से 10 कर्मचारी एक साथ उनके घर पर आ धमके।
घर के अंदर घुसकर वारदात को दिया अंजाम
संतु बाई के अनुसार, जब समूह के लोग घर पहुंचे तो उन्होंने उनकी बेटी से पूछताछ की। इसके बाद जब कर्मचारियों ने बकाया किस्त की मांग की तो संतु बाई ने कहा कि वे अंदर से पैसे लेकर आ रही हैं। इसी दौरान कर्मचारियों ने घर के भीतर रखे 2 लाख रूपए देख लिए और उन्हें जबरन उठाने लगे। यह रकम परिवार ने मुखिया की मौत के बाद होने वाले सामाजिक रीति-रिवाजों के लिए इकट्ठा की थी।
औकात नहीं होती तो लोन क्यों लेते हो- फाइनेंस कर्मचारी
पैसे छीनकर भागते समय जब पीड़ित महिला और उनकी बेटी ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो समूह के कर्मचारियों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने पीड़ितों के साथ जमकर झूमाझटकी की। उन्हें धक्के दिए और गंदी गालियां देते हुए कहा कि तुम लोगों की औकात नहीं होती, तो समूह से लोन क्यों उठाते हो।
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ग्रामीणों ने की डकैती का केस दर्ज करने की मांग
इस खौफनाक वारदात के बाद सहमा और आक्रोशित पीड़ित परिवार तुरंत इछावर थाने पहुंचा। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। हैरान करने वाली बात यह रही कि थाने परिसर में भी पीड़ित परिवार और समूह के कर्मचारियों के बीच तीखी बहस और झूमाझटकी की स्थिति निर्मित हो गई, जिससे कर्मचारियों के बुलंद हौसलों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

