कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ने अपनी पहचान और भाषा को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब इस कैंपस में ‘इंडिया’ शब्द गुजरा हुआ कल हो गया है, क्योंकि अब हर तरफ सिर्फ ‘भारत’ नाम की गूंज होगी।”
ग्वालियर की प्रतिष्ठित राजा मानसिंह म्यूजिक यूनिवर्सिटी ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया है।कार्यपरिषद की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब विश्वविद्यालय के किसी भी कामकाज में ‘इंडिया’ शब्द का प्रयोग नहीं होगा।
कुलगुरु स्मिता सहस्त्रबुद्धे के निर्देश पर कुलसचिव अरुण चौहान ने आदेश के पालन को लेकर में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। यह फैसला केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है।
- – लिखित दस्तावेज और पत्राचार -अब सभी सरकारी चिट्ठियों और रिकॉर्ड्स में ‘भारत’ लिखा जाएगा
- – नोटिस और सर्टिफिकेट- छात्रों को मिलने वाली डिग्री और नोटिस बोर्ड पर भी ‘भारत’ शब्द का ही उपयोग होगा
- – सांस्कृतिक कार्यक्रम- मंच संचालन और भाषणों के दौरान भी ‘इंडिया’ कहना वर्जित होगा।
यूनिवर्सिटी की कुलगुरु स्मिता सहस्त्रबुद्धे का मानना है कि संगीत और कला भारतीय संस्कृति की आत्मा है,और ऐसे में ‘भारत’ शब्द का प्रयोग हमारी जड़ों से जुड़ाव को और गहरा करेगा। इस फैसले के बाद अब विश्वविद्यालय परिसर में पठन-पाठन से लेकर प्रशासनिक ढांचे तक, भाषा की एक नई व्यवस्था लागू हो गई है।
आपको बता दे कि इस नियम का पालन सख्ती से कराया जाएगा। इस बड़े बदलाव का असर न केवल शिक्षकों और कर्मचारियों पर पड़ेगा, बल्कि छात्र भी अब अपनी गौरवशाली विरासत को ‘भारत’ नाम के साथ आगे बढ़ाएंगे।
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