अजय सैनी, भिवानी। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने एक बार फिर जनहित के मुद्दों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता दिखाई है। भिवानी में आयोजित समाधान शिविर के दौरान सोमवार को मान ने उपायुक्त को तीन अलग-अलग पत्र सौंपकर शहर की गरिमा, ऐतिहासिक विरासत और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को सुधारने की पुरजोर मांग की है।
ईश्वर मान ने अपने पहले पत्र में महापुरुषों और शहीदों के सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शहर के चौकों और चौबतरों पर देश के शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों, समाज सुधारकों की भव्य मूर्तियां स्थापित हैं। लेकिन अक्सर राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन अपने प्रचार-प्रसार के लिए इन प्रतिमाओं पर पोस्टर चिपका देते हैं। मान ने कहा कि पोस्टर लगाते और उतारते समय प्रतिमाओं की सुंदरता को भी ठेस पहुंचती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्थलों पर पोस्टर व बैनर लगाना पूरी तरह बैन किया जाए और आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

नागरिक अस्पताल के गेट पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री की फोटो लगाने की मांग
एक अन्य पत्र में पूर्व जिला पार्षद ने भिवानी के नागरिक अस्पताल के गेट पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. चौधरी बंसीलाल की फोटो लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस महापुरुष ने इस अस्पताल की स्थापना के लिए कड़ा संघर्ष किया, उन्हें भी उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अस्पताल के दोनों गेटों पर चौधरी बंसीलाल की फोटो भी लगाई जाए ताकि आने वाली पीढिय़ां उनके योगदान को याद रख सकें।


नगर परिषद कार्यालय में पड़े पुराने कबाड़ का मुद्दा उठाया

तीसरे पत्र में ईश्वर मान ने नगर परिषद कार्यालय में वर्षों से पड़े लोहे के कबाड़ का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि तोशाम रोड स्थित दफ्तर के अंदर भारी मात्रा में लोहा, हाथ रेहड़ी और रिक्शा का कबाड़ पड़ा है, जिसने काफी जगह घेरी हुई है। उन्होंने मांग की कि इस कबाड़ की छंटाई करवाकर तुरंत नीलामी करवाई जाए, नीलामी से प्राप्त आय का उपयोग उसी स्थान पर शेड बनाने के लिए किया जाए, इससे नगर परिषद की जेसीबी, ट्रैक्टर और अन्य मशीनें जो फिलहाल मुख्य गेट पर खड़ी रहती हैं, उन्हें सुरक्षित अंदर खड़ा किया जा सकेगा।


…. तो नहीं बनेगी जाम की स्थिति


उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मशीनों के बाहर खड़े रहने से रेलवे स्टेशन, सैनिक बोर्ड रोड और तोशाम रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है। यदि कबाड़ हटाकर शेड बनाया जाए, तो शहर के लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी और कर्मचारियों के वाहनों के लिए भी जगह उपलब्ध होगी।