गाजियाबाद. ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं. समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव पर टिप्पणी के बाद चर्चा में आए रशीदी ने अब मेरठ की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि हिंसा करने वाले कांवड़ियों को शिवभक्त नहीं बल्कि “आतंकवादी” कहा जाना चाहिए. उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है.
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भाजपा विधायक ने FIR और कड़ी कार्रवाई की मांग की
गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान करोड़ों शिवभक्तों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है. विधायक ने रशीदी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की भी मांग की. उन्होंने यह भी कहा कि मामले में कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जताई आपत्ति
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी मौलाना के बयान की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप नहीं है तथा समाज में सौहार्द बिगाड़ने वाले बयान स्वीकार नहीं किए जा सकते. उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा से बचना चाहिए.
मेरठ की घटना का दिया हवाला
मौलाना साजिद रशीदी ने अपने बयान में मेरठ के दौराला क्षेत्र में हुई उस घटना का जिक्र किया, जिसमें कांवड़ यात्रा के दौरान विवाद के बाद कुछ लोगों पर पुलिसकर्मियों से मारपीट करने का आरोप लगा था. उनका कहना था कि हिंसा, नशाखोरी और कानून हाथ में लेने वाले लोगों को शिवभक्त नहीं कहा जा सकता. हालांकि उनके इस बयान पर कई संगठनों और नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है.
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डिंपल यादव टिप्पणी के बाद भी रहे थे विवादों में
इससे पहले मौलाना साजिद रशीदी ने एक टीवी बहस के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव पर विवादित टिप्पणी की थी. उस बयान के बाद भी राजनीतिक विवाद हुआ था और नोएडा में एक टीवी डिबेट के दौरान उन्हें थप्पड़ मारने की घटना सामने आई थी. अब कांवड़ियों को लेकर दिए गए बयान के बाद एक बार फिर उनका नाम राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया है.


