गयाजी। शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस पार्टी और उसके विभिन्न संगठनों ने मिलकर ‘राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस’ का आयोजन किया। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की रोजगार नीतियों और वादों की पोल खोलना था। इस कार्यक्रम में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ और इंटक के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए बेहद अनोखे और प्रतीकात्मक तरीके अपनाए, जिसमें सड़क किनारे पकौड़ी बेचना, चाय बनाना और लोगों को पिलाना तथा जूता पॉलिश करना शामिल रहा।

​रोजगार के मोर्चे पर विफल रही सरकार

​कांग्रेस नेताओं ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में जब केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तब हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया गया था। लेकिन सरकार के लगभग 12 साल के कार्यकाल के बाद भी यह वादा कागजी साबित हुआ है। देश के युवा और छात्र आज इसी नाकामी के खिलाफ प्रधानमंत्री के जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस’ के रूप में मना रहे हैं। इसके साथ ही, कांग्रेस ने शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ते की मांग की और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे भ्रष्टाचार व घोटालों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। नेताओं का कहना था कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

​जन्मदिन के जश्न पर तीखा कटाक्ष

​कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर जलाए जा रहे दीपकों और उत्सवों पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ जश्न मनाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ देश का पढ़ा-लिखा युवा बेरोजगारी के अंधकार में जीने को मजबूर है। सरकार को केवल आयोजनों पर ध्यान देने के बजाय युवाओं की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

​प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी

इस विरोध प्रदर्शन और कार्यक्रम में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विशाल कुमार, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील कुमार पासवान, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व महासचिव विपिन बिहारी सिन्हा, एनएसयूआई अध्यक्ष नवनीत कुमार सिंह और इंटक के जिला महासचिव टिंकू गिरी प्रमुख रूप से शामिल थे। इनके अलावा पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, राम प्रमोद सिंह, बाबूलाल प्रसाद सिंह, शिव कुमार चौरसिया और आफताब आलम खान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।