Business Desk – Gold Silver Price Today : पिछले एक सप्ताह में सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है। लगातार गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं में आई तेजी ने निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ा दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के मुताबिक, 17 जुलाई से 23 जुलाई के बीच सोने का भाव करीब 3,300 रुपए प्रति 10 ग्राम बढ़ा, जबकि चांदी में करीब 6,000 रुपए प्रति किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या अब सोने-चांदी में नई तेजी शुरू हो चुकी है या अभी भी निवेश में सावधानी बरतने की जरूरत है।

आज क्या है सोने का भाव?

देश के अलग-अलग शहरों में 25 जुलाई को सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। दिल्ली और जयपुर में 22 कैरेट सोना 1,32,440 रुपए प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना 1,44,470 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में 22 कैरेट सोने का भाव 1,32,290 रुपए और 24 कैरेट सोने का भाव 1,44,320 रुपए प्रति 10 ग्राम है। अहमदाबाद और भोपाल में 22 कैरेट सोना 1,32,340 रुपए तथा 24 कैरेट सोना 1,44,370 रुपए प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। वहीं लखनऊ और चंडीगढ़ में भी कीमतें दिल्ली के बराबर बनी हुई हैं।

चांदी का ताजा रेट क्या है?

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। 25 जुलाई की सुबह घरेलू बाजार में चांदी 2,34,900 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। वहीं रॉयटर्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 58.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। इसके अलावा प्लेटिनम का भाव 1,587.17 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया।

एक सप्ताह में कितनी बढ़ीं कीमतें?

एमसीएक्स के अनुसार, 17 जुलाई को सोने की कीमत 1,40,792 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जो 23 जुलाई तक बढ़कर 1,44,089 रुपए पहुंच गई। यानी महज एक सप्ताह में करीब 3,300 रुपए की तेजी आई।

इसी अवधि में चांदी का भाव 2,15,936 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,22,834 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया। हालांकि 23 जुलाई को दोनों धातुओं में हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

क्यों आई सोने-चांदी में तेजी?

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नरवेकर के मुताबिक, हालिया तेजी के पीछे कई वजहें हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित टैरिफ, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की लगातार सोने की खरीदारी और हाल की गिरावट के बाद निवेशकों की डिप बायिंग ने बाजार को मजबूती दी है।

उनके अनुसार यह तेजी फिलहाल बाजार के ट्रेंड में बड़े बदलाव का संकेत नहीं है, बल्कि गिरावट के बाद आई खरीदारी का असर ज्यादा है।

डिप बायिंग से लौटा निवेशकों का भरोसा

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी का कहना है कि ब्याज दरों को लेकर दबाव बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों ने गिरावट का फायदा उठाते हुए सोने में खरीदारी की।

उन्होंने कहा कि गोल्ड ईटीएफ में बढ़ते निवेश, मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और शेयर बाजार की ऊंची वैल्यूएशन ने भी सोने और चांदी की कीमतों को सहारा दिया है।

अभी निवेशकों को क्या करना चाहिए?

वेदिका नरवेकर का कहना है कि जिन निवेशकों ने पहले से सोने या चांदी में निवेश किया हुआ है, उन्हें बाजार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव से घबराकर अपनी होल्डिंग नहीं बेचनी चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फिलहाल होल्ड की रणनीति बेहतर मानी जा रही है।

अगर कोई नया निवेशक गोल्ड या सिल्वर में निवेश करना चाहता है, तो पूरी रकम एक साथ लगाने से बचना चाहिए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चरणबद्ध तरीके (SIP या किस्तों में) निवेश करने से औसत खरीद मूल्य बेहतर रहता है और ऊंचे स्तर पर निवेश का जोखिम भी कम हो जाता है।

किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट का तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक सोने-चांदी की दिशा तय करेंगी। यदि ब्याज दरों को लेकर कोई बड़ा फैसला आता है तो उसका असर सीधे कीमती धातुओं की कीमतों पर दिखाई दे सकता है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम लेवल

रिद्धिसिद्धि बुलियन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए 4,000 डॉलर और 4,200 डॉलर महत्वपूर्ण स्तर हैं। वहीं चांदी के लिए 55 डॉलर और 63 डॉलर अहम स्तर माने जा रहे हैं।

घरेलू बाजार में वेदिका नरवेकर के मुताबिक एमसीएक्स पर सोने के लिए 1,47,400 रुपए और 1,52,000 रुपए प्रति 10 ग्राम प्रमुख रेजिस्टेंस लेवल हैं। वहीं 1,39,000 रुपए और 1,36,000 रुपए प्रति 10 ग्राम मजबूत सपोर्ट लेवल माने जा रहे हैं।

क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों की राय है कि हालिया रिकवरी को देखते हुए जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। जिन निवेशकों के पास पहले से सोना या चांदी है, वे लंबी अवधि के नजरिए से निवेश बनाए रख सकते हैं। वहीं नए निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित रणनीति किस्तों में निवेश करना मानी जा रही है।

इससे बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कम होगा और बेहतर औसत कीमत पर निवेश का मौका भी मिलेगा। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक फैसले यह तय करेंगे कि सोना-चांदी की यह तेजी आगे और मजबूत होती है या फिर बाजार में दोबारा दबाव देखने को मिलता है।