झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता मिली है. झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम ने चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर स्थित केरेडारी थाना क्षेत्र के कोतिझरना-खपिया के घने जंगलों में ऑपरेशन चलाकर चार कुख्यात नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया है, जिनमें 15 लाख का इनामी सहदेव महतो भी शामिल है. ऑपरेशन में अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं.

झारखंड को नक्सलमुक्त बनाने के उद्देश्य से सुरक्षा बलों की ओर से चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. चतरा-हजारीबाग सीमा पर हुई मुठभेड़ में 15 लाख के इनामी सब-ज़ोनल कमांडर सहदेव महतो समेत चार कुख्यात माओवादी ढेर हो गए.

झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है. चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर शुक्रवार (17 अप्रैल) दोपहर कोबरा बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में 15 लाख रुपये के इनामी माओवादी सब-जोनल कमांडर सहित चार कुख्यात नक्सली मारे गए हैं. मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है.

गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार 17 अप्रैल को शुरू किए गए इस ऑपरेशन के दौरान दोपहर करीब एक बजे सुरक्षा बलों का सामना नक्सलियों के दस्ते से हुआ. भीषण मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए. मारे गए नक्सलियों में 15 लाख का इनामी और 2014 के चाईबासा जेल ब्रेक कांड का मास्टरमाइंड सहदेव महतो शामिल है, जो 41 मामलों में वांछित था. उसके साथ उसकी पत्नी नताशा, जो सब-जोनल कमेटी सदस्य थी, भी मारी गई. अन्य मारे गए नक्सलियों में 10 लाख का इनामी जोनल कमेटी सदस्य रंजीत गंझु और एरिया कमांडर बुधन करमाली शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में केरेडारी थाना क्षेत्र के कुठान गांव का रहने वाला कुख्यात नक्सली सहदेव (उर्फ शाहदेव) महतो और उसकी पत्नी नताशा शामिल है. नताशा मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी और संगठन में रहते हुए ही उसने सहदेव से विवाह किया था. नताशा हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ से झारखंड आकर माओवादी संगठन को मजबूत करने की साजिश में जुटी थी. दोनों लंबे समय से खूंखार गतिविधियों में संलिप्त थे.

चतरा आरक्षी अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और सघन सर्च अभियान जारी है. अन्य दो मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के साथ मिलकर बुंडू पंचायत के खपिया कोतीझरना (बटुका जंगल) में घेराबंदी की. खुद को घिरता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद मौके से दो एके-47 राइफल, एक कोल्ट एआर-15 राइफल, एक इंसास राइफल समेत अन्य सामग्री बरामद की है. बताया गया है कि इन चारों नक्सलियों के खिलाफ कुल 77 मामले दर्ज थे. 

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m