बेगूसराय। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने हाल ही में कांग्रेस, राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रस्तावित रैलियों, रिजीम चेंज (सत्ता परिवर्तन) के बयानों और देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर खुलकर बोलते हुए उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विपक्ष की राजनीति सिर्फ भ्रम फैलाने और अराजकता पैदा करने तक सीमित रह गई है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का चहुंमुखी विकास और गरीब कल्याण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

​राहुल गांधी के दावों पर कटाक्ष

​दिल्ली के रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों के जुटने के विपक्ष के दावों पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी टीम का इतिहास हमेशा से जनता को गुमराह करने का रहा है। आज वे 10 लाख लोगों के आने का दावा कर रहे हैं, तो कल कहेंगे कि रैली में 20 लाख लोग आए थे। झूठ बोलना ही इनकी कार्यशैली बन चुकी है।
​उन्होंने सवाल किया कि अगर विपक्ष के पास वास्तव में जनसमर्थन होता, तो वे देश के चुनावों में इस तरह बुरी तरह पराजित क्यों होते। संसद का घेराव हो या प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचने की कोशिश, विपक्ष हमेशा से लोकतांत्रिक व्यवस्था को बाधित करने की फिराक में लगा रहता है।

​रिजीम चेंज के बयानों पर इमरजेंसी की याद

​विपक्ष द्वारा लगातार रिजीम चेंज की बात दोहराए जाने पर गिरिराज सिंह ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) के ऐतिहासिक आंदोलन का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जेपी के नाम को इस राजनीतिक बहस में घसीटने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि जेपी के आदर्शों और आज के विपक्ष की सोच में जमीन-आसमान का अंतर है।
​जयप्रकाश नारायण ने देश में लोकतंत्र की बहाली और तानाशाही के खिलाफ एक पवित्र लड़ाई लड़ी थी, जबकि आज का रिजीम चेंज का एजेंडा सीधे तौर पर आपातकाल के दौर की याद दिलाता है। उस दौर में लोकतंत्र के चारों स्तंभों को कुचला गया था और आम जनता की आवाज दबा दी गई थी। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी के दबाव में नहीं, बल्कि देश की जनता के आशीर्वाद से सत्ता में आए हैं और वे तब तक देश की सेवा करते रहेंगे जब तक गरीबों का आशीर्वाद उनके साथ है।

ईवीएम और बैलेट पेपर पर दोहरे मापदंड

​इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर बार-बार सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों को घेरते हुए गिरिराज सिंह ने केरल, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक राज्यों का उदाहरण दिया। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर ईवीएम में धांधली होती है या वह खराब है, तो फिर इन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें कैसे अस्तित्व में आईं? क्या कांग्रेस इन राज्यों में अपनी सरकारों को अवैध घोषित कर उन्हें निरस्त करने की हिम्मत जुटाएगी?
​बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर उन्होंने त्रिपुरा और विभिन्न स्थानीय निकाय चुनावों का हवाला दिया, जहां त्रिपुरा की ग्राम समितियों और चुनावों में विपक्ष का पूरी तरह सफाया हो गया था। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि चुनावों में अब वोट की चोरी पूरी तरह बंद हो चुकी है। देश की जागरूक जनता ने चोरों को वोट देना ही बंद कर दिया है, और जब भी चुनाव में हार मिलती है, तो विपक्ष हर बार अपनी नाकामी छुपाने के लिए नए बहाने तलाशने लगता है।