उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने महिला कल्याण विभाग के लिए 1094.40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी मंजूर की है।

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य की वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट में कई अहम वित्तीय स्वीकृतियां दी हैं। शासन ने 60 साल से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रतिकर भुगतान प्रावधान तय किया है। यह कदम सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में उठाया गया है।

परिवहन निगम पर बजट और असर

यूपी में रोडवेज बसों से प्रतिदिन लगभग 16 लाख यात्री सफर तय करते हैं, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत यानी 2.5 लाख से अधिक है। आंकड़ों के अनुसार दैनिक यात्रियों में 60 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग महिलाओं का अनुपात लगभग 6 प्रतिशत यानी 1 लाख से अधिक बैठता है। संकल्प पत्र के तहत इस श्रेणी की महिलाओं को मुफ्त यात्रा उपलब्ध कराने पर सालाना 264 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित किया गया है।

परिवहन निगम अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से रोडवेज को वित्तीय नुकसान के बजाय आर्थिक फायदा होगा। अमूमन बुजुर्ग महिलाएं अकेले सफर नहीं करतीं और उनके साथ आने वाले सह-यात्री का टिकट मिलने से निगम का राजस्व बढ़ेगा। हालांकि अधिकारियों का यह भी मानना है कि यदि सभी आयु वर्ग की महिलाओं को निःशुल्क बस यात्रा की अनुमति मिलती तो बजट का बोझ काफी बढ़ जाता।

महिला कल्याण को भारी आवंटन

अनुपूरक बजट के माध्यम से राज्य सरकार ने महिला कल्याण विभाग के खाते में 1094.40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि जारी की है। इसके तहत पति की मृत्यु के बाद आर्थिक विषमताओं से जूझ रही महिलाओं को सहारा देने वाली निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 930 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस पूंजी से प्रदेश भर की पात्र लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।

बच्चों और पीड़ितों को संबल

अनाथ और विशेष परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों की शिक्षा व लालन-पालन के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना हेतु 110 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं संकटग्रस्त महिलाओं व बच्चों को समय पर संरक्षण एवं मदद देने के लिए उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष में 54.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में संचालित मुख्यमंत्री शक्ति समृद्धि योजना के लिए भी 10 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।